पश्चिम बंगाल: 12 साल के बच्ची की हत्या के बाद बारुईपुर में तनाव, धारा 163 लागू

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक 12 वर्षीय किशोरी का शव मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव है. इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में आग लगा दी गई और रेलवे लाइनों व सड़कों को जाम कर दिया गया. इस दौरान एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या भी कर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने इलाके में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' की धारा 163 (कर्फ्यू से जुड़ी धारा) लागू कर दी है.

रविवार, 5 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में विरोध-प्रदर्शन करने स्थानीय लोग. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाव के बारुईपुर इलाके में शनिवार (4 जुलाई) से लापता एक 12 साल की बच्ची का शव रविवार को बरामद किया गया, जिसके बाद इलाके में तनाव और हिंसक विरोध-प्रदर्शन देखने के मिले. इस पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल पुलिस ने इलाके में ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ की धारा 163 (कर्फ्यू से जुड़ी धारा) लागू कर दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक, शव बरामद होने वाले दिन ही प्रदर्शन के दौरान इस अपराध के शक में एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.

खबरों के अनुसार, इन दो हत्याओं को लेकर पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है. इसके अलावा एक तीसरी एफआईआर हमले में पुलिसकर्मियों के घायल होने के संबंध में दर्ज की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस समेत कई अख़बारों ने रिपोर्ट दी है कि बच्ची की हत्या से जुड़ी एफआईआर में पॉक्सो के तहत रेप का आरोप शामिल नहीं है.

उल्लेखनीय है कि राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच इस घटना की जांच के लिए छह सदस्यों वाले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है और अब तक इस मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नाराज़ स्थानीय लोगों ने शुरू में नाबालिग का शव पुलिस को नहीं सौंपा. वहीं, प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में आग लगा दी गई और रेलवे लाइनों व सड़कों को जाम कर दिया गया.

इस संबंध में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मृतक लड़की के पिता से बात की और परिवार को सात जुलाई को कोलकाता के भवानी भवन बुलाया है. मुख्यमंत्री के इस कदम पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में ममता बनर्जी के वफादार गुट ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उस इलाके में जाने से रोका गया है.

इस घटना को लेकर टीएमसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी बारुईपुर जाना चाहती थीं. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, उन्हें बाहर जाने से रोकने के लिए उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और बैरिकेड्स लगा दिए गए. उन्हें रोकने की इन तमाम कोशिशों के बाद भी हम न्याय की मांग करते हैं. दीदी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’