देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच एनटीए के 47 कर्मियों को हटाया

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि ये क़दम एनटीए के संस्थागत पुनर्निर्माण की दिशा में पहला ठोस प्रयास हैं. इससे पहले देशभर में छात्रों के पेपर लीक के ख़िलाफ़ आंदोलन के बीच उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय में भेज कर उनकी जगह पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार को नियुक्त किया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. मामले से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को बताया कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक सहित कई परीक्षा विवादों के बाद एजेंसी में किए जा रहे ‘बड़े बदलाव’ के तहत यह कार्रवाई की गई है.

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब जंतर-मंतर पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

साथ ही एक दिन पहले उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय में भेज कर उनकी जगह पर केंद्र सरकार ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि, नौकरी से हटाने के अलावा कुछ अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है. हालांकि, एनटीए ने अब तक जिन अधिकारियों को हटाया है, उनके नाम, पद या कार्रवाई के खास कारणों का खुलासा नहीं किया है.

पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए में पुनर्गठन की शुरुआत

एजेंसी में यह व्यापक बदलाव पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति (एचएलसीई) की सिफारिशों के आधार पर किया जा रहा है. जून 2024 में गठित सात सदस्यीय समिति ने 21 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.

समिति ने सुझाव दिया था कि एनटीए में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम करने वाले कर्मचारियों की जगह स्थायी और जवाबदेह कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए.

इसी प्रक्रिया के तहत एनटीए ने चार नए जनरल मैनेजर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. ये पद आकलन अनुसंधान एवं साइकोमेट्रिक्स (Assessment Research and Psychometrics), परीक्षा केंद्र नेटवर्क एवं संचालन, सूचना सुरक्षा और सतर्कता, जांच एवं फॉरेंसिक से संबंधित होंगे. इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल पदों के लिए भी विज्ञापन जारी किया गया है.

एनटीए ने एक बयान में कहा, ‘ये कदम एनटीए के संस्थागत पुनर्निर्माण की दिशा में पहला ठोस प्रयास हैं. उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति द्वारा सुझाए गए दस कार्यात्मक क्षेत्रों में आगे भी भर्ती और संस्थागत सशक्तिकरण से जुड़े कदम आने वाले हफ्तों में उठाए जाएंगे.’

अधिकारियों ने कहा, ‘एनटीए में पूरी तरह से बदलाव किया जाएगा और सुधार के कदम उठाए जाएंगे.’

संविदा कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने की तैयारी

बताया जा रहा है कि यह भर्ती अभियान एनटीए की संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है.

एनटीए में स्वीकृत 39 स्थायी पद हैं, जिन्हें प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के आधार पर भरा जाना है, लेकिन इनमें से फिलहाल केवल 24 पद ही भरे गए हैं. वर्तमान में एजेंसी 73 संविदा कर्मचारियों और 124 आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे काम कर रही है.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में एनटीए ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों से नौ वरिष्ठ पदों के लिए आवेदन मांगे थे. इनमें तीन संयुक्त निदेशक, दो उपनिदेशक, दो सहायक निदेशक, एक अनुसंधान वैज्ञानिक (सी) और एक वरिष्ठ अधीक्षक (लेखा) का पद शामिल है.

मई में भी एजेंसी ने मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) और महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जैसे तीन विशेषज्ञ नेतृत्व पदों का विज्ञापन जारी किया था.

2027 से कंप्यूटर आधारित होगी नीट परीक्षा

एनटीए में हो रहे इस व्यापक बदलाव का असर परीक्षा प्रणाली पर भी पड़ेगा. 2027 से नीट-यूजी परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जाएगी, जिससे मौजूदा पेन-एंड-पेपर प्रणाली समाप्त हो जाएगी.

इस वर्ष 21 जून को आयोजित नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. इससे पहले 3 मई को हुई मूल परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया था.

इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कर रही है. अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सीबीआई के इस महीने के अंत तक अपनी आरोपपत्र दाखिल करने की संभावना है.