नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पांडेयपुर स्थित ‘सरीन सोनी प्ले स्कूल’ के मैनेजमेंट और एक टीचर के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है. आरोप है कि यहां नर्सरी में पढ़ने वाले एक पांच साल के बच्चे द्वारा पैंट में पेशाब करने के बाद गुस्से में शिक्षिका ने उसके प्राइवेट पार्ट को गर्म चाकू से दाग दिया.
इस मामले में पीड़ित बच्चे के पिता, जो पेशे से वकील हैं, की शिकायत पर प्ले स्कूल की शिक्षिका प्रीति कुशवाहा, प्रिंसिपल हेमलता सिंह और स्कूल मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 118(1) (खतरनाक हथियारों या तरीकों से जान-बूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 115(2) (जान-बूझकर चोट पहुँचाना) के तहत दर्ज किया गया है.
इस संबंध में वाराणसी पुलिस ने ‘द वायर’ को बताया कि आरोपियों से पूछताछ तो की गई है, लेकिन आगे की पुलिस कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल हो सकती है, बच्चे की मेडिकल जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी.
पुलिस शिकायत के अनुसार, यह घटना शुक्रवार (24 जुलाई) की है, जब पांच साल के बच्चे ने अपनी टीचर प्रीति कुशवाहा से शौचालय जाने की अनुमति मांगी थी.
शिकायत में कहा गया है कि टीचर के मना करने पर बच्चे ने गलती से अपनी पैंट में ही पेशाब कर दिया, जिसके बाद शिक्षिका गुस्से में बच्चे को एक अलग कमरे में ले गईं और एक चाकू को लाल होने तक गर्म किया और फिर उससे बच्चे के प्राइवेट पार्ट को जला दिया.
पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इस दौरान शिक्षिका ने बच्चे को पीटा भी और धमकी दी कि अगर उसने दोबारा वही गलती की, तो उसे और भी बुरे नतीजे भुगतने होंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि घर लौटने पर बच्चे ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई. पिता ने कहा कि बेटे से बात करने के तुरंत बाद उन्होंने आरोपी टीचर को फोन करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.
इसके बाद उनकी पत्नी ने प्रिंसिपल हेमलता सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने कथित तौर पर इस बात को नज़रअंदाज़ करते हुए कहा, ‘जो करना है करो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.’
पिता ने बताया कि जब वे शनिवार (25 जुलाई) को स्कूल मैनेजर से व्यक्तिगत रूप से मिले, तो वहां भी उन्हें वैसा ही जवाब मिला.
उल्लेखनीय है कि लालपुर-पांडेयपुर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी (एसएचओ) अतुल कुमार सिंह, जहां एफआईआर दर्ज की गई है, ने ‘द वायर’ को बताया कि हालांकि अभी अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन शुरुआती जांच से पता चलता है कि बच्चे के अंग को किसी गर्म चीज़ से जलाया गया है.
सिंह ने कहा, ‘जहां बच्चे को चोट दी गई है, वहां निशान साफ दिख रहा है. हालांकि, चोट कितनी गंभीर है, इसका सही पता डॉक्टरों की आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा.’
उन्होंने आगे कहा कि गिरफ़्तारी के बारे में फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि ‘मेडिकल सबूत अपराध की गंभीरता को किस श्रेणी में रखते हैं.’
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि डॉक्टर ही तय करेंगे कि चोट कितनी गंभीर हो सकती थी या कितनी गंभीर है.
इस मामले को लेकर कैंटोनमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस अपूर्व पांडे ने पुष्टि की है कि इसमें कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और भरोसा दिलाया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है; समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ‘बेहद गंभीर’ मामला बताया है.
उन्होंने इस बात की भी चेतावनी दी है कि इस घटना का बच्चे पर लंबे समय तक मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘ये एक बेहद गंभीर मामला है जिसका दर्दनाक और ख़ौफ़नाक असर उस बच्चे पर जीवनभर हो सकता है. टीचर्स में इतनी समझ तो होनी चाहिए कि उन्हें बच्चों से हमदर्दी और इंसानियत से पेश आना चाहिए. तत्काल यथोचित कार्रवाई हो!’
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