राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ह्विसिलब्लोअर ने एसआईटी को भेजे ईमेल में चंपत राय की भूमिका का ज़िक्र किया

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ह्विसिलब्लोअर और मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने विशेष जांच दल को एक ईमेल के जरिए अपना बयान भेजा है, जिसमें उन्होंने मंदिर प्रबंधन पर कई नए आरोप लगाए हैं. इन आरोपों में मंदिर ट्रस्ट के पूर्व सचिव चंपत राय का भी ज़िक्र है, जिन्होंने 7 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (बाएं), चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी एक व्यक्ति के साथ. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ह्विसिलब्लोअर और मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी (अकाउंट्स हेड) महिपाल सिंह ने 27 जुलाई को इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) को एक ईमेल के जरिए अपना बयान भेजा है.

यूट्यूब चैनल ‘टॉप सीक्रेट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चैनल के पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि महिपाल सिंह ने अपने बयान में मंदिर प्रबंधन पर कई नए आरोप लगाए हैं. इन आरोपों में मंदिर ट्रस्ट के पूर्व सचिव चंपत राय का भी ज़िक्र है, जिन्होंने 7 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

महिपाल सिंह, जो इस मामले के ह्विसिलब्लोअर्स में से एक हैं, ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के निर्माण पर लगभग 2,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि इसकी अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये थी.

उन्होंने यह भी दावा किया कि चंपत राय के कार्यकाल में राम मंदिर ट्रस्ट ने कुछ ‘विवादित’ संपत्तियां खरीदीं, जिनका कब्ज़ा खरीदारों को अब तक नहीं मिला है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि सिंह ने चंपत राय के पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव के खिलाफ पहले लगाए गए आरोपों को भी दोहराया है. उनके अनुसार, टिन्नू यादव उन कर्मचारियों में शामिल थे जो ट्रस्ट के फंड की गिनती करते थे. आरोप है कि वह नकद चढ़ावे के बंडलों में से हर ग्यारहवां, बारहवां और तेरहवां बंडल अपने साथ ले जाते थे.

जैसा कि ‘द वायर‘ ने पहले अपनी रिपोर्ट में बताया था, महिपाल सिंह और मंदिर ट्रस्ट के बीच संबंध 2022 में ही खराब हो गए थे. उस समय उन्होंने अयोध्या के एक स्थानीय निवासी से मंदिर परिसर के भीतर कथित भ्रष्टाचार के बारे में अपनी आपबीती साझा की थी.

सिंह ने उस समय कहा था, ‘वहां जिस तरह का भ्रष्टाचार हो रहा था, उसे देखकर मैं डर गया था.’

एसआईटी को भेजे अपने बयान में सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि ‘नकदी के अलावा टिन्नू यादव काउंटिंग रूम से चढ़ावे में मिली दूसरी वस्तुएं भी ले जाते थे. उनकी तस्वीरें खींचकर चंपत राय को भेजी जाती थीं.’

गौरतलब है कि हाल ही में अयोध्या में सैकड़ों साधु-संतों ने एकत्र होकर चंपत राय के समर्थन में उन्हें ‘क्लीन चिट’ दिए जाने की मांग की थी.