नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने अडानी समूह की कंपनियों की दो परियोजनाओं के लिए करीब 83,700 वर्ग फुट वन भूमि के डायवर्जन को मंजूरी दी है. अधिकारियों के अनुसार, रायगढ़ और अमरावती में स्थित इन परियोजनाओं में अलीबाग में प्रस्तावित सीमेंट टर्मिनल के लिए आरक्षित वन भूमि के साथ-साथ मैंग्रोव वन भूमि भी शामिल है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग ने सोमवार (10 अगस्त) को दो अलग-अलग सरकारी प्रस्ताव जारी किए. इनके तहत अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड और अडानी टोटल गैस लिमिटेड को संबंधित परियोजनाओं के लिए वन भूमि के गैर-वनीय उपयोग में परिवर्तन की अनुमति दी गई है.
सबसे बड़ा डायवर्जन 0.6497 हेक्टेयर, यानी करीब 69,933 वर्ग फुट भूमि का है. इसमें रायगढ़ जिले की अलीबाग तहसील के शाहापुर और शाहबाज गांवों में स्थित आरक्षित वन, नाला मैंग्रोव वन और क्रीक मैंग्रोव वन भूमि शामिल है.
यह भूमि अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड को उसके रायगढ़ सीमेंट बल्क टर्मिनल के लिए जहाजों के ठहरने वाले जेट्टी (berthing jetty), बैकअप सुविधाओं वाले कन्वेयर कॉरिडोर और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए दी गई है.
हालांकि, सरकारी आदेश में इस अनुमति को कुछ शर्तों के अधीन रखा गया है. इनमें वन अधिकारियों को डायवर्ट की गई भूमि में बिना किसी बाधा के प्रवेश की अनुमति देना भी शामिल है.
आदेश में कहा गया है कि अगर कंपनी वन अधिकारियों की पहुंच को प्रतिबंधित करती है या उनके काम में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करती है, तो वन भूमि को गैर-वनीय उपयोग में बदलने की अनुमति वापस ली जा सकती है.
दूसरे आदेश में सरकार ने 0.1281 हेक्टेयर, यानी करीब 13,788 वर्ग फुट, आरक्षित और चिह्नित वन भूमि को अडानी टोटल गैस लिमिटेड के लिए डायवर्ट करने की मंजूरी दी है.
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी इस भूमि का इस्तेमाल भूमिगत स्टील पाइपलाइन बिछाने के लिए करेगी. इस पाइपलाइन के जरिए अमरावती शहर और आसपास के इलाकों में प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क स्थापित किया जाएगा.
दोनों सरकारी आदेशों में कुल मिलाकर करीब 0.78 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है. रायगढ़ की परियोजना में मैंग्रोव वन भूमि भी शामिल है, जबकि अमरावती की परियोजना में आरक्षित और चिह्नित वन भूमि शामिल है.
हालांकि, सरकारी आदेशों में प्रतिपूरक वनीकरण के लिए किए जाने वाले उपायों व संबंधित अन्य शर्तों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है. आदेशों में केवल उन्हीं शर्तों का उल्लेख है जिन्हें संबंधित मंजूरियों के साथ स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है.
