यूपी: इटावा में कथावाचक के साथ जातिगत दुर्व्यवहार, यादव होने के चलते पीटने का आरोप

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के एक गांव में दो कथावाचकों के साथ उनकी जाति को लेकर मारपीट और अपमानजनक बर्ताव किया गया. पीड़ितों के अनुसार वे यादव समुदाय से हैं, इसलिए उनके साथ कथित ऊंची जाति के लोगों द्वारा ऐसा अभद्र बर्ताव किया गया.

कथावाचक का मुंडन करते कथित ऊंची जाति के लोग. (फोटो: वीडियोग्रैब/@yadavakhilesh)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र स्थित दादरपुर गांव में दो कथावाचकों के साथ उनकी जाति को लेकर मारपीट और अपमानजनक बर्ताव किया गया. घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कथावाचक के बाल और चोटी जबरन काटे जा रहे हैं, और उन्हें एक महिला के पैर छूने और ज़मीन पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. भीड़ ने कथावाचकों का हारमोनियम भी तोड़ डाला.

पीड़ितों के अनुसार, वे यादव समुदाय से आते हैं, इसलिए उनके साथ ‘ऊंची जाति’ के लोगों द्वारा ऐसा अभद्र बर्ताव किया गया. 

उल्लेखनीय है कि यूपी में यादव समुदाय ओबीसी के अंतर्गत आता है.

पीड़ितों का कहना है कि वे गांव-गांव जाकर धार्मिक कथा कहते हैं और इसी क्रम में वे दादरपुर पहुंचे थे. लेकिन वहां कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोगों ने उनकी जाति पूछी और यादव होने की बात सामने आने पर उन्हें बंधक बनाकर पीटा गया. पीड़ितों पर कथावाचक होने का ‘ढोंग’ करने का आरोप लगाया गया.

कथावाचक मुकुट मणि यादव के सहायक संत सिंह यादव ने बताया कि उन्हें बुरी तरह पीटा गया और जबरन अपमानजनक कृत्य करने को मजबूर किया गया. आरोप है कि उनके ऊपर मानव मूत्र का छिड़काव भी किया गया और कुछ पैसे भी छीन लिए गए.

उन्होंने कहा, ‘आरोपियों ने हमसे कहा कि यादव हो कर ब्राह्मणों के गांव में कथा करने आते हो, और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी.’ 

मुकुट मणि यादव ने बताया कि गांव में कथा आयोजित करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन जैसे ही कथा शुरू की गई, स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उन्हें गालियां दी गईं. पीड़ित पक्ष ने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. 

पुलिस ने लिया संज्ञान, जांच जारी

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है. इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

एसएसपी के अनुसार, कथावाचकों की अनुमति के बिना उनके बाल काटे गए और उनके साथ अभद्रता की गई. मामले की जांच के लिए एडिशनल एसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है. 

अखिलेश यादव ने की निंदा 

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटने की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. 

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘इटावा के बकेवर इलाके के दान्दरपुर गांव में भागवत कथा के दौरान कथावाचक और उनके सहायकों की जाति पूछने पर पीडीए की एक जाति बताने पर, कुछ वर्चस्ववादी और प्रभुत्ववादी लोगों ने साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके बाल कटवाए, नाक रगड़वाई और इलाके की शुद्धि कराई. हमारा संविधान जातिगत भेदभाव की अनुमति नहीं देता है, ये व्यक्ति की गरिमा और प्रतिष्ठा से जीवन जीने के मौलिक अधिकार के विरुध्द किया गया अपराध है. सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ़्तारी हो और यथोचित धाराओं में मुक़दमा दर्ज़ किया जाए.’

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि ‘अगर आगामी 3 दिनों में कड़ी कार्रवाई नही हुई तो हम ‘पीडीए के मान-सम्मान की रक्षा’ के एक बड़े आंदोलन का आह्वान कर देंगे.’