नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने कहा है कि बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को पुलिस अकेले नहीं रोक सकती. उन्होंने इसके लिए ‘समाज के नैतिक पतन,’ खासकर मोबाइल और इंटरनेट के जरिए आसानी से उपलब्ध हो रहे पोर्नोग्राफिक कंटेंट को जिम्मेदार ठहराया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को एक समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डीजीपी मकवाना ने कहा, ‘जिस तरह से इंटरनेट पर पोर्न परोसा जा रहा है, उससे बच्चों का मानसिक संतुलन बिगड़ रहा है. बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के पीछे कई वजहें हैं, इनमें इंटरनेट, मोबाइल फोन, अश्लील सामग्री की उपलब्धता और शराब का सेवन भी शामिल है.’
उन्होंने कहा, ‘आज मोबाइल फोन से कोई कहीं से भी किसी से जुड़ रहा है. समाज में नैतिकता का जो पतन हो रहा है, उसके पीछे कई कारण हैं. इसे सिर्फ पुलिस के ज़रिए नियंत्रित नहीं किया जा सकता.’
डीजीपी ने यह भी कहा कि पहले बच्चे शिक्षकों और घर के बड़े-बुज़ुर्गों की बात सुनते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. उन्होंने कहा, ‘आज किसी घर में कोई किसी पर नज़र नहीं रख पा रहा है. सभी सीमाएं टूट रही हैं.’
उन्होंने यह भी कहा कि ‘जिस तरह से इंटरनेट पर अश्लील सामग्री परोसी जा रही है, वह निश्चित रूप से बच्चों के दिमाग को विकृत कर रहा है. यही कारण है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं.’
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पिछले विधानसभा सत्र में राज्य सरकार ने सूचित किया था कि वर्ष 2024 में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए. राज्य गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में बलात्कार के 6134 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गए. यानि चार वर्षों में इनमें करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
