गुजरात: स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं को बुर्का पहने आतंकी दिखाया गया, आलोचना

गुजरात के भावनगर में नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रस्तुत नाटक में आंतकवादियों का किरदार निभाने वाली छात्राओं ने बुर्का पहना था, जिसकी चौतरफा आलोचना हो रही है. स्कूल का कहना है कि नाटक पहलगाम हमले पर आधारित था और उनका इरादा किसी समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था.

(इलस्ट्रेशन साभार: Pixabay/ Ria Kartika)

नई दिल्ली: गुजरात के भावनगर में नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रस्तुत किए गए एक नाटक को लेकर विवाद पैदा हो गया है. इस नाटक में छात्राओं को बुर्का पहनाकर आतंकवादियों के रूप में पेश किया गया, जिसकी चौतरफा आलोचना हो रही है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद आधिकारिक जांच की मांग की गई है.

बताया गया है कि यह नाटक, जो कथित तौर पर पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित था, में सफ़ेद सलवार-कमीज़ और नारंगी दुपट्टा पहने लड़कियां पृष्ठभूमि में बज रहे शांतिपूर्ण कश्मीर का वर्णन करने वाले एक गीत पर नृत्य करती दिखाई दे रही हैं. इसके अगले दृश्य में बुर्का पहने कुछ लड़कियां, जो आतंकवादियों की भूमिका में हैं, बंदूकें लिए प्रवेश करती हैं और नृत्य करती लड़कियों पर गोली चला देती हैं.

इस नाटक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इसमें स्कूली छात्राओं को आतंकवादियों के तौर पर पेश करने के लिए बुर्का पहनाने को लेकर आलोचना हो रही हैं. कुछ लोगों का आरोप है कि इससे सांप्रदायिक भावनाएं आहत हो सकती हैं.

सोशल मीडिया पर आई तीखी प्रतिक्रिया के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र दवे ने कहा कि यह नाटक पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर आधारित था, जिसे स्कूल के कन्या विद्यालय विभाग की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया था.

इस संबंध में दवे ने बताया, ‘नाटक में कुछ छात्रों ने आतंकवादियों का, कुछ ने सैनिकों का और कुछ ने पीड़ित महिलाओं का किरदार निभाया. जिन छात्रों को आतंकवादियों की भूमिका दी गई थी, उन्हें काले कपड़े पहनने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, उन्होंने बुर्का पहनना चुना. हमारा उद्देश्य किसी भी समुदाय या समूह को ठेस पहुंचाना नहीं था. हमारा मकसद छात्रों में स्वतंत्रता दिवस और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान बढ़ाना था.’

स्कूल ने स्पष्ट किया कि यह नाटक छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के प्रयासों का हिस्सा था, और इसके पीछे किसी भी सांप्रदायिक या राजनीतिक मंशा से इनकार किया.

गौरतलब है कि भावनगर नगर निगम की प्राथमिक शिक्षा समिति के प्रशासनिक अधिकारी मुंजाल बलदानिया ने कहा कि यह मामला सोशल मीडिया के ज़रिए उनके ध्यान में लाया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

बलदानिया ने कहा, ‘वीडियो की जांच चल रही है. बीच में छुट्टियां थीं, लेकिन जांच पूरी होने के बाद हम स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे. चूंकि, स्कूल भावनगर नगर निगम द्वारा संचालित है, इसलिए प्राथमिक शिक्षा समिति पूछताछ और आगे की कार्रवाई करेगी.’