टिस: जीएन साईबाबा की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम को लेकर छात्रों को हिरासत में लिया गया

मुंबई पुलिस ने सोमवार को टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा की पहली पुण्यतिथि पर एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित किया था.

13 अक्टूबर की शाम मुंबई स्थित टीस के कैंपस में मौजूद पुलिस की गाड़ी. (फोटो: अरेंजमेंट)

नई दिल्ली: मुंबई पुलिस ने सोमवार (13 अक्टूबर) को टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) के कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. इन छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा की पहली पुण्यतिथि पर एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित किया था.

छात्रों के मुताबिक, वे बस कैंपस में इकट्ठा हुए थे. उनके पास साईबाबा के पोस्टर थे और उन्होंने कुछ मोमबत्तियां जलाईं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कम से कम दस छात्रों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं लगाई हैं, जिनमें ‘राष्ट्रविरोधी भावना फैलाने’, ‘समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने’ और ‘ग़ैरक़ानूनी जमावड़ा’ जैसी धाराएं शामिल हैं.

जीएन साईबाबा (उनका 90 प्रतिशत शरीर काम नहीं करता था और आजीवन व्हीलचेयर पर थे) पर प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से कथित संबंध रखने का आरोप लगाकर उन्हें दस साल तक जेल में रखा गया था. हालांकि, पिछले साल की शुरुआत में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था.

लेकिन उसके कुछ महीनों बाद ही उनकी पहले से ही खराब सेहत बिगड़ गई और 12 अक्टूबर 2024 को उनका निधन हो गया.

कैंपस में क्या हुआ था

छात्रों ने बताया कि कार्यक्रम महज़ कुछ छात्रों का एक साथ शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होना मात्र था. एक छात्र ने द वायर को बताया, ‘कोई नारेबाज़ी या भाषण नहीं हुआ. हम बस कुछ देर वहां खड़े रहे.’ 

कुछ ही देर में डेमोक्रेटिक सेक्युलर स्टूडेंट्स फोरम से जुड़े दक्षिणपंथी छात्र वहां पहुंचे और कथित तौर पर साईबाबा की तस्वीरें फाड़ दीं. एक स्नातकोत्तर छात्र ने कहा, ‘उन्होंने हमारी तस्वीरें खींचीं, गालियां दीं और साईबाबा की तस्वीरें फाड़ दीं.’

थोड़ी देर में कुछ दक्षिणपंथी सोशल मीडिया हैंडल्स ने इन तस्वीरों को पोस्ट कर मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को टैग करना शुरू कर दिया. जिसके बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की.

छात्रों के अनुसार, सोमवार की शाम मुंबई के ट्रॉम्बे थाने की पुलिस (जिसके अंतर्गत टिस कैंपस आता है) कई वैन लेकर पहुंची और पूरे कैंपस में घूमने लगी.

उन्होंने बताया कि पुलिस देर शाम तक कैंपस में रही और कई छात्रों से पूछताछ करती रही. कैंपस में मौजूद एक छात्र ने रात 11 बजे द वायर को बताया, ‘अभी तक कम से कम चार छात्रों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस कुछ और छात्रों के भी पते मांग रही है.’  

एक अन्य छात्र ने बताया कि पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन जब्त कर लिए हैं.

संस्थान का पक्ष और नए आरोप

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, टिस प्रशासन को इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया से मिली. संस्थान ने छात्रों पर बिना अनुमति कैंपस में एकत्र होने का आरोप लगाया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रों ने साल 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में लंबे समय से जेल में क़ैद उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए. हालांकि, कार्यक्रम में शामिल छात्रों ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया.

एक छात्र ने बताया कि पुलिस एक वॉरंट लेकर आई थी, जिसे हिरासत में लिए गए एक छात्र को सौंपा गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वह गिरफ्तारी वॉरंट था या तलाशी का.

पुलिस अब उन छात्रों की जानकारी भी एकत्र कर रही है जो हिरासत में लिए गए छात्रों के समर्थन में हॉस्टल के बाहर एकत्र हुए थे.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)