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सुकन्या शांता

महाराष्ट्र: मुस्लिम युवक की लिंचिंग के मामले में हिंदुत्ववादी संगठन से जुड़े सभी आरोपी बरी

पुणे के हडपसर स्थित उन्नति नगर मस्जिद के बाहर 2 जून 2014 को एक 24 वर्षीय तकनीकी विशेषज्ञ मोहसिन शेख़ की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह नमाज़ पढ़कर लौट रहे थे. सभी 21 आरोपी हिंदू राष्ट्र सेना नामक एक कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी संगठन का हिस्सा थे.

छत्तीसगढ़: कार्यकर्ता हिड़मे मरकाम जेल से रिहा, पुलिस आतंकवाद के आरोप साबित नहीं कर सकी

छत्तीसगढ़ की जानी-मानी वन अधिकार और क़ैदी अधिकार कार्यकर्ता हिड़मे मरकाम को 9 मार्च 2021 को दंतेवाड़ा में एक सभा के दौरान गिरफ़्तार कर लिया गया था. उन पर हिंसक नक्सली हमलों और हत्या जैसे पांच मामले दर्ज किए गए थे. करीब दो साल की क़ैद के बाद वे रिहा हुई हैं. अब तक वे चार मामलों में बरी हो चुकी हैं, जबकि एक मामला लंबित है.

शीर्ष जांच अधिकारी ने स्वीकारा- एल्गार परिषद आयोजन की भीमा कोरेगांव हिंसा में ‘कोई भूमिका नहीं’

2018 में भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के लिए एल्गार परिषद के आयोजन को ज़िम्मेदार ठहराते हुए इसके कुछ प्रतिभागियों समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था. मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के सामने एक पुलिस अधिकारी ने अपने हलफ़नामे में हिंसा में आयोजन की कोई भूमिका होने से इनकार किया है.

भारतीय मुस्लिमों के मानसिक स्वास्थ्य को नए नज़रिये से देखने की ज़रूरत: अध्ययन

बेबाक कलेक्टिव द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में देश में पिछले कुछ वर्षों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और घृणा अपराधों में वृद्धि के कारण मुस्लिम समुदाय के सामने खड़ी हुई सामाजिक, भावनात्मक और वित्तीय मुश्किलों को शामिल किया गया है.

देश की महिला क़ैदियों के बच्चे: वो दोषी नहीं हैं, लेकिन निरपराध ही सज़ा भुगत रहे हैं

विशेष रिपोर्ट: जेल में सज़ा काट रही महिला क़ैदियों के साथ रहने वाले बच्चों को तो तमाम परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है, लेकिन वो जिन्हें मां से अलग कर बाहर अपने बलबूते जीने के लिए छोड़ दिया जाता है, उनके लिए भी परेशानियों का अंत नहीं होता.

अब ईडी करेगी एल्गार परिषद मामले की जांच, सुरेंद्र गाडलिंग पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया

प्रवर्तन निदेशालय ने एल्गार परिषद मामले में जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग पर प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की गतिविधियां संचालित करने के लिए धन जुटाने का आरोप लगाया है. इस संबंध में एक विशेष अदालत के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर गाडलिंग से पूछताछ की अनुमति मांगी गई है.

नगालैंड फायरिंग: सैन्य अधिकारी के ‘जानबूझकर’ अहम सूचना छिपाने से हुई ग्रामीणों की मौत-एसआईटी

दिसंबर 2021 में मोन ज़िले में हुई फायरिंग के मामले में नगालैंड सरकार की एसआईटी ने सेना के टीम कमांडर पर ‘जानबूझकर चूक’ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा लिए गए हिंसक क़दम और चूक को छिपाने के प्रयासों के चलते तेरह आम आदिवासियों की जान गई.

कोविड के बहाने एनसीईआरटी ने समाजशास्त्र की किताब से जातिगत भेदभाव से संबंधित सामग्री हटाई

एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों की सामग्री को ‘व्यवस्थित करने’ और कोविड महामारी के बाद छात्रों पर से पठन सामग्री का भार ‘कम’ करने का हवाला देते हुए एक विशेषज्ञ समिति ने पाठ्यपुस्तकों से जाति, जाति विरोधी आंदोलन, साहित्य और राजनीतिक परिघटनाओं से जुड़े कई मौलिक उल्लेखों को हटा दिया है.

नगालैंड नागरिकों की मौत: एसआईटी के सामने सेना ने कहा, पहचानने में ग़लती से हुई घटना

नगालैंड में दिसंबर माह में सेना की गोलीबारी में हुई आम नागरिकों की मौतों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी. जांच के दौरान एसआईटी के सामने बयान देने वाले सेना के 37 जवान इस बात पर अड़े हैं कि उन्हें जो ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी, वह ग़लत साबित हुई जिसके चलते 13 आम नागरिक मारे गए.

सिलगेर आंदोलन के नेताओं को हिरासत में लिया गया, कार्यकर्ता बोले- प्रतिरोध कुचलने का प्रयास

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सिलगेर गांव में बीते नौ महीनों से सीआरपीएफ कैंप की स्थापना के ख़िलाफ़ ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं. 19 जनवरी को सार्वजनिक परिवहन की बस से आंदोलन के नेताओं का एक समूह राज्यपाल से मिलने रायपुर जा रहा था, जब पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें कोविड नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया और अन्य यात्रियों को बेरोक-टोक जाने दिया.

राजस्थान: दोषियों की सज़ा रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने पॉक्सो क़ानून के प्रावधानों को अनदेखा किया

साल 2016 में बीकानेर के एक स्कूल की छात्रा के बलात्कार और मौत की घटना के बाद दो स्टाफ सदस्यों को इस अपराध को छिपाने का दोषी पाया गया था. अब राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी सज़ा रद्द करते हुए कहा कि वे ‘लड़की की प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश’ कर रहे थे.

जेल में स्टेन स्वामी के साथ हुए दुर्व्यवहार से लोकतंत्र की नींव हिल जानी चाहिएः साथी क़ैदी

एल्गार परिषद मामले में यूएपीए के तहत अक्टूबर 2020 में गिरफ़्तार किए गए 84 वर्षीय आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का जुलाई 2021 में मेडिकल आधार पर ज़मानत का इंतज़ार करते हुए अस्पताल में निधन हो गया था. ज़मानत याचिका ख़ारिज किए जाने के विशेष अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ स्वामी ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसकी सुनवाई उनके गुज़रने के बाद हो रही है.

राजस्थान: क़ैदियों के विरोध के बीच ठिठुरती ठंड में काट दी गई हाई सिक्योरिटी जेल की बिजली

23 नवंबर को अजमेर ज़िले की हाई सिक्योरिटी जेल में अधिकारियों द्वारा बिना किसी सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई. इस क़दम के विरोध में क़ैदी भूख हड़ताल पर चले गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने हार मान ली.

अधिकार कार्यकर्ता रोना विल्सन के आईफोन में पेगासस स्पायवेयर डाला गया था: फॉरेंसिक रिपोर्ट

अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित डिजिटल फॉरेंसिक्स कंपनी आर्सेनल कंसल्टिंग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार क़ैदियों के अधिकार कार्यकर्ता रोना विल्सन के फोन को कई बार सफलतापूर्वक हैक किया गया था.

एल्गार परिषदः सुरेंद्र गाडलिंग का आरोप- दवाइयां मुहैया नहीं करा रहा तलोजा जेल प्रशासन

एल्गार परिषद मामले में आरोपी वकील सुरेंद्र गाडलिंग ने तलोजा सेंट्रल जेल के अधीक्षक पर उनकी दवाइयों की सप्लाई रोकने का आरोप लगाया है. बताया गया कि इन दवाइयों के लिए उनके परिजनों ने निचली अदालत से अनुमति प्राप्त की थी, लेकिन अब अदालती आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है.