मेघालय रैट-होल खदान विस्फोट: 57 एफआईआर दर्ज, 15,000 टन अवैध कोयला जब्त

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनरॉड संगमा ने विधानसभा में बताया कि पूर्वी जयंतिया हिल्स ज़िले के माइनसंगाट-थांग्सको क्षेत्र में हुए विस्फोट के बाद अवैध कोयला खनन से संबंधित 57 एफआईआर दर्ज की गई है और 15,224.72 मीट्रिक टन अवैध रूप से खनन किया गया कोयला जब्त किया गया. साथ ही कोयले से जुड़े अवैध गतिविधियों के संबंध में 14 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में कोयला खदान जहां पांच फरवरी को विस्फोट हुआ था. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मेघालय के मुख्यमंत्री कोनरॉड के. संगमा ने सोमवार (16 फरवरी) को बताया कि 5 फरवरी को रैट-होल कोयला खदान में हुए विस्फोट, जिसमें 33 मजदूरों की मौत हुई, के बाद अवैध कोयला खनन से संबंधित 57 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 60 सदस्यीय विधानसभा को बताया कि पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के माइनसंगाट-थांग्सको क्षेत्र में हुए इस घातक विस्फोट के बाद अवैध कोयले के परिवहन से संबंधित पांच अतिरिक्त एफआईआर तथा विस्फोटक सामग्री की जब्ती से जुड़ी दो एफआईआर भी दर्ज की गईं.

प्रवर्तन संबंधी आंकड़े प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खदान दुर्घटना के बाद 15,224.72 मीट्रिक टन अवैध रूप से खनन किया गया कोयला जब्त किया गया. विस्फोट मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कोयले से जुड़ी अन्य अवैध गतिविधियों के संबंध में भी सात लोगों को गिरफ्तार किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राज्य सरकार अवैध कोयला खनन और अवैध परिवहन को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है.’

उन्होंने सदन को अवगत कराया कि खनन क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है और प्रवर्तन दल लगातार इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं.

मृतकों की संख्या 33 बताते हुए संगमा ने कहा कि अस्थिर भू-स्थितियां, भूमिगत संकरे मार्ग, मलबा तथा मशीनरी और विस्फोटकों की मौजूदगी ने जीवित बचे लोगों और बचावकर्मियों के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न किया.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 14 फरवरी को जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत एक न्यायिक जांच आयोग गठित किया, जो पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के दो दिन बाद अधिसूचित किया गया.

इससे पहले राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर ने सदन को बताया कि राज्य ‘नियमित और टिकाऊ खनन’ की दिशा में सतत रूप से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि तीन परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है और 20 अन्य आवेदन स्वीकृति के उन्नत चरण में हैं.

गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अप्रैल 2014 में खतरनाक रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा. रैट होल खदान चूहों के बिल जैसी होती है, जिसमें संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिसके भीतर मजदूर जाते हैं और कोयला निकालकर लाते हैं. क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के कारण वर्षों से कई जानलेवा घटनाएं हो चुकी हैं.