नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पालघर जिले में सोमवार (2 मार्च) को एक रासायनिक इकाई से खतरनाक ओलियम गैस के बड़े पैमाने पर रिसाव के बाद 1,600 स्कूली छात्रों सहित 2,600 से अधिक लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों ने आंखों में हल्की जलन की शिकायत की.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मुंबई के बाहरी इलाके बोइसर एमआईडीसी क्षेत्र में स्थित भगेरिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक इकाई में दोपहर करीब 2 बजे हुई. 2,500 लीटर क्षमता वाले ओलियम (धुआं छोड़ने वाला सल्फ्यूरिक एसिड) टैंक से गैस रिसाव होने के बाद सफेद धुएं का घना गुबार बन गया, जो तेज हवाओं के कारण तेजी से फैल गया.
इससे लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाके प्रभावित हुए और औद्योगिक क्षेत्र के निवासियों व श्रमिकों में दहशत फैल गई. एहतियात के तौर पर तारापुर विद्यामंदिर से 1,600 छात्रों को और फैक्ट्री व आसपास की औद्योगिक इकाइयों से 1,000 से अधिक श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
पालघर की जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि रिसाव की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन योजना सक्रिय कर दी गई. हालांकि रिसाव का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन फोर्स (एनडीआरएफ), भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) और दमकल विभाग की टीमों को प्रारंभ में घने धुएं के कारण रिसाव के स्रोत तक पहुंचने में कठिनाई हुई.
बाद में रासायनिक विशेषज्ञों और एनडीआरएफ कर्मियों ने रिसाव वाले टैंक की पहचान की और सेल्फ-कंटेन्ड ब्रीदिंग अपैरेटस (एससीबीए) पहनकर परिसर में प्रवेश किया. धुएं को नियंत्रित करने और फैलाव रोकने के लिए टैंक के चारों ओर रेत की बोरियां लगाई गईं.
कम से कम तीन लोगों ने आंखों में हल्की जलन की शिकायत की, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों के अनुसार, किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.
जिला पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने घटनास्थल का दौरा कर लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. कलेक्टर ने भी लोगों से घरों के भीतर रहने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की.
अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
