नई दिल्ली: मणिपुर में दो बच्चों की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण है. इस बीच मणिपुर सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों का स्पष्ट खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई गोलीबारी में दो नागरिकों की हत्या हुई है. सरकार ने इन दावों को ‘भ्रामक’ और ‘बेबुनियाद’ बताया है.
एक आधिकारिक बयान में सरकार ने कहा कि मणिपुर में निर्दोष लोगों की मौत के आरोप लगाने वाले कई ट्वीट और पोस्ट अप्रमाणित हैं और जनता से ऐसी गलत सूचनाओं के झांसे में न आने का आग्रह किया.
There are various tweets and social media posts spreading rumours claiming that security personnel have killed multitude of innocent people in #Manipur carrying out peaceful protest rally. Spreading fake news and rumours can aggravate the situation. Please verify any such… https://t.co/dSBXhHo12H
— Government of Manipur (@govt_of_manipur) April 7, 2026
इससे पहले मणिपुर सरकार ने मंगलवार (7 अप्रैल) की सुबह बिष्णुपुर जिले में एक संदिग्ध रॉकेट हमले के बाद इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं तीन दिनों के लिए निलंबित कर दी हैं.
इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गई थीं. आरोप है कि कुकी उग्रवादियों द्वारा अंजाम दी गई इस घटना से जिले भर में दहशत फैल गई और विरोध प्रदर्शन हुए.
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘मणिपुर के पांच जिलों – इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके तस्वीरें, नफरत भरे भाषण और वीडियो संदेश प्रसारित कर जनता को भड़का सकते हैं, जिससे मणिपुर राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.’
The Government of Manipur has ordered a temporary suspension of internet and mobile data services in Imphal West, Imphal East, Thoubal, Kakching and Bishnupur districts for 3 days with immediate effect in view of the prevailing law and order situation. pic.twitter.com/0oPDlqAPp7
— ANI (@ANI) April 7, 2026
आदेश में कहा गया है कि ‘वॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से गलत सूचना और झूठी अफवाहों के प्रसार को रोककर’ जनहित में निवारक उपाय करना जरूरी हो गया है.
अधिकारियों ने मणिपुर के चार घाटी जिलों में कर्फ्यू भी लगा दिया है.
खबरों के मुताबिक, रात करीब 1 बजे बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में एक आम नागरिक के घर पर विस्फोटक से हमला हुआ, जिसमें एक 5 वर्षीय लड़के और एक 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई. उनकी मां, जो इस संदिग्ध हमले में घायल हो गईं, को इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विस्फोट के समय वे सभी अपने कमरे में सो रहे थे.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुबह विरोध प्रदर्शन किया और इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकरों और एक ट्रक को आग लगा दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक अस्थायी पुलिस चौकी को ध्वस्त कर दिया.
अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने बिष्णुपुर जिले में केंद्रीय बल के एक शिविर में भी तोड़फोड़ की और गोलीबारी में कम से कम चार लोग घायल हो गए. इसके बाद इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई.
बिष्णुपुर में मंगलवार सुबह ही कर्फ्यू लगा दिया गया था. हालांकि, सरकार ने राज्य में ‘शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने’ के लिए पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया.
मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद ने संदिग्ध हमले को ‘बर्बर’ और ‘कायरतापूर्ण’ बताया और कहा कि उनकी ‘सरकार इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ेगी और न्याय सुनिश्चित करेगी’.
पीटीआई के अनुसार, सरकार ने हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है.
राज्य में कई बार इंटरनेट बंद
गौरतलब है कि राज्य में लगभग तीन वर्षों से जारी जातीय हिंसा के दौरान कई बार इंटरनेट बंद किया गया है. पहला इंटरनेट बंद 3 मई को लगाया गया था. यह 200 दिनों से अधिक समय तक चला, जिससे यह जम्मू और कश्मीर के बाद भारत में सबसे लंबे समय तक चलने वाले इंटरनेट बंद में से एक बन गया.
इसके बाद, हिंसा की छिटपुट घटनाओं के जवाब में अधिकारियों ने 2023, 2024 और 2025 में अस्थायी इंटरनेट प्रतिबंध फिर से लागू किए.
इस वर्ष फरवरी में, कुकी-ज़ो और नगा, दो आदिवासी समूहों के बीच हिंसा के बाद उखरुल जिले में इंटरनेट सेवाएं पांच दिनों के लिए निलंबित कर दी गईं.
सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर इंडिया द्वारा जारी इंटरनेट शटडाउन ट्रैकर के अनुसार, मणिपुर में अब तक 2023 में कुल 36, 2024 में 11, 2025 में एक और 2026 में दो बार इंटरनेट बंद किया गया है.
इन व्यवधानों के गंभीर सामाजिक-आर्थिक, राजनीतिक और कानूनी परिणाम हुए हैं, जिससे लाखों नागरिक, व्यवसाय और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें डिजिटल बैंकिंग सेवाएं भी शामिल हैं.
राजनीतिक रूप से अस्थिर पहाड़ी-घाटी सीमा पर स्थित मोइरांग ट्रोंगलाओबी, चूड़ाचंदपुर जिले से सटा हुआ है, जहां चिन-कुकी-मिज़ो-ज़ोमी पहाड़ी जनजातियों और मेईतेई समुदाय के बीच जातीय हिंसा 2023 में शुरू होने के बाद से सबसे तीव्र रही है.
इस गांव में सितंबर 2024 में भी इसी तरह का एक हमला हुआ था, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मैरेम्बम कोइरेंग के आवास परिसर पर एक विस्फोटक गिरा था, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी और पांच अन्य घायल हो गए थे.
