संसद मार्च: युवाओं पर लाठीचार्ज के बाद सादे कपड़ों में लाठी लिए लोगों पर उठे सवाल

सोमवार को राजधानी दिल्ली में युवाओं के संसद मार्च के दौरान कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिसमें कुछ लोग सादे कपड़ों में पुलिस की स्टैंडर्ड लाठी जैसी लाठी लिए खड़े हुए देखे जा सकते हैं. इन लोगों की मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ पत्रकारों, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समेत कई लोगों ने सवाल उठाए हैं.

संसद मार्च के दौरान सादे कपड़ों में पुलिस लाठी लिए खड़े लोग. (फोटो साभार: एक्स//@ravish_journo)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (20 जुलाई) को आयोजित संसद मार्च में बड़े पैमाने पर युवा सड़कों पर नज़र आ रहे थे. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों की बर्बरता का भी शिकार होना पड़ा, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित हो रहे है.

इस बीच कई वीडियो में कुछ लोग सादे कपड़ों में पुलिस की स्टैंडर्ड लाठी जैसी चीज़ें लिए खड़े हुए देखे जा सकते हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों, जिसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) भी शामिल है, ने उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेपी ने 21 जुलाई को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में दिल्ली पुलिस से सवाल पूछते हुए, उन्हें टैग कर लिखा, ‘दिल्ली पुलिस, सादे कपड़ों में लाठी लिए ये गुंडे कौन हैं? हमें पीटने के लिए आपने अपनी फोर्स में किसे रखा है? भारत में ऐसे राक्षसों को पुलिस क्यों कहा जाता है?’

उल्लेखनीय है कि सीजेपी के आह्वान पर हज़ारों लोग भारत की शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर के पास जमा हुए थे, जिन्हें संसद तक मार्च करना था.

ख़बरों के अनुसार, पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. इस दौरान कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें सामने आईं, हालांकि, घायलों की कुल संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है.

इस संबंध में सीजेपी द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में सादे कपड़ों में दो व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, जिनके हाथ में लाठी है. इस पर जब प्रदर्शनकारी उनसे सवाल पूछते हैं, तब वर्दी पहने पुलिसकर्मी वहां आते और उन्हें डांटने लगते हैं. इसके बाद देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी और सादे कपड़ों में लाठी लिए लोग उन प्रदर्शनकारियों की पिटाई करने लगते हैं, जिन्होंने सवाल पूछे थे.

इस पूरे मामले को लेकर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने एक्स पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर ये लोग कौन हैं, जो लाठी लेकर आए थे?

रवीश के अलावा अन्य पत्रकारों और यूट्यूबर समदीश भाटिया जैसे दूसरे लोगों ने भी सवाल उठाया कि आखिर इन लोगों ने ऐसे कपड़े क्यों पहने हैं.

सीजेपी द्वारा पोस्ट किए गए एक अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारियों को यह दावा करते दिखाया गया है कि पुलिसकर्मी खुद ही बस और कार की खिड़कियां तोड़ रहे थे.