परिजनों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की निगरानी में जेसीबी मशीनों से कब्रों को क्षतिग्रस्त किया गया. उनका यह भी कहना है कि सुनियोजित रणनीति के तहत देर रात कब्रिस्तान में प्रवेश कर यह कार्रवाई की गई.
शामली में आयुष मलिक नाम के एक व्यक्ति द्वारा इस्लाम धर्म कबूलने को लेकर विवाद पसरा है. मलिक ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है. इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय से आने वाली उनकी पत्नी और ससुर की गिरफ़्तारी ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर मौजूद गहरे अंतर्विरोधों और दोहरे मानकों की बहस को फिर से सामने ला दिया है.
अहमदाबाद के जुहापुरा क्षेत्र निवासी ज़हीर शेख की मौत कथित तौर पर वेजलपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हुई. परिवार के सदस्यों का आरोप है कि हिरासत के दौरान शेख को बेरहमी से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई.
आईटी मंत्रालय ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से कुछ हैंडल्स के विवरण मांगे हैं. इन हैंडल्स पर ‘एंटी-इंडिया प्रोपगैंडा फैलाने, अलगाववादी नैरेटिव को बढ़ावा देने और जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश’ जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं. हालांकि, सूची में शामिल कुछ हैंडल्स अक्सर मानवाधिकारों से जुड़े मसले उठाते रहे हैं.
फरवरी 2016 में जेएनयू के छात्रों की राजद्रोह मामले में गिरफ़्तारी के दस साल बाद शिक्षकों और छात्रों का कहना है कि आज सार्वजनिक विश्वविद्यालय अपनी पुरानी पहचान की सिर्फ़ परछाई भर रह गए हैं. भाजपा की विचारधारा से मेल न खाने वाले कार्यक्रमों को नियमित रूप से रद्द किया जा रहा है और नियुक्तियां विशेषज्ञता के बजाय राजनीतिक निष्ठा के आधार पर की जा रही हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा देश के प्रमुख अख़बारों- इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स के कश्मीर ब्यूरो में काम करने वाले पत्रकारों को तलब किए जाने के बाद अब द हिंदू के पत्रकार पीरज़ादा आशिक को भी पुलिस ने थाने मिलने बुलाया है. वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों तथा प्रेस संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इंडियन एक्सप्रेस के वरिष्ठ कश्मीरी पत्रकार बशारत मसूद और हिंदुस्तान टाइम्स के श्रीनगर स्थित संवाददाता आशिक हुसैन को उनकी ख़बरों के संबंध में 'तलब' किया. मसूद को एक उनकी कथित ग़लती के लिए एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने को भी कहा गया, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया.
वाराणसी के राजातालाब में 28 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे एक 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की के साथ कांवड़ियों के अभद्र व्यवहार के आरोप सामने आए हैं. कावड़ियों ने कथित तौर पर लड़की को धमकाया और प्रताड़ित किया. हालांकि, पुलिस ने पीड़ित परिवार के खिलाफ ही कावड़ियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.
24 जुलाई को कैग ने 2023-24 के लिए बिहार के वित्तीय हालात पर अपनी रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है, जिनमें 31 मार्च, 2024 तक 70,877.61 करोड़ रुपये के 49,649 लंबित यूटीलाइज़ेशन सर्टिफिकेट शामिल हैं.
दिल्ली दंगा मामले में जून 2021 में तिहाड़ जेल से ज़मानत पर रिहा हुईं देवांगना कलीता केस डायरी को सुरक्षित रखने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने केस डायरी में ‘पूर्ववर्ती’ बयान जोड़े हैं और सबूतों से छेड़छाड़ की है.
हरियाणा के गुरुग्राम विश्वविद्यालय द्वारा प्रोफेसर ज़ोया हसन की फ़िलिस्तीन पर वार्ता रद्द करना किसी भारतीय संस्थान में हुई ऐसी पहली घटना नहीं है. इससे पहले जेएनयू और आईआईटी बॉम्बे द्वारा ऐसे सेमिनार और व्याख्यान रद्द किए जा चुके हैं.
साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान जान बचाने में सफल रहे कुछ पीड़ितों से द वायर ने बात की तो जाना कि आज भी उनके जख़्म भरे नहीं हैं. वे दंगों के बाद बनीं मुस्लिम बस्तियों में अमानवीय परिस्थितियों में जीवनयापन को मजबूर हैं.
मेहसाणा ज़िले की घटना. मुस्लिम समुदाय के लोगों का आरोप है कि 21 जनवरी को हिंदुत्व समूहों ने राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पूर्व संध्या पर एक शोभा यात्रा निकाली थी, जो निर्धारित रूट से हटकर उनके इलाके से गुज़री. तब दोनों पक्षों के बीच झड़प होने के बाद दो नाबालिगों समेत 15 मुस्लिमों को गिरफ़्तार किया गया है.
गुजरात दंगों के मुस्लिम गवाहों का कहना है कि कैसे अयोध्या में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निकट आने के साथ उनकी सुरक्षा वापस ले लेने की कार्रवाई ने उनके डर को फिर से जगा दिया है. उनका कहना है कि राम मंदिर की मांग ने ही इस पूरे अध्याय को जन्म दिया था और बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी.
जातीय हिंसा के कारण म्यांमार से भागने को मजबूर हुए रोहिंग्या शरणार्थियों द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर उनके ख़िलाफ़ हेट स्पीच पर कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिससे उनके साथ हिंसा होने का ख़तरा मंडराता रहता है.