जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में एक और प्रमुख राष्ट्रीय अख़बार के पत्रकार को तलब किया

जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा देश के प्रमुख अख़बारों- इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स के कश्मीर ब्यूरो में काम करने वाले पत्रकारों को तलब किए जाने के बाद अब द हिंदू के पत्रकार पीरज़ादा आशिक को भी पुलिस ने थाने मिलने बुलाया है. वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों तथा प्रेस संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है.

जम्मू-कश्मीर: पुलिस ने राष्ट्रीय अख़बारों के पत्रकारों को ‘समन’ किया, एक से बॉन्ड पर साइन करने को कहा गया

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इंडियन एक्सप्रेस के वरिष्ठ कश्मीरी पत्रकार बशारत मसूद और हिंदुस्तान टाइम्स के श्रीनगर स्थित संवाददाता आशिक हुसैन को उनकी ख़बरों के संबंध में 'तलब' किया. मसूद को एक उनकी कथित ग़लती के लिए एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने को भी कहा गया, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया.

वाराणसी: मुस्लिम परिवार का आरोप- कांवड़ियों ने बेटी का ‘उत्पीड़न’ किया, पीड़ित परिवार पर केस दर्ज

वाराणसी के राजातालाब में 28 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे एक 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की के साथ कांवड़ियों के अभद्र व्यवहार के आरोप सामने आए हैं. कावड़ियों ने कथित तौर पर लड़की को धमकाया और प्रताड़ित किया. हालांकि, पुलिस ने पीड़ित परिवार के खिलाफ ही कावड़ियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.

बिहार में 70,877.61 करोड़ रुपये की अनियमितताएं: कैग रिपोर्ट

24 जुलाई को कैग ने 2023-24 के लिए बिहार के वित्तीय हालात पर अपनी रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है, जिनमें 31 मार्च, 2024 तक 70,877.61 करोड़ रुपये के 49,649 लंबित यूटीलाइज़ेशन सर्टिफिकेट शामिल हैं.

देवांगना कलीता की केस डायरी से छेड़छाड़ से जुड़ी याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट का नोटिस

दिल्ली दंगा मामले में जून 2021 में तिहाड़ जेल से ज़मानत पर रिहा हुईं देवांगना कलीता केस डायरी को सुरक्षित रखने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने केस डायरी में ‘पूर्ववर्ती’ बयान जोड़े हैं और सबूतों से छेड़छाड़ की है.

हरियाणा के विश्वविद्यालय ने फ़िलिस्तीन संघर्ष पर जेएनयू की प्रोफेसर ज़ोया हसन की वार्ता रद्द की

हरियाणा के गुरुग्राम विश्वविद्यालय द्वारा प्रोफेसर ज़ोया हसन की फ़िलिस्तीन पर वार्ता रद्द करना किसी भारतीय संस्थान में हुई ऐसी पहली घटना नहीं है. इससे पहले जेएनयू और आईआईटी बॉम्बे द्वारा ऐसे सेमिनार और व्याख्यान रद्द किए जा चुके हैं.

गुजरात दंगों के 22 साल: रेप पीड़िता आज भी पुरुषों से डरती है, एक को है पति की वापसी का इंतज़ार

साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान जान बचाने में सफल रहे कुछ पीड़ितों से द वायर ने बात की तो जाना कि आज भी उनके जख़्म भरे नहीं हैं. वे दंगों के बाद बनीं मुस्लिम बस्तियों में अमानवीय परिस्थितियों में जीवनयापन को मजबूर हैं.

गुजरात: राम मंदिर समारोह को लेकर निकली शोभा यात्रा में झड़प के बाद कई मुस्लिम युवक गिरफ़्तार

मेहसाणा ज़िले की घटना. मुस्लिम समुदाय के लोगों का आरोप है कि 21 जनवरी को हिंदुत्व समूहों ने राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पूर्व संध्या पर एक शोभा यात्रा निकाली थी, जो निर्धारित रूट से हटकर उनके इलाके से गुज़री. तब दोनों पक्षों के बीच झड़प होने के बाद दो नाबालिगों समेत 15 मुस्लिमों को गिरफ़्तार किया गया है.

गुजरात दंगों के गवाहों की पुलिस सुरक्षा राम मंदिर समारोह से महीने भर पहले हटा दी गई थी

गुजरात दंगों के मुस्लिम गवाहों का कहना है कि कैसे अयोध्या में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निकट आने के साथ उनकी सुरक्षा वापस ले लेने की कार्रवाई ने उनके डर को फिर से जगा दिया है. उनका कहना है कि राम मंदिर की मांग ने ही इस पूरे अध्याय को जन्म दिया था और बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी.

रोहिंग्याओं के ख़िलाफ़ ऑनलाइन नफ़रत की अनदेखी पर फेसबुक के ख़िलाफ़ कोर्ट पहुंचे शरणार्थी

जातीय हिंसा के कारण म्यांमार से भागने को मजबूर हुए रोहिंग्या शरणार्थियों द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर उनके ख़िलाफ़ हेट स्पीच पर कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिससे उनके साथ हिंसा होने का ख़तरा मंडराता रहता है.

जम्मू कश्मीर: सरपंच ने पुष्टि की, मारे गए नागरिक वीडियो में जवानों की प्रताड़ना सहते दिख रहे हैं

जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में बीते 21 दिसंबर को एक आतंकी हमले में 4 जवानों की मौत के बाद सेना ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया था. बाद में 3 लोगों के शव उस जगह के नज़दीक पाए गए थे, जहां आतंकवादियों ने सेना पर हमला किया था. एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें सेना के जवान नागरिकों को यातनाएं देते देखे जा सकते हैं.

जम्मू कश्मीर: सेना की हिरासत में तीन नागरिकों की प्रताड़ना के बाद मौत से लोगों में ग़ुस्सा

आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में बीते 21 दिसंबर को सेना के जवानों पर हमला किया था, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए थे. स्थानीय लोगों का दावा है कि इस सिलसिले में सेना के जवानों ने बीते 22 दिसंबर को कम से कम आठ नागरिकों को पूछताछ के लिए उठाया था. इनमें से 3 उस जगह के नज़दीक मृत पाए गए थे, जहां आतंकवादियों ने सेना पर हमला किया था.

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद की ऐतिहासिक दरगाह को मिले बेदख़ली आदेश पर रोक लगाई

रेलवे ने अहमदाबाद के कालूपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित 500 साल से अधिक पुरानी हज़रत कालू शहीद दरगाह को बेदख़ली का नोटिस दिया है. इस नोटिस को दरगाह प्रबंधन ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी है. दरगाह प्रबंधन का कहना है कि उसके पास पर्याप्त सबूत हैं कि यह 1947 से पहले की एक मान्यता प्राप्त और अधिकृत संरचना है.

गुजरात: कच्छ ज़िले में स्कूल हिंदुत्ववादी समूहों का निशाना बन रहे हैं

गुजरात में हाल ही में बच्चों को ईद के समारोह में भाग लेने के लिए कहने के बाद कई स्कूलों को माफ़ी मांगनी पड़ी है. कच्छ ज़िले के एक सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि यह क्षेत्र में सांप्रदायिक अराजकता पैदा करने का प्रयास है.

उत्तराखंड: क्यों पुरोला के मुस्लिम भाजपा नेता ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं?

उत्तरकाशी ज़िले के पुरोला में हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा मुस्लिम और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद कई मुस्लिम परिवार क़स्बे से जा चुके हैं. इनमें भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े नेता भी हैं. उनका मानना है कि अगर राज्य सरकार मुसलमानों की मदद की इच्छा रखती, तो ऐसा नहीं होता.