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उमर मक़बूल

(फोटोः रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीरः ग़ैर कश्मीरी अधिकारियों से उम्मीद नहीं, कहने पर व्यक्ति को गिरफ़्तार कर जेल भेजा

कश्मीर घाटी में गांदरबल के सफ़ापोरा के रहने वाले सज्जाद राशिद सोफ़ी ने 10 जून को उपराज्यपाल के सलाहकार के साथ स्थानीय लोगों की बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की थी. कथित तौर पर उनकी इस टिप्पणी से गांदरबल की डिप्टी कमिश्नर नाराज हो गईं, जो उत्तर प्रदेश से हैं. विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के लिए उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

परिषद सचिवालय लेह, लद्दाख. (फोटो: आधिकारिक वेबसाइट)

लद्दाख प्रशासन का सरकारी कर्मचारियों को आदेश, आधिकारिक सूचनाएं सार्वजनिक न करें

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन द्वारा एक मार्च को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि आधिकारिक सूचनाओं को सार्वजनिक करने से पूर्व में विवाद खड़ा हो चुका है और इसलिए आदेश का पालन न करने वालों को दंडित किया जाएगा.

tableau of ladakh

गणतंत्र दिवस: लद्दाख की झांकी पर विवाद, कारगिल ने उनके धरोहरों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया

गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख की पहली झांकी दिखाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कारगिल के नेताओं ने मांग की है कि या तो इस झांकी को वापस लिया जाए या फिर प्रशासन इसमें संशोधन करे. उन्होंने कहा कि इस झांकी में सिर्फ़ बौद्ध बहुल लेह के प्रतीकों को शामिल किया गया है.

कथित शोपियां मुठभेड़ में मारे गए तीनों युवकों की माताएं. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

डीएनए टेस्ट में पुष्टि, सेना द्वारा कथित शोपियां मुठभेड़ में मारे गए तीन युवक राजौरी के थे

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. अब डीएनए टेस्ट से राजौरी के तीन परिवारों के उन दावों की पुष्टि हो गई है, जिसमें उनका कहना था कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे.

सेना की मुठभेड़ में मारे गए तीनों युवा मजदूर. (फोटो साभार: ट्विटर)

शोपियां कथित मुठभेड़: सेना ने आफस्पा का उल्लंघन स्वीकार किया, कहा- मारे गए लोग राजौरी से थे

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. वहीं राजौरी के तीन परिवारों का कहना था कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे.