इलाहाबाद में काम करने वाले एक वकील चंद्र पाल सिंह को फरवरी में ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने एक पड़ोसी की मामूली शिकायत पर तीन दिन हिरासत में रखा था. अब उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न सिर्फ़ उनकी हिरासत को ग़ैर-क़ानूनी क़रार दिया, बल्कि राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर उन्हें पच्चीस हज़ार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 75 हज़ार रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया है.
एनआईए ने अधिकार कार्यकर्ताओं- वर्नोन गोंसाल्विस और अरुण फरेरा की ज़मानत रद्द करने के लिए मुंबई प्रेस क्लब में आरोपियों के कुछ पत्रकारों से अनौपचारिक मुलाकात को आधार बताया है. एजेंसी ने पिछले महीने तेलुगु कवि-कार्यकर्ता वरवरा राव और वकील-शिक्षाविद सुधा भारद्वाज की ज़मानत रद्द करने के लिए दायर अर्ज़ी में भी यही तर्क दिए थे.
13 अप्रैल के विरोध प्रदर्शनों के कुछ ही घंटों के भीतर मज़दूरी बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों को हिंसक भीड़, विदेशी साज़िश का हिस्सा और संभावित ‘अर्बन नक्सल’ के रूप में पेश किया जाने लगा.
कश्मीर के जाने माने मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ को दिल्ली हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गई है. एनआईए ने परवेज़ के कार्यालय पर छापेमारी के बाद 22 नवंबर 2021 को उन्हें यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया था, जिसे लेकर संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक संगठनों ने आपत्ति जताई थी.
आंध्र प्रदेश में सरकारी उपक्रम विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार शाम स्टील मेल्टिंग यूनिट में धमाका हुआ, पिघला हुआ स्टील नीचे फ़र्श पर काम कर रहे श्रमिकों पर गिर गया, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई और छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए. प्रारंभिक जांच के अनुसार, जानलेवा धमाका पिघले हुए स्टील में फंसी गैसों की वजह से हुआ.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रियायती दामों पर मिलने वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या साल में नौ से घटाकर सिर्फ़ चार कर दी है. सरकार के इस क़दम की जानकारी घरेलू एलपीजी की क़ीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी को लेकर जारी प्रेस बयान में सामने आई.
नरेगा संघर्ष मोर्चा ने कहा कि वीबी-जी राम जी क़ानून के तहत नियम बनाने और उन्हें लागू करने से पहले सरकार को मज़दूर संगठनों और नागरिक समाज के साथ निष्पक्ष और पारदर्शी बातचीत करनी चाहिए. संगठन ने आरोप लगाया कि मनरेगा को एक अपारदर्शी, मनमाने और अलोकतांत्रिक क़ानून से बदलकर मज़दूरों के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है.
नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले सरकार और एनटीए ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को गोपनीय स्थानों पर अलग-थलग रखा गया है, जबकि प्रश्नपत्रों के परिवहन की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है. परीक्षा 21 जून को 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित होगी.
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) की हालिया जारी रिपोर्ट से कुछ महत्वपूर्ण संकेतकों के 'ग़ायब' होने को लेकर चिंताएं सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि यह सिर्फ शुरुआती चरण है और विस्तृत रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है.
एटीएम इंडस्ट्री के संगठन सीएटीएमआई ने कहा कि छोटे शहरों और क़स्बों में स्थित एटीएम में नकदी की कमी के कारण उद्योग पर दबाव है. सबसे बड़ी बैंकिंग कंपनी होने के नाते एसबीआई को 100 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए.
फैक्ट चेक: केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को विपक्ष द्वारा फैलाया गया ‘प्रोपगैंडा’ कहकर ख़ारिज कर दिया. हालांकि भाजपा राज के पिछले एक दशक में भारत के अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुसलमानों और ईसाइयों को हिंदुत्व चरमपंथियों के हमलों का सबसे ज़्यादा सामना करना पड़ा है.
वाराणसी नगर निगम ने शहर के भीतर संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का फ़ैसला लिया है. नगर आयुक्त का कहना है कि इससे निवासियों को होने वाली असुविधा कम होगी, हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि इस फ़ैसले से व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों को ही काफ़ी परेशानी होगी.
अप्रैल 2026 में नोएडा के हज़ारों मज़दूर अपनी रोज़ी-रोटी बचाने की मांग को लेकर आख़िर क्यों और कैसे फैक्ट्रियों से बाहर निकलकर सड़कों पर उतर आए?
झुंझुनूं जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने की मांग के खिलाफ ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विधायक राजेंद्र भांबू के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि गांव का नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं है और सरकार इस मुद्दे का सांप्रदायिकरण न करे.
केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत अब 942 रुपये हो गई है. फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद यह दूसरी वृद्धि है और इस अवधि में सिलेंडर 89 रुपये महंगा हो चुका है.