राजस्थान का ग़ैर-कानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक कहता है कि अगर अधिकारी 'अच्छी नीयत से' क़ानून के तहत कार्रवाई करते हैं तो उन्हें किसी संभावित क़ानूनी कार्यवाही से सुरक्षा मिलेगी. यह उन मामलों को रोकने में कारगर नहीं होगा, जहां अवैध धर्मांतरण के लिए फ़र्ज़ी फंसाए जाने के बाद निर्दोष लोगों को परेशान किया जाता है.
अप्रैल 2020 में कोविड महामारी के दौरान दिल्ली सरकार ने फ्रंटलाइन वर्कर्स की मौत पर परिवार को एक करोड़ रुपये देने का वादा किया था. लेकिन पांच साल बाद भी 40 प्रतिशत आवेदकों को यह राशि नहीं मिली है. 154 स्वीकृत आवेदकों में से भी केवल 92 परिवारों को ही भुगतान किया गया है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना कुलगाम के बेहिबाग गांव में हुई, जहां एक पूर्व सैनिक मंजूर अहमद वागे को नज़दीक से गोली मार दी गई. हमले में उनकी पत्नी और उनकी बहन की बेटी भी घायल हुई हैं , जिनका इलाज जारी है.
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में महाकुंभ में हुई भगदड़ में कथित लापरवाही को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने को कहा है.
पतंजलि आयुर्वेद के कथित भ्रामक विज्ञापनों को लेकर पलक्कड़ की एक अदालत ने रामदेव और बालकृष्ण के ख़िलाफ़ ज़मानती वॉरंट जारी कर उन्हें एक फरवरी को अदालत में पेश होने को कहा था, लेकिन वे कोर्ट नहीं पहुंचे.
नरेगा संघर्ष मोर्चा ने कहा कि जब महंगाई को ध्यान में रखा जाता है, तो 2025-26 के बजट में योजना का आवंटन 2024-25 के बजट की तुलना में प्रभावी रूप से लगभग 4,000 करोड़ रुपये कम है. यह उपेक्षा नहीं है, यह लाखों लोगों की महत्वपूर्ण जीवनरेखा को व्यवस्थित रूप से ख़त्म करने का हिस्सा है.
कुंभों और महाकुंभों की लंबी परंपरा में कभी इलाहाबादी कुंभ यात्रियों या कुंभयात्री इलाहाबादियों की किसी भी तरह की असुविधा के हेतु नहीं बने. उन्होंने हमेशा, और इस बार विशेषकर मुस्लिम समुदाय ने परस्पर सत्कार व सहकार की भावना बनाए रखी.
ढाई हज़ार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी का दावा करने वाला प्रशासन भगदड़ रोकने में असफल क्यों हुआ? झूंसी इलाके में हुई भगदड़ की जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं थी? अगर जानकारी नहीं थी, तो बिखरे कपड़ों, चप्पलों और अन्य चीजों को बड़े ट्रकों में किसके आदेश पर हटवाया जा रहा था?
केंद्र सरकार ने 2025-26 का बजट पेश किया, जिसमें मध्यम वर्ग के लिए आयकर राहत का ऐलान किया गया. अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इसके अलावा, बिहार के लिए मखाना बोर्ड, खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान और आईआईटी पटना के विस्तार जैसी विशेष घोषणाएं की गई हैं.
कहते हैं कि जब कोई गंगा स्नान करके घर आता है तो उसके पैरों में लगकर गंगा की माटी भी उन लोगों के लिए चली आती है जो गंगा तक नहीं जा पाए. महाकुंभ में भगदड़ की रात जब तमाम श्रद्धालु मेला क्षेत्र से निकलकर शहर में फंसें, तो जिन मुसलमानों को कुंभ में हिस्सा लेने से रोका गया, कुंभ ख़ुद ही उनके घरों, उनकी मस्ज़िदों में चला आया.
शनिवार को ज़किया जाफ़री का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उन्होंने गुजरात दंगा पीड़ितों के लिए न्याय और दंगों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग अदालतों में क़ानूनी संघर्ष का लंबा सफर तय किया था. उनके पति और कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री भी दंगों में मारे गए थे.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार भी अपने बजटीय भाषण में मनरेगा का कोई उल्लेख नहीं किया. इस बार भी योजना के लिए बजट में 86,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2024-2025 के संशोधित अनुमान के अनुसार योजना पर ख़र्च की गई राशि के बराबर है.
शुक्रवार को शंभू बॉर्डर पर एक और प्रदर्शनकारी किसान परगट सिंह की मौत हो गई, वह अमृतसर के कक्कड़ गांव के रहने वाले थे. शंभू और खनौरी सीमा पर 13 फरवरी, 2024 को शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से अब तक मरने वालों की संख्या 36 हो गई है.
केंद्रीय बजट को यह तथ्य ध्यान में रखना चाहिए कि हमारे देश में एक-चौथाई से अधिक श्रमशक्ति की दैनिक आय 100 रुपये से कम है, आधे से अधिक श्रमशक्ति की औसत मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम है और एक चौथाई से भी कम श्रमशक्ति 500 रुपये प्रतिदिन या 15 हजार रुपये प्रति माह से अधिक आय अर्जित कर पाती है.
सुप्रीम कोर्ट ने लंबित आपराधिक मामलों के निपटान का हवाला देते हुए उच्च न्यायालयों में एड हॉक न्यायाधीशों की नियुक्ति की अपनी पूर्व शर्त में ढील दी है और कहा कि उच्च न्यायालयों में रिक्तियां स्वीकृत पदों के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए.