27 अक्टूबर को 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा करते हुए आयोग ने असम को इस प्रक्रिया से अलग रखा था. अब आयोग ने असम के लिए मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआर) की घोषणा की है, जो एसआईआर से भिन्न है.
असम पुलिस ने मंगलवार को कछार ज़िले के एक सरकारी स्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य को ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में हिरासत में लिया है, जिसमें उन्होंने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट को कथित तौर पर चुनावों से जोड़ा था.
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता पेमा खांडू के पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप हैं. एक जनहित याचिका में खांडू पर अपने परिजनों को सार्वजनिक ठेके देने के आरोपों की जांच की मांग की गई थी. इसके जवाब में केंद्र सरकार ने मंत्रियों के लिए आचार संहिता का हवाला देते हुए कहा कि वह जांच नहीं कर सकती.
असम सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा ने शनिवार को कहा कि भाजपा सरकार द्वारा 'लव जिहाद' के ख़िलाफ़ लाए जा रहे प्रस्तावित क़ानून में पुरुष आरोपी के माता-पिता को गिरफ़्तार करने का प्रावधान शामिल होगा. शर्मा ने यह भी कहा कि तीन से ज़्यादा बच्चों को जन्म देने वाली महिलाएं स्त्री सशक्तिकरण की सरकारी योजनाओं के लिए पात्र नहीं होंगी.
मणिपुर के नगाओं ने 29 अक्टूबर को राज्य के सेनापति जा रहे नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम (एनएससीएन) के नेता थुइंगालेंग मुइवा के सम्मान में 'गेन्ना' की घोषणा की है. 'गेन्ना' के तहत मुइवा की यात्रा के दिन सेनापति के सभी शैक्षणिक संस्थान और दुकानें बंद रहेंगी, साथ ही लोग अन्य सभी प्रकार की आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों से भी दूर रहेंगे.
हिंसाग्रस्त मणिपुर में 2023 के जातीय संघर्ष के चरम के दौरान एनसीआरबी के डेटा में तमाम तरह की हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान राज्य में महिलाओं के साथ बलात्कार, अत्याचार, उत्पीड़न के कई मामले सामने आए. हालांकि एनसीआरबी रिपोर्ट में इसके उलट महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों को सूचीबद्ध करने वाली अधिकांश श्रेणियों में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार सांसद रहे राजेन गोहेन ने 9 अक्टूबर को असम में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने कहा कि जिस भाजपा में वे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में शामिल हुए थे, वह अब मौजूद नहीं है. भाजपा अब ‘असमिया लोगों की सबसे बड़ी दुश्मन’ है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि सरकार राज्य में ‘मिया’ की आबादी को कम करने के लिए विधानसभा में एक विधेयक पेश करने की योजना बना रही है. उन्होंने दावा किया कि अगली जनगणना में यह सबसे बड़ा समुदाय बनकर उभरेगा. ‘मिया’ मूल रूप से एक अपमानजनक शब्द था, जिसका इस्तेमाल असम में बंगाली मूल के मुसलमानों के लिए किया जाता था.
हिंसाग्रस्त मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह राज्य में राष्ट्रपति शासन समाप्त कर 'जल्द ही एक लोकप्रिय सरकार के गठन' की कवायद लेकर केंद्र के भाजपा नेताओं पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी चर्चा आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के मुद्दों सहित मौजूदा संकट के समाधान पर केंद्रित होगी.
भाजपा ने बोडो प्रादेशिक क्षेत्र के स्वायत्त परिषद चुनावों में ख़राब प्रदर्शन करते हुए केवल पांच सीटें जीती, जबकि विपक्षी बोडो पीपुल्स फ्रंट ने 29 सीटें जीतते हुए चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है. असम में 2026 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में यह मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के लिए एक झटका है.
असम कांग्रेस ने राज्य भाजपा के ख़िलाफ़ पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए एक एआई वीडियो को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. कांग्रेस ने भाजपा के सोशल मीडिया सेल पर सांप्रदायिक अशांति भड़काने, धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंसाग्रस्त मणिपुर में मई 2023 में जातीय संघर्ष भड़कने के दो साल से भी ज़्यादा समय बाद राज्य का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने रेलवे, आवास और अन्य कई विकास के दावे किए, जो ज़मीनी हक़ीक़त से कोसों दूर नज़र आते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंसाग्रस्त मणिपुर के चूड़ाचांदपुर में विभिन्न समूहों से हिंसा का त्यागने और राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में काम करने की अपील की. पीएम के दौरे के एक दिन पहले कुकी समूहों ने एक केंद्र शासित प्रदेश और मेईतेई संगठनों ने एनआरसी, अवैध प्रवासियों को हटाने की मांग की थी.
मणिपुर में हिंसा भड़कने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार राज्य का दौरा कर रहे हैं. विपक्ष ने इसे तमाशा क़रार देते हुए कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री का तीन घंटे का पड़ाव करुणा नहीं, बल्कि दिखावा, तमाशा और पीड़ित लोगों का घोर अपमान है.
मणिपुर के चूड़ाचांदपुर में गुरुवार रात कुछ स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच तब झड़प हो गई, जब कुछ लोगों ने 13 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे की तैयारी में लगाई गई सजावट को ख़राब करने की कोशिश की. इस बीच, अर्धसैनिक बलों ने क़ानून व्यवस्था और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए शहर में फ्लैग मार्च शुरू किया है.