निखिल गुप्ता की दोष स्वीकारोक्ति के बाद अमेरिका में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश का मामला मजबूत हुआ है. अदालत में दर्ज बयानों से विकास यादव पर कानूनी दबाव बढ़ सकता है. उनके खिलाफ अमेरिकी वारंट और रेड नोटिस जारी है, जबकि प्रत्यर्पण को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों पर नजरें टिकी हैं.
झारखंड के हजारीबाग में हाथियों के झुंड के हमले में छह लोगों की मौत हो गई. पिछले दस दिनों में इसी झुंड से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 11 पहुंच गया है. वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
मुंबई के मुलुंड में निर्माणाधीन मेट्रो लाइन-4 के पुल से स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हो गए. घटना के बाद कार्यकारी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है. सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में बताया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश कार्यालय को पिछले दस वर्षों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीशों (सिटिंग जजों) के ख़िलाफ़ 8630 शिकायतें मिली हैं. हालांकि, इन शिकायतों पर कार्रवाई क्या हुई, इसका मंत्रालय के जवाब में कोई उल्लेख नहीं है.
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के किताब लिखने के लिए तय होगी ‘कूलिंग ऑफ’ अवधि
पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अब तक सेंसर की गई आत्मकथा को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के लिए किताब प्रकाशित करने से पहले 20 साल की कूलिंग-ऑफ अवधि तय करने पर विचार कर रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में औपचारिक आदेश जल्द जारी हो सकता है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को वेनेजुएला के कच्चे तेल की सीधी खरीद के लिए अमेरिका से लाइसेंस मिल गया है. इस अनुमति से देश की सबसे बड़ी निजी रिफाइनिंग कंपनी रिलायंस प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना सीधे वेनेजुएला से तेल खरीद सकेगी, जिसे रूसी तेल के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.
निजी कंपनियों के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र खोलने वाले मोदी सरकार के 'शांति' अधिनियम के पारित होने के दो महीने बाद ही अडानी समूह ने इस क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा की है. अडानी पावर ने ‘अडानी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड’ नामक सहायक कंपनी बनाई है. विपक्ष ने उक्त क़ानून को ‘पसंदीदा को लाभ’ पहुंचाने वाला बताया है.
उत्तराखंड सरकार ने लालढांग चिल्लारखाल सड़क परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 11 जनवरी, 2023 को लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए याचिका दायर की थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए सड़क बनाने की मंज़ूरी दे दी है, हालांकि कोर्ट ने इस रास्ते पर भारी मालवाहक ट्रकों और डंपरों को चलने की अनुमति नहीं दी है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच गड्ढों से जुड़े सड़क हादसों में 9,438 लोगों की मौत हुई. इनमें आधी से अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं, जबकि कई अन्य बड़े राज्यों में एक भी ऐसा मामला दर्ज नहीं किया गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को मोदी सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए चार लेबर कोड के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन देखने को मिला. इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में ट्रेड यूनियन के सदस्य, मज़दूर, युवा, पत्रकार और नागरिक समाज के लोग शामिल हुए. इस दौरान मज़दूर संगठनों ने आरोप लगाया कि नए लेबर कोड से कामगारों का शोषण बढ़ेगा और पूंजीपतियों को फायदा मिलेगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के नेता विभिन्न विधानसभा चुनावों से पूर्व 'घुसपैठियों' को निकालने के दावे कर चुके हैं. बीते दिनों असम में अमित शाह ने ‘64 लाख घुसपैठियों’ के क़ब्ज़े का दावा किया, हालांकि इस बारे में गृह मंत्रालय का जवाब गंभीर सवाल खड़े करता है. एक आरटीआई आवेदन के जवाब में मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उसके पास घुसपैठियों से जुड़ा कोई समेकित आंकड़ा नहीं है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद गोल्ला बाबूराव द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एम्स, दिल्ली में फैकल्टी की कमी है. यहां फैकल्टी के लिए 1,306 स्वीकृत पदों में से 446 – यानी 34% से अधिक – पद वर्तमान में रिक्त हैं.
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वांगचुक ‘फिट' हैं और उन्हें हिरासत से रिहा करने का कोई मेडिकल कारण नहीं है. बीते सप्ताह शीर्ष अदालत ने उनकी सेहत ठीक न होने के आधार पर केंद्र से उनकी आगे की हिरासत ज़रूरी है या नहीं विचार करने के लिए कहा था.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की जेंडर संबंधी पूर्वाग्रहों को काम करने संबंधी हैंडबुक को 'हार्वर्ड जैसी सोच से प्रभावित' बताया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसे 'सरल' और 'व्यावहारिक' बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिया है.
भारतीय न्यायिक व्यवस्था दोहरे संकट से गुज़र रही है. एक ओर न्यायिक क्षेत्र को कम बजट मिलता है और दूसरी ओर उपलब्ध बजट का पूरा और प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा. नतीजा यह है कि पुलिस, जेल, न्यायालय, क़ानूनी सहायता, फॉरेंसिक और मानवाधिकार संस्थाएं, सभी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहे हैं.