छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कोयला खनन के विस्तार से रामगढ़ पहाड़ी की चट्टानों में दरारें आ रही हैं, जिससे सीताबेंगा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक गुफाओं के क्षरण का ख़तरा बढ़ गया है. सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नए कोयला खदान की अनुमति देते समय यह तथ्य छुपाया गया कि 10 किलोमीटर के दायरे में राष्ट्रीय महत्व का पुरातात्विक स्थल है.
संभल: एएसआई अधिकारियों से बदसलूकी के आरोप में शाही जामा मस्जिद प्रबंधन समिति के दो सदस्यों पर एफआईआर
संभल की शाही जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति के दो सदस्यों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. उन पर एएसआई के अधिकारियों से बदसलूकी और मस्जिद के संरक्षण कार्य के निरीक्षण के दौरान उन्हें मुख्य गुंबद में प्रवेश करने से रोकने के आरोप लगाए गए हैं.
इस साल 10 अक्टूबर से 14 नवंबर के बीच केंद्र सरकार की ग्रामीण रोज़गार योजना, मनरेगा के डेटाबेस से लगभग 27 लाख मज़दूरों के नाम हटा दिए गए, जो इसी अवधि में जुड़े 10.5 लाख नए नामों से कहीं ज़्यादा है. डेटाबेस से नाम हटाने की इस ‘असामान्य’ दर को लेकर कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों के संघ लिब टेक ने चिंता जताई है.
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विवादास्पद डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) अधिनियम, 2025 के नियमों को तत्काल प्रभाव से अधिसूचित कर दिया है. आलोचकों का कहना है कि यह नागरिकों के डेटा अधिकारों की रक्षा करने के बजाय पारदर्शिता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए नई बाधाएं पैदा करता है.
पिछले महीने चाईबासा में खनन और अन्य भारी वाहनों के लिए ‘नो-एंट्री’ नियम लागू करने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए 18 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को पुलिस कथित तौर पर हथकड़ी लगाकर परीक्षा फॉर्म भरने के लिए उनके कॉलेज ले गई. उनके परिवार का आरोप, ऐसा तब हुआ जब एक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को मौखिक रूप से कहा था कि उन्हें कॉलेज ले जाते समय हथकड़ी न लगाई जाए.
जहां पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले लगातार घट रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश तेज़ी से ऐसी घटनाओं का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है. 11 नवंबर को राज्य में ऐसी 1,052 घटनाएं दर्ज की गईं. नर्मदापुरम, अशोकनगर और सिवनी जैसे ज़िले सबसे प्रभावित हैं.
गुड़गांव पुलिस ने सभी हाउसिंग सोसाइटियों, मकान मालिकों और पीजी आवासों को उनके यहां रहने वाले जम्मू-कश्मीर के निवासियों और विदेशी नागरिकों की जानकारी अधिकारियों से साझा करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली धमाके के बाद ज़िला प्रशासन का आदेश है कि यह जांचा जाए कि कौन कहां से आया है और कितने समय से यहां रह रहा है.
पिछले महीने चाईबासा में खनन और अन्य भारी वाहनों के लिए ‘नो-एंट्री’ नियम लागू करने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक गर्भवती आदिवासी महिला को हिरासत में लिया गया था. आदिवासी समूहों का आरोप है कि इस हफ्ते की जेल में उनका गर्भपात हो गया. चाईबासा जेल अधीक्षक ने क़ैदियों में किसी भी तरह की गर्भावस्था या गर्भपात की ख़बरों से इनकार किया है.
दिल्ली के लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को हुए एक कार धमाके में जान गंवाने वालोंं में दिहाड़ी मज़दूर से लेकर सपने देखने वाले युवा और अकेले अपनी कमाई से घर संभालने वाले कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके परिवारों की ज़िंदगी अब हमेशा के लिए बदल गई है.
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले में एक आभूषण की दुकान में चोरी के मामले में गिरफ़्तार किए गए 19 वर्षीय एक आरोपी की पुलिस हिरासत मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा बेरहमी से प्रताड़ित किए जाने के बाद ऐसा हुआ. वहीं पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि वह बीमार थे.
बिहार चुनाव में जातिगत और स्त्री-विरोधी गीतों का भरपूर प्रयोग हो रहा है, जो समाज की विभाजन रेखा और तीखी कर रहा है. चूंकि जाति आधारित राजनीति के लिए ऐसे गाने मुफ़ीद है, इसलिए कोई दल या संगठन इसके खिलाफ नहीं बोलता.
छत्तीसगढ़ के बलौद ज़िले के जवारतला गांव में ईसाई धर्म अपना चुके एक व्यक्ति के शव को गांव वालों ने गांव के क़ब्रिस्तान में दफ़नाने नहीं दिया. इससे पहले, कांकेर ज़िले के एक गांव में भी धर्म परिवर्तन कर चुके एक व्यक्ति के शव को दफ़नाने से रोक दिया गया था.
अंतरजातीय विवाह को राष्ट्रीय हित में मानते हुए और इसे पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाए जाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जब दो वयस्क आपसी सहमति से विवाह या साथ रहने का निर्णय लेते हैं, तो न तो परिवार और न ही समुदाय, उन्हें क़ानूनी रूप से बाधित कर सकता है और न ही उन पर दबाव, प्रतिबंध लगा सकता है.
दिल्ली में ज़हरीली हवा को लेकर रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया. कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा और ट्रैफ़िक कारणों से इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति पहले ही ख़ारिज कर दी गई थी और प्रदर्शनकारियों से जंतर मंतर जाने के लिए कहा गया था.
जिन राजाओं को प्रजापालन से ज्यादा प्रजा पर नाना प्रकार के अत्याचार कर उसे सताने और धर्म, शील व सदाचार के सिर पर पाद-प्रहार के लिए जाना जाता है, एक समय उनको राजा बनने के लिए राजाधिराज, बादशाह या उनके प्रतिनिधि के बाएं पैर के अंगूठे से अपना राजतिलक कराना पड़ता था और वे खुशी-खुशी खुद को इसके लिए 'प्रस्तुत' कर देते थे. बिना इस सवाल के कि इस तरह किया गया राजतिलक राजतिलक है, अपमानतिलक?