सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मणिपुर में 2023 के जातीय हिंसा के दौरान दो कुकी महिलाओं के साथ गैंगरेप और निर्वस्त्र घुमाने के दो आरोपियों के ज़मानत रद्द करने की मांग की. सितंबर 2025 को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को ज़मानत दे दी थी. अदालत ने गंभीर आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा था कि बिना मुक़दमे के लंबी हिरासत को सज़ा के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मेघालय, मणिपुर, मिज़ोरम और असम के प्रमुख समाचार.
मणिपुर के उखरुल ज़िले में 11 मार्च को तंगखुल नगा समुदाय के 21 लोगों को कुकी-ज़ो समुदाय के लोगों ने बंधक बना लिया था. अधिकारियों ने बताया कि बातचीत और समझौते के बाद गुरुवार तड़के बंधकों को छोड़ दिया गया.
घटना दिल्ली के साकेत कोर्ट के पास स्थित एक पार्क की बताई जा रही है, जहां मणिपुर की रहने वाली एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई है. पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वह अपनी दोस्त के साथ एक पार्क में टहल रही थीं, तभी कुछ युवकों ने कथित तौर पर उन पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणियां कीं और विरोध करने पर उन पर हमला किया.
मई 2023 में मणिपुर की राजधानी इंफाल में भीड़ द्वारा किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हुए भाजपा विधायक वुंगज़ागिन वाल्टे का बीते हफ्ते निधन हो गया. अब उनके परिवार ने कहा कि जब तक ज़ोमी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही अलग ज़िला बनाने की मांग सरकार द्वारा स्वीकार नहीं की जाती, तब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
2026 के ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (बाफ्टा) में भारत की एकमात्र नामित मणिपुरी भाषा की फीचर फिल्म ‘बूंग’ ने ‘बेस्ट चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म’ श्रेणी में पुरस्कार जीत लिया. फिल्म की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी ने कहा कि बूंग एक ऐसी जगह की कहानी है जो बेहद अशांत है, जिसे भारत में लंबे समय से नज़रअंदाज़ किया गया और जिसका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं हुआ. हम प्रार्थना करते हैं कि मणिपुर में शांति लौटे.
2023 में मणिपुर की जातीय हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का इलाज के दौरान बीते शुक्रवार को निधन हो गया. 13 सितंबर, 2025 को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि 4 मई 2023 को उन पर मेईतेई मिलिशिया द्वारा किए गए क्रूर हमले को लेकर कोई विशेष जांच (सीबीआई/एनआईए) शुरू नहीं की गई थी.
18 फरवरी की रात इंफाल ईस्ट ज़िले में स्थानीय अख़बार 'नाहरोलगी थौडांग' के संपादक खोइरॉम लोयलाकपा अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाई गईं. पुलिस ने कहा है कि हमले के पीछे का मकसद और हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन और एडिटर्स गिल्ड ऑफ मणिपुर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा से जुड़ी 11 एफआईआर की जांच कर रही सीबीआई से दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े मामलों पर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा. साथ ही यह भी कहा कि पीड़ितों के पुनर्वास और कल्याण पर जस्टिस गीता मित्तल समिति की सिफ़ारिशों का ठीक से पालन किया जाना चाहिए.
मणिपुर के उखरुल ज़िले में हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी को तब हुई, जब कथित तौर पर एक तंगखुल नगा व्यक्ति के साथ कुकी-जो समुदाय के कुछ लोगों ने मारपीट की. उसके बाद आगजनी और गोलीबारी घटनाएं हो रही हैं. गुरुवार को लितान सारेखोंग गांव में और दो घरों में आग लगा दी गई. वहीं, तंगखुल नगा महिलाओं के एक समूह ने लितान पुलिस थाने पर धावा बोलने की कोशिश की.
मणिपुर के नगा-बहुल उखरुल ज़िले के लितान इलाके में 7 फरवरी से हिंसा जारी है. रविवार और सोमवार के बीच दोनों समुदायों के 27–28 घर जला दिए गए थे. मंगलवार सुबह कई खाली घरों में आग लगा दी गई और गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद राज्य सरकार ने ज़िले में पांच दिनों के लिए इंटरनेट पर रोक लगा दी है.
मणिपुर के उखरूल ज़िले में कुकी-ज़ो और नगा समुदायों के बीच कथित झड़प के बाद प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी है. सोमवार रात को लितान गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने कई घरों में आग लगा दी, जिसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है.
मणिपुर के कुकी-ज़ो बहुल चूड़ाचांदपुर ज़िले में नवगठित सरकार में समुदाय के तीन विधायकों की भागीदारी को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शांति की अपील करते हुए कहा कि संविधान और क़ानून के अनुसार आचरण करें और हिंसा का सहारा न लें.
गुरुवार शाम को मणिपुर की नवगठित सरकार ने विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित कर दिया. कुकी-ज़ो समुदाय के 10 विधायकों में से कोई भी इंफाल में विधानसभा कक्ष में मौजूद नहीं था. हालांकि, सरकार का समर्थन करने वाले तीन विधायकों ने कार्यवाही में कुछ देर के लिए ऑनलाइन हिस्सा लिया. दूसरी ओर, तीन कुकी-ज़ो विधायकों की सरकार गठन में भागीदारी को लेकर चूड़ाचांदपुर ज़िले में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए.
बुधवार को मणिपुर के लोक भवन में युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री और नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक लोसी दीखो ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वहीं, दिल्ली के मणिपुर भवन में कुकी समुदाय की नेमचा किपगेन ने ऑनलाइन उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इसके बाद क़रीब 50 कुकी-ज़ो नागरिकों ने मणिपुर भवन के बाहर एकत्रहोकर प्रदर्शन करते हुए किपगेन के तत्काल इस्तीफ़े की मांग की.