वह चुनाव अभियान जिसने सांप्रदायिक राजनीति को बदल दिया

वर्ष 2002 में नरेंद्र मोदी के पहले राजनीतिक चुनाव प्रचार ने सबकुछ बदल दिया. पहली बार किसी पार्टी के नेता और उसके मुख्य चुनाव प्रचारक ने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरा प्रचार अभियान चलाया.

‘रामदेव के गुरु जब हरिद्वार में साइकिल से भटक रहे थे, उनके शिष्य ज़मीन-गाड़ियां खरीद रहे थे’

योगगुरु से उद्योगपति के रूप में उभरे बाबा रामदेव पर प्रियंका पाठक नारायण से उनकी किताब ‘गॉडमैन टू टाइकून’ के बारे में बातचीत.

भाजपा के विधायकों-सांसदों पर दर्ज हैं महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के सर्वाधिक मामले

एडीआर के अध्ययन के अनुसार महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में भाजपा के बाद शिवसेना और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.

चुनावी ट्रस्टों से मिला 95 प्रतिशत चंदा बीजेपी को: एडीआर

रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान सत्या चुनावी ट्रस्ट की ओर से 47 करोड़ रुपये तो समाज चुनाव ट्रस्ट को 2.52 करोड़ रुपये राजनीतिक दलों को मिले.

शरद यादव को ‘राष्ट्र विरोधी’ ताकतों का समर्थन न करने की धमकी

पत्र में जदयू के बागी नेता को आगाह किया गया है कि वह बिहार सरकार और हिंदू हितों के ख़िलाफ़ न बोलें वरना उन्हें ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा.

‘संयोग है कि गोशाला खोलने का निर्णय तब लिया जब राजनीति गाय के इर्द​​​​-गिर्द केंद्रित है​​​​’

पत्रकारिता विश्वविद्यालयों को चढ़ा बाबागिरी का बुखार. आईआईएमसी में हवन के बाद अब माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय करेगा गोसेवा.

जन गण मन की बात, एपिसोड 107: स्वाइन फ्लू और मोदी कैबिनेट

जन गण मन की बात की 107वीं कड़ी में विनोद दुआ स्वाइन फ्लू से होने वाली मौतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में होने जा रहे फेरबदल पर चर्चा कर रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 106: निजता का अधिकार और गुरमीत राम रहीम

जन गण मन की बात की 106वीं कड़ी में विनोद दुआ निजता के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और बलात्कार के एक मामले में आरोपी गुरमीत राम रहीम पर चर्चा कर रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 103: राजनीतिक दलों को चंदा और कार्ति चिदंबरम

जन गण मन की बात की में विनोद दुआ राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे पर एडीआर की रिपोर्ट और कार्ति चिदंबरम पर सीबीआई के शिकंजे पर चर्चा कर रहे हैं.

शरद के सम्मेलन में बोले राहुल- आरएसएस को जब तक सत्ता नहीं मिली तब तक तिरंगा नहीं फ़हराया

शरद यादव के नेतृत्व में 'साझी विरासत बचाओ सम्मलेन' में विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा, संविधान ख़तरे में, देश में अघोषित आपातकाल.

क़ानून अपना काम करेगा यानी नहीं करेगा

क़ानून को काम करने देने के बयान का मतलब ही क़ानून को काम न करने देने के प्रयासों के अति सक्रिय हो जाने का संकेत होता है, जो वर्णिका मामले में दिए गए विभिन्न वक्तव्यों को ध्यान से पढ़ने पर साफ दिख जाता है.

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