Covaxin

रामदेव को तथ्यहीन और अवैज्ञानिक दावे करने की छूट क्यों मिली हुई है

विशेष: दवाओं से जुड़े क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए रामदेव की पतंजलि वेलनेस और दिव्य साइंटिफिक आयुर्वेद द्वारा अपने उत्पादों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए अख़बारों में धड़ल्ले से साक्ष्य रहित एलोपैथी विरोधी विज्ञापन दिए जा रहे हैं. इससे पहले महामारी के बीच में रामदेव ने ‘कोरोना वायरस की दवा’ बनाने का भी दावा किया था.

किसी को भी कोविड-19 टीकाकरण कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शारीरिक स्वायत्तता और अखंडता की रक्षा की जाती है. पीठ ने सुझाव दिया कि जब तक कोविड-19 संक्रमितों की संख्या कम है, तब तक टीकाकरण नहीं करवाने वालों पर सार्वजनिक स्थानों पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए. अदालत ने टीका परीक्षण से जुड़े सभी आंकड़ों को भी बिना देरी किए जनता को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश​ दिया है.

डब्ल्यूएचओ ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों को कोवैक्सीन की आपूर्ति निलंबित की

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कहा गया है कि 14 से 22 मार्च 2022 के बीच हुए ईयूएल (आपात इस्तेमाल प्राधिकार) निरीक्षण के नतीजों के बाद यह निलंबन किया गया है. भारत बायोटेक की यूनिट में जीएमपी (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) को लेकर जो कमियां पाई गई हैं, उनमें सुधार करने की ज़रूरत है.

देश में 12 से 14 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का कोविड रोधी टीकाकरण 16 मार्च से शुरू होगा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि 12 से 14 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों को हैदराबाद स्थित ‘बायोलॉजिकल इवांस’ द्वारा निर्मित कोविड-19 रोधी ‘कोर्बेवैक्स’ टीके की खुराक दी जाएगी. साथ ही 60 से अधिक आयु के सभी लोग अब एहतियाती खुराक ले पाएंगे. 

कोविड-19 बूस्टर डोज़ के लिए वरिष्ठ नागरिकों को डॉक्टर के प्रमाण-पत्र की ज़रूरत नहीं: केंद्र

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि 60 से अधिक उम्र की 2.75 करोड़ आबादी को कोविड टीके की एहतियाती डोज़ लगनी है, जिसे लेने से पहले वे अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि नए टीकाकरण अभियान के तहत 15-18 आयुवर्ग के लाभार्थियों को सिर्फ कोवैक्सीन दी जाएगी.

डब्ल्यूएचओ ने कोवैक्सीन के आपात उपयोग की मंज़ूरी दी, फार्मा कंपनी ने महत्वपूर्ण क़दम बताया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से कहा गया है कि उसके द्वारा बनाया गया तकनीकी परामर्शदाता समूह, जिसमें दुनियाभर के नियामक विशेषज्ञ हैं, पूरी तरह से आश्वस्त है कि कोवैक्सीन कोविड-19 के ख़िलाफ़ रक्षा करने संबंधी उसके मानकों पर खरी उतरती है और इस टीके के लाभ इसके जोख़िमों से कहीं अधिक हैं, अत: इसका उपयोग किया जा सकता है.

केंद्र की टीकाकरण योजना से ‘मौलिक अधिकार का उल्लंघन’ हुआ: केरल हाईकोर्ट

कोर्ट ने कहा कि टीकाकरण योजना ने भारत में नागरिकों के दो वर्ग बना दिए हैं. इसमें एक तरफ़ कोवैक्सीन लेने वाले नागरिक शामिल हैं जिनकी आवाजाही पर पाबंदी है, वहीं दूसरी ओर वो हैं जिन्होंने कोविशील्ड टीका लिया और वे कहीं भी जा सकते हैं. इसके चलते ‘आवाजाही के मौलिक अधिकार का उल्लंघन’ हुआ है.

दो से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने दो साल से 18 साल तक के बच्चों एवं किशोरों में इस्तेमाल के लिए कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के दूसरे-तीसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है. कंपनी ने इसके सत्यापन तथा आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी के लिए इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को आंकड़े सौंप दिए थे.

कोविड-19ः भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के एक खुराक वाले टीके को आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी

अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का टीका भारत में कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाली पांचवीं वैक्सीन है. कंपनी ने अपने टीके के आपात इस्तेमाल अधिकार के लिए छह अगस्त को आवेदन दिया था और भारत के औषधि महानियंत्रक ने उसी दिन उसे मंज़ूरी दे दी.

राजस्थानः कोरोना वैक्सीन की कमी से 30 लाख लोगों को नहीं लगी दूसरी डोज़

राज्य के स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार राज्य में खुराकों में अंतराल की अनिवार्य अवधि पूरी होने बाद के 8.94 लाख लोग कोवैक्सीन और 20.97 लाख लोग कोविशील्ड की दूसरी डोज़ का इंतज़ार कर रहे हैं.

कोवैक्सीन भ्रष्टाचार: कोर्ट ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ जांच की मंज़ूरी दी

ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन’ संबंधी एक सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कथित रूप से कार्रवाई नहीं करने का आरोप है. ब्राज़ील के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को देशभर में बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं.

भारत में आपात उपयोग के लिए सिप्ला को मॉडर्ना के कोविड टीके की मंज़ूरी मिली

अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना का टीका भारत में कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाली चौथी वैक्सीन है. सिप्ला ने भारतीय औषधि नियामक से अमेरिकी फार्मा कंपनी की ओर से कोविड वैक्सीन के वितरण की वैश्विक पहल कोवैक्स के तहत इन टीकों के आयात और विपणन का अधिकार देने का अनुरोध किया था.

अमेरिका के एफडीए ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी नहीं दी

अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (एफडीए) ने भारत बायोटेक के अमेरिकी साझेदार ओक्यूजेन इंक को सलाह दी है कि वह भारतीय वैक्सीन के इस्तेमाल की मंज़ूरी हासिल करने के लिए अतिरिक्त आंकड़ों के साथ जैविक लाइसेंस आवेदन (बीएलए) पाने के लिए अनुरोध करे. ऐसे में कोवैक्सीन को अमेरिकी मंज़ूरी मिलने में थोड़ा और वक़्त लग सकता है.

सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए टीकों की एक खुराक की अधिकतम कीमत तय की

स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए कोविशील्ड की एक खुराक की अधिकतम कीमत 780 रुपये जबकि कोवैक्सीन की एक खुराक के लिए 1,410 रुपये और स्पुतनिक-वी की एक खुराक की कीमत 1,145 रुपये तय की. मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि ज़्यादा शुल्क वसूले जाने पर निजी टीकाकरण केंद्रों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए.

कोविड-19: कर्नाटक हाईकोर्ट ने टीकाकरण में असमानता पर केंद्र और राज्य सरकार से जांच करने को कहा

कर्नाटक सरकार ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड की सप्लाई की कमी की वजह से 14 मई को 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान रोक दिया था. राज्य इस आयुवर्ग के सिर्फ़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक उपलब्ध करा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के लिए पहली खुराक उपलब्ध है.