सेप्टिक टैंक में श्रमिकों की मौत: एसकेयू ने कहा- जातिगत भेदभाव और ठेका व्यवस्था ले रही जान

दिल्ली के मुंडका में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मज़दूरों की मौत के विरोध में सफाई कामगार यूनियन ने प्रदर्शन किया. यूनियन ने घटना के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया. साथ ही मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवज़ा, सरकारी नौकरी और सभी कार्यस्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की.

दिल्ली सरकार ने हिंदी साहित्यिक सम्मानों का नाम बदलकर सावरकर, भाजपा नेताओं के नाम पर रखा

दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी ने शीर्ष साहित्यिक सम्मानों का नाम बदलकर आरएसएस और भाजपा से जुड़े व्यक्तियों के नाम पर रखा है. वीडी सावरकर और अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर पुरस्कार के नामकरण के साथ ही अकादमी ने सर्वोच्च सम्मान ‘हिंदी अकादमी शलाका सम्मान’ के नाम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम जोड़ा है.

मालवीय नगर अग्निकांड: कर्मचारियों की कमी के चलते हुई बचाव कार्य में देरी, हादसे के बाद लाइसेंस का आवेदन

दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह फ्लरिश बी एंड बी में लगी आग ने होटल प्रबंधन व नियमों की अनदेखी और सुरक्षा लापरवाहियों से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ख़बरों में बताया गया है कि अव्वल तो यह इमारत 'होटल' के तौर पर दर्ज ही नहीं थी. वहीं, कर्मचारियों की कमी के चलते पास के फायर स्टेशन से मदद पहुंचने में भी देरी हुई.

मालवीय नगर अग्निकांड: कोर्ट के आदेशों की अनदेखी, नियमों का उल्लंघन

दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर में एक इमारत में लगी आग से क़रीब पांच महीने पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सूबे के अधिकारियों से राजधानी के सभी होटलों, रेस्तरां और अन्य हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में आग से सुरक्षा के नियमों से जुड़ी चिंताओं को तत्काल दूर करने के लिए कहा था. अब जांच में सामने आया है कि जिस 'फ्लरिश बी एंड बी' में आग लगी, वहां कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था.

दिल्ली हिंसा के छह साल: सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और आपराधिक चुप्पी साध ली

2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के छह साल बाद अगर पीछे मुड़कर देखा जाए, तो यह सांप्रदायिक नरसंहार सबसे अलग है. केंद्र और प्रदेश सरकारों ने अपने नागरिकों को हिंसा से बचाने, उनकी ज़िंदगी फिर से पटरी पर लाने और न्याय दिलाने में मदद करने की अपनी ज़िम्मेदारियों से ख़ुद को अलग कर लिया.

सालभर में दिल्ली की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी रेखा गुप्ता सरकार?

दिल्ली की भाजपा सरकार भले ही खुद को ‘वादों की नहीं, बल्कि काम की सरकार’ बता रही हो, लेकिन महिला समृद्धि योजना से लेकर बुज़ुर्गों की पेंशन बढ़ाने तक के अधूरे वादों को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में लोग बिजली-पानी, ख़राब सड़कें और कूड़े की समस्याओं से भी जूझ रहे हैं.

दिल्ली में अपनी सुरक्षा का ज़िम्मा ख़ुद लें महिलाएं, क्योंकि आयोग अभी बंद है!

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच दिल्ली महिला आयोग डेढ़ साल से बंद पड़ा है. आयोग की आखिरी नियुक्त अध्यक्ष स्वाति मालिवाल थीं, जिन्होंने जनवरी 2024 को राज्यसभा जाने के लिए पद छोड़ा है. इस साल फरवरी में भाजपा सरकार आने के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए थे लेकिन आज तक आयोग के दफ़्तर पर लगा ताला खुल नहीं सका.

दिल्ली की ज़हरीली हवा को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन, दर्जनों लोग हिरासत में लिए गए

दिल्ली में ज़हरीली हवा को लेकर रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया. कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा और ट्रैफ़िक कारणों से इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति पहले ही ख़ारिज कर दी गई थी और प्रदर्शनकारियों से जंतर मंतर जाने के लिए कहा गया था.

दिल्ली: ज़हरीली हवा पर एम्स की घर के अंदर रहने की सलाह, पर क्या ऐसा करना सबके लिए मुमकिन है?

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बीच एम्स (दिल्ली) ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को घर के अंदर रहने, एन 95 मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर लगाने की सलाह दी है. लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे उपायों को अपनाना निम्न आय वर्ग और ग़रीब तबके के लिए मुमकिन हैं?

उर्दू पत्रकारों के साथ हुआ दिल्ली के सरकारी कार्यक्रम में ‘भेदभाव’

13 अक्टूबर को दिल्ली सरकार ने ‘दीपावली मंगल मिलन’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन इस कार्यक्रम में उर्दू मीडिया से जुड़े किसी पत्रकार को शामिल नहीं किया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत के बाहर मैनुअल सीवर सफाई के लिए पीडब्ल्यूडी पर जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग पर मैनुअल सीवर सफ़ाई के ख़िलाफ़ अपने आदेशों का उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. इस मामले में अदालत परिसर के बाहर मज़दूरों, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर साफ़ करते पाया गया था.

ठेके पर न्याय: संविदा पर सरकारी वकील नियुक्त कर रही है दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने सेवानिवृत्त सरकारी वकीलों की संविदा भर्ती का विज्ञापन निकाला है, जिसका प्रॉसिक्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है. एसोसिएशन का कहना है कि यह नियमों और संविधान के ख़िलाफ़ है, युवाओं को अवसर से वंचित करता है और न्याय प्रक्रिया को कमज़ोर कर सकता है.

दिल्ली के एक डिलीवरी कर्मचारी की कहानी, उनकी अपनी ज़बानी

जो डिलीवरी कर्मचारी आपके दरवाजे पर चंद मिनटों में सामान पहुंचाता है, वह तमाम तरह का जोखिम उठाता है. लेकिन मुनाफे में उसे कोई हिस्सेदारी नहीं मिलती. त्वरित डिलीवरी व्यवस्था शोषण का आधुनिक संस्करण है. इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की नीति तैयार करते समय इन कर्मचारियों के मुद्दों पर विचार होना चाहिए.

महिला पेंशन: ‘अयोग्य’ पाई गईं 60,000 से अधिक लाभार्थियों की पेंशन बंद करेगी दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए सत्यापन अभियान के बाद महिला पेंशन योजना के तहत 60,000 से अधिक लाभार्थी अपात्र पाई गई हैं. इस योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा, अलग रह रही और निराश्रित महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है.

कांवड़ समितियों को फंड देगी दिल्ली की भाजपा सरकार, डीबीटी से मिलेंगे अधिकतम 10 लाख रुपये

दिल्ली सरकार ने पंजीकृत कांवड़ समितियों को 10 लाख रुपये तक की अनुदान राशि सीधे बैंक खाते में देने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे पारदर्शिता लाने वाला कदम बताया, जबकि सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने इसे असंवैधानिक बताते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कदम कहा है.

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