Election Commission

14 क्षेत्रीय दलों ने चुनावी बॉन्ड के ज़रिये चंदा प्राप्त होने की घोषणा की: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट में कहा है कि 42 क्षेत्रीय दलों का विश्लेषण किया गया, उनमें से केवल 14 ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 447.498 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की घोषणा की है, जो उनकी कुल आय का 50.97 प्रतिशत है.

त्रिपुरा में बसने की अनुमति पा चुके ब्रू लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं: मिज़ोरम

वर्ष 1997 में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान ब्रू समुदाय के 30 हज़ार से अधिक लोग मिज़ोरम छोड़कर त्रिपुरा के कुछ ज़िलों में बस गए थे. त्रिपुरा सरकार ने क़रीब 33,000 ब्रू लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की है. वहीं, मिज़ोरम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि तुइरियाल विधानसभा सीट पर उपचुनाव के मद्देनज़र उठी ब्रू मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की याचिकाएं निर्वाचन आयोग को भेज दी गई हैं.

पश्चिम बंगाल उपचुनाव: भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी की जीत

बीते मई महीने में पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करने वाली सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर कभी सहयोगी रहे भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं. बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से शोभनदेव चट्टोपाध्याय को चुनाव मैदान में उतारा था.

सुप्रीम कोर्ट गोपनीय चुनावी बॉन्ड मामले पर सुनवाई क्यों नहीं कर रहा है

वित्त मंत्रालय के निर्देश पर चुनावी बॉन्ड के 18वें चरण की बिक्री शुरू हो गई है और यह 10 अक्टूबर तक चलेगी. हालांकि कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गोपनीय चुनावी बॉन्ड को जारी रखने को लेकर चिंता ज़ाहिर की है और सर्वोच्च न्यायालय से इसमें तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है.

500 से अधिक लोग, 23 संगठन ने आधार-वोटर आईडी लिंक का विरोध किया, कहा- बेहद ख़तरनाक

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से ‘फ़र्ज़ी मतदाताओं’ को बाहर निकालने का हवाला देते हुए वोटर आईडी को आधार से लिंक करने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि जानकारों ने कहा कि जब वोटर लिस्ट की तुलना में आधार डेटाबेस में पहले से ही ज्यादा ख़ामियां हैं, तो इसे वोटर आईडी से जोड़कर समाधान कैसे निकाला जा सकेगा.

Kamrup: Voters show their ID cards while standing in a queue at a polling station during the 1st phase of the panchayat elections at Hatipara village, in Kamrup district, Assam, Wednesday, Dec. 05, 2018. (PTI Photo)(PTI12_5_2018_000042B)

पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव आयोग को पत्र लिख कहा- मतदाता सूची अपडेट करने की तुरंत ज़रूरत

देश के पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव आयोग को खुला पत्रकर लिखकर चुनावों के आयोजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है, जिसमें कमज़ोर और वंचित समूहों के लोगों को बाहर रखना और पंजीकरण प्रक्रिया में विसंगतियों जैसे मुद्दे शामिल हैं.

उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि पर अदालत का निर्देश: चुनाव आयोग ने कोष पर दलों को पत्र लिखा

निर्वाचन आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रमुखों को पत्र लिखकर कहा है कि उसने एक कोष का निर्माण किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर अदालत की अवमानना के लिए जुर्माना जमा कराया जा सकता है. बीते दस अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को निर्देश दिया था कि उन्हें अपनी वेबसाइट के होमपेज पर उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में सूचना प्रकाशित करनी होगी. 

चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल पर रोक की याचिका ख़ारिज होने के बाद अब शीर्ष अदालत में अपील

वकील सीआर जया सुकिन ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए दावा किया है कि मतपत्रों के ज़रिये मतदान किसी भी देश की चुनाव प्रक्रिया का अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी तरीका है. दुनिया के कुछ विकसित देश ईवीएम की प्रौद्योगिकी पर भरोसा नहीं करते हैं. 

यूपीः चुनाव आयोग की वेबसाइट हैक करने, फर्जी पहचान पत्र बनाने के आरोप में युवक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले एक शख्स ने अपनी कंप्यटूर की दुकान पर कथित तौर पर हजारों की संख्या में फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाए थे. चुनाव आयोग का कहना है कि उनका डेटाबेस पूरी तरह से सुरक्षित है.

साल 2019-20 में कुल चुनावी बॉन्ड की 75 फ़ीसदी राशि भाजपा को मिली, कांग्रेस को महज़ नौ फ़ीसदी

चुनाव आयोग में दायर किए गए पार्टी के वार्षिक ऑडिट के अनुसार, भाजपा देश की सबसे धनी राजनीतिक पार्टी बनी हुई है, जिसकी कुल नकदी 3,501 करोड़ रुपये (कैश और बैंक खातों में) है, जो कि साल 2019-20 में 1,904 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है. 2019-20 में पार्टी ने 73 करोड़ रुपये की ज़मीन और लगभग 59 करोड़ रुपये के भवन ख़रीदे थे.

ऑडिट में खामियां दिखाने वाली ईवीएम और वीवीपैट की संख्या बताई जाए: सीआईसी

सीआईसी का यह आदेश आरटीआई कार्यकर्ता वेंकटेश नायक की याचिका पर आया है, जिन्होंने ईवीएम और वीवीपैट की फर्मवेयर की जांच से संबंधित सूचना मांगी थी. फर्मवेयर किसी हार्डवेयर उपकरण पर एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है. इन ईवीएम और वीवीपैट इकाइयों का इस्तेमाल 2019 के लोकसभा चुनाव में किया गया था.

केंद्र ने यूआईडीएआई को लिखा पत्र, वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने की अनुमति मांगी

अगर आधार बनाने वाली एजेंसी यूआईडीएआई इस पर सहमति जता देती है तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और आधार अधिनियम, 2016 में संशोधन के बिना ही वोटर कार्ड के साथ आधार को लिंक करने का रास्ता साफ़ हो जाएगा.

पांच अन्य दलों को मिले कुल चंदे की तीन गुना से अधिक राशि भाजपा को मिलीः एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019-2020 में भाजपा द्वारा घोषित चंदे की राशि कांग्रेस, राकांपा, भाकपा, माकपा और टीएमसी द्वारा इसी अवधि में प्राप्त चंदे की कुल राशि से तीन गुना से भी अधिक है. भाजपा को 785.77 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि शेष दलों को कुल 228.035 करोड़ रुपये का चंदा मिला. 

ग़ैर-चुनावी अवधि में भी 150 करोड़ रुपये से अधिक का चुनावी बॉन्ड बेचा गया

आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चला है कि एक जुलाई से 10 जुलाई के बीच 17वें चरण में कलकत्ता ब्रांच से 97.31 करोड़ रुपये, चेन्नई ब्रांच से 30 करोड़ रुपये और हैदराबाद ब्रांच से 10 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे गए थे.

मोदी के आचार संहिता उल्लंघन पर आपत्ति जताने के बाद सर्विलांस सूची में आए थे अशोक लवासा

पेगासस प्रोजेक्ट: पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के फोन की फॉरेंसिक जांच के बिना यह बता पाना संभव नहीं है कि इसमें सफलतापूर्वक पेगासस स्पायवेयर डाला गया या नहीं, हालांकि निगरानी सूची में उनके नंबर का होना यह दर्शाता है कि उनके फोन में सेंध लगाने की योजना बनाई गई थी.