Hate Speech

ऑल्ट न्यूज़ वेबसाइट के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया

ऑल्ट न्यूज़ के एक अन्य सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने कहा कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मोहम्मद ज़ुबैर को 2020 में दर्ज एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन शाम को बताया गया कि उन्हें एक अन्य मामले में ​दर्ज एफ़आईआर के तहत गिरफ़्तार कर लिया गया है. सूत्रों ने बताया कि गिरफ़्तारी हिंदू धार्मिक भावनाओं को कथित रूप से आहत करने के मामले में हुई है.

New Delhi: Kerala CM Pinarayi Vijayan during a press conference in New Delhi on Saturday,June 23,2018.( PTI Photo/ Atul Yadav)(PTI6_23_2018_000063B)

केरल के कन्नूर में मस्जिद को भेजा गया पुलिस नोटिस अनुचित: मुख्यमंत्री कार्यालय

निलंबित भाजपा नेताओं द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर देश में उपजे विवाद के बीच केरल के कन्नूर ज़िले की एक मस्जिद को मय्यिल पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने नोटिस जारी कर कहा था कि कोई भी नफ़रती भाषण नहीं होना चाहिए, जो क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ता हो. ऐसा भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

हिंदुत्ववादी नेताओं को ‘घृणा फैलाने वाला’ कहने वाले पत्रकार पर दर्ज केस रद्द करने से इनकार

ट्विटर पर तीन हिंदू संतों- यति नरसिंहानंद, बजरंग मुनि और आनंद स्वरूप को कथित नफ़रत फैलाने वाला कहने पर ‘आल्ट न्यूज़’ वेबसाइट के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले के ख़ैराबाद थाने में बीते एक जून को मामला दर्ज किया गया था. केस रद्द करने से इनकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पहली नज़र में प्रतीत होता है कि ज़ुबैर ने अपराध किया है और मामले की जांच करने की ज़रूरत है.

सांप्रदायिक घृणा: ग़ाज़ियाबाद प्रशासन ने यति नरसिंहानंद को क़ानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के पुजारी और कट्टर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद ने कहा था कि वह 17 जून को दिल्ली की जामा मस्जिद जाएंगे और क़ुरान पर एक प्रस्तुति देंगे, जिसके बाद प्रशासन ने यह क़दम उठाया है. नोटिस में कहा कि अगर वह नफ़रत फैलाने वाले बयान देना बंद नहीं करेंगे, तो उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.

जुमे की नमाज़ पर प्रतिबंध की मांग करने वाली हिंदू महासभा की नेता के ख़िलाफ़ केस दर्ज

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय महासचिव पूजा शकुन पांडे ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को कथित तौर पर खून से पत्र लिखकर शुक्रवार की नमाज़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. उनका कहना है कि जुमे की सामूहिक नमाज़ देश में शांति के लिए ख़तरा है.

नरेंद्र मोदी के आठ साल के कार्यकाल का सार- बांटो और राज करो

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ सरीखे नारे देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने शासन में इस पर अमल करते नज़र नहीं आते हैं.

कट्टर हिंदुत्व नेताओं को ‘घृणा फैलाने वाला’ कहने पर पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ एफआईआर

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने एक ट्वीट में हिंदुत्ववादी नेताओं- यति नरसिंहानंद, बजरंग मुनि और आनंद स्वरूप को ‘घृणा फैलाने वाला’ बताया था. इसे लेकर ‘राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना’ के ज़िला प्रमुख भगवान शरण की शिकायत पर यूपी पुलिस ने उनके खिलाफ़ मामला दर्ज किया है.

फेसबुक पर नफ़रत फैलाने वाली पोस्ट 82% बढ़ीं, इंस्टाग्राम पर हिंसक सामग्री में 86 फीसदी इजाफ़ा

मेटा द्वारा 31 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक ने अप्रैल में नफ़रत फैलाने वाली 53,200 पोस्ट का पता लगाया, जो मार्च की ऐसी 38,600 पोस्ट की तुलना में 82 प्रतिशत अधिक है. इंस्टाग्राम ने अप्रैल में 77,000 हिंसक और उकसावे वाली सामग्रियों पर कार्रवाई की. यह आंकड़ा मार्च में 41,300 था.

दिल्ली दंगा: अदालत ने नेताओं को जवाब देने के लिए दो हफ़्तों का वक़्त दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में कई नेताओं और अन्य लोगों को पक्षकार बनाए जाने और उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किए जाने संबंधी याचिकाओं पर जवाब देने के लिए उन्हें दो हफ़्तों का समय दिया. याचिकाओं में इन नेताओं पर नफ़रती भाषण देकर दंगों के लिए माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए जांच का भी अनुरोध किया गया है.

केरल: हेट स्पीच मामले में पीसी जॉर्ज की ज़मानत रद्द, दोबारा गिरफ़्तार

कांग्रेस की केरल इकाई के पूर्व नेता पीसी जॉर्ज ने अप्रैल महीने में दिए मुस्लिम-विरोधी बयान के लिए एक मई को गिरफ़्तार किया गया था. पुलिस ने बताया कि मजिस्ट्रेट अदालत ने ज़मानत देते हुए निर्देश दिया था कि आरोपी ऐसा कोई विवादित बयान न दें जिससे दूसरों की धार्मिक भावनाएं आहत हों. लेकिन उन्होंने ऐसा किया.

धर्म संसद: मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण देने के आरोपी जितेंद्र त्यागी को अंतरिम ज़मानत

सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार धर्म संसद में मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर नफ़रत फैलाने वाला भाषण देने के मामले में आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी को तीन महीने की अंतरिम ज़मानत देते हुए उन्हें नफ़रत फैलाने वाला भाषण नहीं देने और इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल या सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी न करने का वादा करते हुए एक हलफ़नामा दाख़िल करने का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म संसद जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार में आयोजित ‘धर्म संसद’ में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण देने के मामले में इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने वाले जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ़ वसीम रिज़वी की ज़मानत याचिका पर उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया. त्यागी लगभग छह महीने से हिरासत में हैं. इस मामले के एक अन्य आरोपी क​ट्टरपंथी हिंदुत्तवादी धर्मगुरु यति नरसिंहानंद को बीते फरवरी माह में ही ज़मानत मिल गई थी.

कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने धर्म संसद में नफ़रत भरे भाषण को लेकर केस दर्ज किया

शीर्ष अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें दिल्ली और हरिद्वार में हुए ‘धर्म संसद’ कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण की एसआईटी जांच के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. दिल्ली पुलिस ने इससे पहले शीर्ष अदालत को बताया था कि दिसंबर 2021 को हिंदू युवा वाहिनी द्वारा राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में किसी भी समुदाय के ख़िलाफ़ कोई नफ़रत व्य​क्त नहीं की गई थी.

हिंदुत्व ट्रोलिंग के सामने घुटने टेककर सेना ने अपने धर्मनिरपेक्ष आदर्शों को कमज़ोर किया है

देश के सुरक्षा बल राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं, जिसे नफ़रत और कट्टरता चाहने वाली ताक़तें पसंद नहीं करती हैं.

अलीगढ़ धर्म सभा में कथित तौर पर नफ़रत भरे भाषण दिए गए, नरसिंहानंद और कालीचरण हुए थे शामिल

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में बीते एक मई को ‘सनातन हिंदू सेवा संस्थान’ द्वारा एक धर्म सभा का आयोजन किया गया था. आरोप है कि सभा में एक ​बार फिर अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण दिए गए हैं. नरसिंहानंद और कालीचरण पहले से ही नफ़रत भरे भाषणों के लिए आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं.