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कर्मचारी राष्ट्रविरोधी, सांप्रदायिक सोशल मीडिया समूहों से बाहर निकलें: मणिपुर सरकार

मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को उन सोशल मीडिया समूहों से बाहर निकलने का निर्देश दिया है, जो ‘अलगाववादी’, ‘राष्ट्र-विरोधी’ और ‘सांप्रदायिक’ एजेंडे के प्रचार में लिप्त हैं. विशेष गृह सचिव द्वारा जारी एक पत्र में कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को 12 अगस्त शाम छह बजे तक वॉट्सऐप और फेसबुक पर ऐसे समूहों से बाहर निकलना होगा.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

अदालत ने केंद्र और राज्यों से कहा- हेट स्पीच पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए क़दम स्पष्ट करें

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव से भीड़ हिंसा और नफ़रत भरे भाषण जैसी अप्रिय स्थितियों को रोकने के लिए निवारक, सुधारात्मक और उपचारात्मक उपायों के संबंध में उसके पूर्व के दिशानिर्देशों के अनुपालन को लेकर राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों से सूचना एकत्रित कर कोर्ट को इसकी जानकारी देने को कहा है.

सीएए प्रदर्शन: भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ हेट स्पीच के लिए एफ़आईआर के अनुरोध वाली याचिका ख़ारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान कथित घृणास्पद भाषण यानी हेट स्पीच के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा के सांसद प्रवेश वर्मा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के संबंध में माकपा की नेता वृंदा करात और केएम तिवारी की याचिका में दावा किया था कि दोनों ने लोगों को भड़काने की कोशिश की थी, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में दो अलग-अलग विरोध स्थलों पर गोलीबारी की तीन घटनाएं हुईं.

तेलंगाना: नफ़रत भरे भाषण मामले में विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी आरोपमुक्त

एआईएमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के ख़िलाफ़ ये मामले 2013 में दर्ज किए गए थे. उन पर एक समुदाय के ख़िलाफ़ भड़काऊ और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप था. अदालत ने कहा कि आरोपी के ख़िलाफ़ मामलों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं और उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.

मुस्लिम तुष्टिकरण की बात छलावा, दल ध्रुवीकरण के चलते मुस्लिमों से कन्नी काट रहे: एसवाई क़ुरैशी

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी ने कहा कि 1980 और 1990 के दशक में ध्रुवीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए मुस्लिम तुष्टिकरण का एक ‘मिथक’ बनाया गया था, जिसने ग़ैर मुसलमानों के मन में यह धारणा पैदा की कि उनकी नौकरियां छीनी जा रही हैं. 

अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘धर्म संसद’ का आयोजन अब अप्रैल में होगा

धर्म संसद की प्रवक्ता पूजा शकुन पांडेय ने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम को कोविड महामारी और राज्य में जारी विधानसभा चुनावों के कारण स्थगित किया गया है. उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्था की प्रमुख मांग देश के हर ज़िले में धर्म गुरुओं की नियुक्ति का प्रावधान करना है, जो सरकार में सलाहकारों के रूप में काम करेंगे.

हेट स्पीच: अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘धर्म संसद’ पर डीएम और एसपी से एहतियाती कार्रवाई का आग्रह

22-23 जनवरी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ‘सनातन धर्म संसद’ के आयोजन का ऐलान किया गया है. बीते दिसंबर महीने में हरिद्वार और दिल्ली में आयोजित ऐसे ही धर्म संसद कार्यक्रमों में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर नफ़रत भरे भाषण देने के साथ उनके नरसंहार का आह्वान किया गया था.

New Delhi: A view of the Supreme Court, in New Delhi, on Thursday. (PTI Photo / Vijay Verma)(PTI5_17_2018_000040B)

नफ़रत भरे भाषणों के सिलसिले में याचिका दाख़िल कर अदालत की निगरानी में जांच की मांग

उत्तराखंड के हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच हिंदुत्ववादी नेताओं द्वारा एक ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया गया था, जिसमें मुसलमान एवं अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण देने के साथ उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया था. इसी तरह दिल्ली में हिंदु युवा वाहिनी के एक कार्यक्रम में सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके ने कहा था कि वह भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के लिए ‘लड़ने, मरने और मारने’ के लिए तैयार हैं.

नफ़रत भरे भाषण देने में भाजपा सबसे आगे, बिहार में दिए गए सबसे ज़्यादा भाषण

सर्वेक्षण: पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज़ के तत्वावधान में क़ानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.