Hindu Groups

गुड़गांव: खुले में नमाज़ पढ़ने का हिंदू समूहों ने किया विरोध

वीडियो: गुड़गांव के सेक्टर 47 में हर शुक्रवार जुमे की नमाज़ के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों का समूह इकट्ठा होता है. वे मई 2018 से यहां की एक ख़ाली ज़मीन पर नमाज़ अदा कर रहे हैं. इस साल बजरंग दल और भारत माता वाहिनी के कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं.

एमपी: विवादास्पद धार्मिक पुस्तकें बांटने पर हिंदुत्ववादी संगठनों की आपत्ति, आठ लोग हिरासत में

मध्य प्रदेश के दतिया शहर का मामला. कथित रूप से धर्मांतरण के लिए विवादास्पद पुस्तकों का वितरण करने के मामले में पुलिस ने पांच महिलाओं सहित 10 लोगों के ख़िलाफ़ कोतवाली पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज किया है.

सुरेश चव्हाणके के ख़िलाफ़ एफआईआर, धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश का आरोप

राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ के सदस्य गिरराज मीणा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि 23 जुलाई की शाम सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके ने उन्हें और पूरे आदिवासी समुदाय को गाली दी. यह भी कहा गया कि वे सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने के लिए अराजकता और दंगे फैलाना चाहते हैं.

महाराष्ट्रः अंतरधार्मिक विवाह का कार्ड लीक होने पर’ लव जिहाद’ बताकर हुआ विरोध, समारोह रद्द

मामला नासिक का है, जहां एक हिंदू महिला की मुस्लिम पुरुष से शादी का कार्ड वॉट्सऐप पर लीक होने के बाद कुछ लोगों ने इसे ‘लव जिहाद’ बताते हुए इसका विरोध किया. परिवारों की सहमति से होने वाला वैवाहिक समारोह 18 जुलाई को होना था, लेकिन अब इसे रद्द कर दिया गया है.

कर्नाटकः तर्कवादी विचारक एवं लेखक केएस भगवान पर महिला वकील ने स्याही फेंकी

महिला वकील ने उन पर हिंदू धर्म का अपमान करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. जब पुलिस पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले की जांच कर रही थी, तब उसे उन लोगों की हिट लिस्ट मिली थी, जो दक्षिणपंथी हिंदू समूहों के निशाने पर थे, इसमें केएस भगवान का भी नाम शामिल था.

कर्नाटक सरकार के आदेश के बाद अदालतों ने सांप्रदायिक हिंसा के 21 मामले वापस ले लिए थे

कर्नाटक की विभिन्न अदालतों का यह फ़ैसला राज्य की भाजपा सरकार के 31 अगस्त 2020 के आदेश पर आधारित है. सरकार के क़दम से मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा, हिंदुत्ववादी संगठनों के 206 सदस्यों और 106 मुस्लिमों को राहत मिली है.

‘अयोध्या में होने वाली धर्मसभा देश में अशांति फैलाने की साज़िश है’

25 नवंबर को अयोध्या में हिंदू संगठनों के जुटान पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद का नज़रिया.