नए आपराधिक क़ानून- नागरिक सुरक्षा या पुलिस राज

भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को बदलने के लिए लाए गए तीन विधेयक मूल रूप से पुराने क़ानूनों के प्रावधानों की ही प्रति है पर इन नए क़ानूनों में कुछ विशेष बदलाव है जो इन्हें ब्रिटिश क़ानूनों से भी ज़्यादा ख़तरनाक बनाते हैं.

मणिपुर हिंसा पर मिज़ोरम सीएम ने कहा- उन्हें उम्मीद है कि वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा

मणिपुर में ताज़ा हिंसा के बीच पड़ोसी राज्य मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदोहुमा ने कहा है कि भारत सरकार, मणिपुर सरकार और आदिवासी नेताओं के बीच एक समाधान होना चाहिए. हर बात गृह मंत्रालय पर निर्भर करता है. देश में कहीं भी परेशानी होने पर हस्तक्षेप करना गृह मंत्रालय की ज़िम्मेदारी है.

पिछले तीन सालों में भारत-पाक सीमा पर 39 लोगों ने जान गंवाई: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने लोकसभा में बताया है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर पिछले तीन वर्षों में 17 लोग घायल हुए हैं. वहीं, भारत-बांग्लादेश सीमा पर पिछले तीन वर्षों में घुसपैठ की 2,654 घटनाएं दर्ज की गईं और 13 लोग मारे गए.

केंद्र सरकार ने बदलाव के बाद तीन आपराधिक क़ानून विधेयक सदन में फ़िर से पेश किए

भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की जगह तीन नए विधेयक क्रमश: भारतीय न्याय संहिता विधेयक, भारतीय साक्ष्य अधिनियम विधेयक और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक लाए गए हैं. विशेषज्ञ इन विधेयकों और उनके द्वारा भारत की न्याय प्रणाली में लाए जाने वाले बदलावों को लेकर चिंतित हैं.

मंत्रियों-राष्ट्रपति के बीच विशेषाधिकार संचार पर अदालतें नहीं कर सकेंगी पूछताछ: नया क़ानून

1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेने वाले भारतीय साक्ष्य (बीएस) विधेयक में कहा गया है कि मंत्रियों और भारत के राष्ट्रपति के बीच किसी भी विशेषाधिकार संचार को किसी भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि यह संविधान के अनुच्छेद 74 (2) में भी कहा गया है, लेकिन केंद्र इसे साक्ष्य पुस्तिका का हिस्सा बनाकर क़ानूनी समर्थन देना चाहता है.

आरआर स्वैन जम्मू कश्मीर के नए पुलिस प्रमुख ​बनाए गए

एजीएमयूटी कैडर के 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी आरआर स्वैन, डीजीपी दिलबाग सिंह का स्थान लेंगे, जो 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. स्वैन ने आतंकवाद समर्थकों, उनके ओवर-ग्राउंड कार्यकर्ताओं के साथ ही उनके फंडिंग के चैनल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करके आतंकी तंत्र को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

समान नागरिक संहिता और मणिपुर हिंसा के ख़िलाफ़ दिल्ली में आदिवासियों का प्रदर्शन

वीडियो: दिल्ली के जंतर मंतर पर देश के अलग अलग हिस्सों से आए आदिवासियों ने एक दिन का धरना दिया. यह विरोध समान ना​गरिक संहिता (यूसीसी) और मणिपुर हिंसा में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ था. केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए मणिपुर में जारी हिंसा रोकने की मांग की गई.

मणिपुर भाजपा ने जातीय हिंसा को लेकर पार्टी अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा- जनता में नाराज़गी है

भाजपा की मणिपुर इकाई ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा है कि लोग नाराज़ में हैं, क्योंकि राज्य सरकार अब तक जातीय संघर्ष को रोकने में विफल रही है. इकाई ने उन लोगों को मुआवज़ा प्रदान करने का भी आह्वान किया, जिनके घर नष्ट हो गए हैं और जातीय संघर्ष में मारे गए लोगों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने का भी अनुरोध किया.

मणिपुर​ हिंसा: दो छात्रों की हत्या के आरोप में चार गिरफ़्तार, कुकी समूहों ने विरोध जताया

मेईतेई समाज से आने वाले हिजाम लिनथोइंगामी (17 वर्षीय लड़की) और फिजाम हेमजीत (20 वर्षीय लड़का) इस साल 6 जुलाई को हिंसा के दौरान लापता हो गए थे. 25 सितंबर को उनके शवों की तस्वीरें सामने आईं, जिसके बाद मणिपुर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

असम के चार ज़िलों से आफस्पा वापस लिया गया, चार अन्य ज़िलों में समयसीमा बढ़ाई गई

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जोरहाट, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ से आफस्पा को हटा लिया है. जिन चार ज़िलों में इसकी अवधि बढ़ाई गई है, उनमें डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, शिवसागर और चराइदेव शामिल हैं. असम सरकार ने पिछले महीने केंद्र से सिफ़ारिश की थी कि 1 अक्टूबर से राज्य के बाकी बचे आठ ज़िलों से आफस्पा हटा दी जाए.

अब एफसीआरए पंजीकृत एनजीओ को विदेशी धन से बनाई गई संपत्ति का ब्योरा देना होगा

गृह मंत्रालय ने विदेशी धन प्राप्त करने और उसका उपयोग करने वाले एनजीओ की निगरानी की प्रक्रिया कड़ी कर दी है. मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन साल में एनजीओ को 55,449 करोड़ रुपये का विदेशी योगदान मिला है. कुल मिलाकर अब तक 20,693 एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं.

एनआईए का दावा- म्यांमार के संगठन मणिपुर में हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं

मणिपुर में लगभग पांच महीनों से जारी हिंसा के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वे म्यांमार के आतंकी संगठनों द्वारा मणिपुर में मौजूदा अशांति का फायदा उठाकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की एक अंतरराष्ट्रीय साज़िश की जांच कर रहे हैं.

गृह मंत्रालय ने ‘बाल रक्षा भारत’ और दो अन्य ग़ैर-सरकारी संगठनों का एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया

केंद्र सरकार ने जिन तीन ग़ैर-सरकारी संगठनों के एफसीआरए लाइसेंस कैंसिल किए है, उनमें ‘सेव द चिल्ड्रेन​’ की भारतीय इकाई ‘बाल रक्षा भारत’, ​‘श्रीनिवास मलिआह मेमोरियल थियेटर क्राफ्ट म्यूजियम​’ और सेवा (SEWA) नाम के एनजीओ शामिल हैं. ये संगठन उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन गतिविधियों में शामिल हैं.

अपराध की जांच में पुलिस ब्रीफिंग का नतीजा मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन महीने के भीतर ‘पुलिसकर्मियों द्वारा मीडिया ब्रीफिंग पर एक व्यापक मैनुअल’ तैयार करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि मीडिया रिपोर्टिंग जो किसी आरोपी को फंसाती है, वह अनुचित है. पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग से जनता में यह संदेह भी पैदा होता है कि उस व्यक्ति ने अपराध किया है. रिपोर्टिंग पीड़ितों की निजता का भी उल्लंघन कर सकती हैं.

मणिपुर: भाजपा नेता ने कहा- पार्टी के कुकी विधायक इस्तीफ़ा दे दें और दूसरे राज्य से चुनाव लड़ें

मणिपुर में बीते 3 मई से जारी जातीय हिंसा के बाद कुकी-जो आदिवासी समुदाय से आने वाले 10 विधायक अलग प्रशासन की मांग कर रहे हैं. इनमें से 7 सत्तारूढ़ भाजपा के हैं. भाजपा विधायक और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के दामाद राजकुमार इमो सिंह ने कहा कि अगर वे ‘शांति के लिए काम करने’ को लेकर गंभीर नहीं तो ‘इस्तीफा दे दें’.

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