आईआईटी दिल्ली के छात्र ने घर पर आत्महत्या की, तीन महीने में तीसरा मामला

आईआईटी दिल्ली के कपड़ा और फाइबर इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक कर रहे 23 वर्षीय छात्र ने शाहदरा स्थित अपने घर पर कथित तौर पर फांसी लगा ली. पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वह पिछले कुछ महीनों से तनाव और अवसाद से पीड़ित थे और उसका इलाज भी चल रहा था.

जेएनयू प्रोफेसर ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय पर 42 महीने तक उत्पीड़न का आरोप लगाया

जेएनयू के प्रोफेसर राजीव कुमार का आरोप है कि फरवरी 2020 में पूर्व वीसी जगदीश कुमार के कार्यकाल में उनके ख़िलाफ़ शुरू की गई जांच उनके द्वारा साल 2006 में आईआईटी-जेईई परीक्षा के संचालन में उजागर की गई गड़बड़ियों का प्रतिशोध थी. जगदीश कुमार 2006-2008 के बीच आईआईटी के एडमिशन बोर्ड के सदस्य थे.

आईआईटी-दिल्ली में जातिगत भेदभाव पर होने वाले सर्वे को शुरू होते ही वापस लिया गया

आईआईटी दिल्ली में बीते कुछ समय में दो दलित छात्रों की आत्महत्या से मौत के बाद संस्थान के छात्र प्रकाशन बोर्ड ने परिसर के अंदर जातिगत भेदभाव पर एक सर्वे शुरू किया था, जिसे कुछ घंटों के भीतर ही इसलिए वापस ले लिया गया क्योंकि छात्रों का कहना था कि इसमें पूछे गए सवाल पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं.

विश्व के शीर्ष 200 शैक्षणिक संस्थानों में सिर्फ़ तीन भारतीय संस्थान शामिल

क्वक्वरेली सिमंड्स (क्यूएस) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स के ताज़ा संस्करण में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और बेंगलुरु के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस के अलावा 2017 के बाद से लगातार पांचवें वर्ष कोई अन्य भारतीय संस्थान शीर्ष 200 में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सका है.

दिल्लीः आईआईटी कैंपस में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिले

पुलिस का कहना है कि इस दंपति की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी. दोनों की यह दूसरी शादी थी और शादी के दो महीने बाद ही महिला ने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस को आत्महत्या का शक है.

‘इंस्टिट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा न मिलने से आईआईटी मद्रास निराश, एचआरडी को लिखा पत्र

आईआईटी मद्रास की ओर से कहा गया है कि इंस्टिट्यूट ऑफ एमिनेंस की दौड़ में उसे नज़रअंदाज़ किए जाने का असर छात्र-छात्राओं के मनोबल पर पड़ा है. इंस्टिट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत रिलायंस फाउंडेशन के प्रस्तावित जियो इंस्टिट्यूट को चुना गया है.

जन गण मन की बात, एपिसोड 273: बदहाल नगरीय व्यवस्था और जियो इंस्टिट्यूट

जन गण मन की बात की 273वीं कड़ी में विनोद दुआ नगर निकायों के कुप्रबंधन के चलते आम जनता को हो रही मुश्किलों और रिलायंस के जियो इंस्टिट्यूट को बनने से पहले ही उत्कृष्टता का दर्जा मिलने पर चर्चा कर रहे हैं.

जियो इंस्टिट्यूट विवाद: एक अजन्मे संस्थान का ‘श्रेष्ठ’ हो जाना मोदी सरकार में ही संभव था

वीडियो: मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय द्वारा ‘इंस्टिट्यूशन ऑफ एमिनेंस’ की सूची में रिलायंस फाउंडेशन के कागज़ी इंस्टिट्यूट को जगह मिलने पर हुए विवाद पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

अस्तित्व में आने से पहले ही रिलायंस के जियो इंस्टिट्यूट को मिला उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा

मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय द्वारा 'इंस्टिट्यूशन ऑफ एमिनेंस' का दर्जा पाने वाले आईआईटी दिल्ली और मुंबई, आईआईएससी और बिट्स-पिलानी जैसे संस्थानों के साथ रिलायंस फाउंडेशन के इस कागज़ी इंस्टिट्यूट को जगह मिली है.

उत्तर प्रदेश में प्रदूषण के चलते बढ़ रही हैं असमय मौतें, लखनऊ में सालाना 4 हज़ार लोगों की मौत

एक अध्ययन के अनुसार कानपुर में प्रदूषण के चलते सालाना करीब 4 हज़ार से अधिक मौतें हो जाती हैं. वहीं लखनऊ में हर दिन औसतन 11 लोग प्रदूषण के चलते जान गंवा रहे हैं.

‘मैं भाजपा से सहानुभूति रखता था लेकिन सरकार की नीतियों को देखकर मेरा भरोसा उठ गया’

साक्षात्कार: आईआईटी के 50 पूर्व और मौजूदा छात्रों द्वारा बनाए गए बहुजन आज़ाद पार्टी के संस्थापक सदस्य विक्रांत वत्सल से प्रशांत कनौजिया की बातचीत.