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भारत ने 2017 में इज़रायल के साथ रक्षा सौदे के तहत पेगासस खरीदा थाः रिपोर्ट

न्यूयॉर्क टाइम्स ने सालभर की पड़ताल के बाद एक रिपोर्ट में कहा कि भारत सरकार ने साल 2017 में हथियारों की ख़रीद के लिए इज़रायल के साथ हुए दो अरब डॉलर के रक्षा सौदे के तहत पेगासस खरीदा था. रिपोर्ट बताती है कि इज़रायली रक्षा मंत्रालय ने नए सौदों के तहत पोलैंड, हंगरी, भारत समेत कई देशों को पेगासस बेचा.

भ्रष्टाचार सूचकांक में भारत 85वें स्थान पर: रिपोर्ट

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी रिपोर्ट में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के ख़िलाफ़ बोलने वाले नागरिक समाज संगठनों को मानहानि, देशद्रोह, अभद्र भाषा, अदालत की अवमानना ​​संबंधी आरोपों और विदेशी फंडिंग पर नियमों के साथ निशाना बनाया गया है.

विवादित एनएसओ ग्रुप के अध्यक्ष का इस्तीफ़ा, कहा- पेगासस मामले से कोई लेना-देना नहीं

एनएसओ ग्रुप के अध्यक्ष का इस्तीफ़ा इज़रायल के एक न्यूज़ पोर्टल द्वारा प्रकाशित उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि देश की पुलिस ने भी पेगासस खरीदा था और इसे ग़ैरक़ानूनी तरीके से कुछ पूर्व सरकारी कर्मचारियों समेत कई नागरिकों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया था.

दूसरे घर जैसा था कश्मीर प्रेस क्लब, हमारा आख़िरी सुरक्षित सहारा भी छिना: महिला पत्रकार

15 जनवरी को एक नाटकीय घटनाक्रम में पत्रकार और अख़बार मालिकों के एक समूह ने सशस्त्र-बलों की मौजूदगी में कश्मीर प्रेस क्लब पहुंचकर इस पर क़ब्ज़ा कर लिया था. बाद में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पत्रकारों के कई समूहों के बीच असहमति का हवाला देते हुए इसे अपने नियंत्रण में ले लिया.

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कश्मीर प्रेस क्लब को अपने नियंत्रण में लिया

रविवार सुबह पत्रकारों के एक समूह ने सशस्त्र-बलों की मौजूदगी में कश्मीर प्रेस क्लब पहुंचकर यहां क़ब्ज़ा कर लिया था. यह नाटकीय परिवर्तन नए प्रबंधन निकाय के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू होने के बाद हुआ था. अब प्रशासन ने कहा कि पत्रकारों के कई समूहों के बीच असहमति के चलते उसने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया है.

कश्मीर प्रेस क्लब में ‘तख़्तापलट’, एडिटर्स गिल्ड ने पुलिस की मिलीभगत की निंदा की

श्रीनगर स्थित कश्मीर प्रेस क्लब में रविवार सुबह पत्रकारों का एक समूह सशस्त्र-बलों की मौजूदगी में पहुंचा और यहां क़ब्ज़ा कर लिया. यह नाटकीय परिवर्तन नए प्रबंधन निकाय के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू होने के बाद हुआ. देश के कई पत्रकार संगठनों ने इसे अवैध और अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है.

तेलंगानाः ‘मुख्यमंत्री विरोधी रवैये’ को लेकर 40 पत्रकार, यूट्यूबर्स कथित तौर पर हिरासत में

ये यूट्यूब क्रिएटर्स अपने प्लेटफॉर्म पर ख़बरें प्रसारित करते हुए राजनीति पर चर्चा भी करते हैं. इनमें से कई ने पत्रकार होने का दावा किया है. हालांकि पुलिस ने इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके पास समाचार प्रसारित करने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से कोई अनुमति नहीं है.

पेगासस प्रोजेक्ट: पोलैंड ने स्वीकार किया कि देश ने इज़रायली स्पायवेयर ख़रीदा था

सरकार के विरोधियों पर पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल किए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में पोलैंड के सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी ‘लॉ एंड जस्टिस’ के नेता और उप-प्रधानमंत्री जारोस्लाव कैकजिंस्की कहा कि इसका इस्तेमाल कई देशों का खुफ़िया विभाग अपराध और भ्रष्टाचार से निपटने में कर रहा है. उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि इसका इस्तेमाल उनके राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में किया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट समिति ने लोगों से पेगासस का निशाना बने अपने मोबाइल फोन के साथ संपर्क करने को कहा

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त तकनीकी समिति ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर नागरिकों से यह भी बताने को कहा है कि उन्हें ऐसा क्यों लगता है कि उनके मोबाइल फोन में इज़रायल के एनएसओ ग्रुप द्वारा विकसित पेगासस स्पायवेयर से सेंध लगाई गई होगी. जांच के लिए उन्हें अपना फोन दिल्ली में जमा करना होगा.

मीडिया को न्यायपालिका पर विश्वास करना चाहिएः सीजेआई एनवी रमना

मुंबई प्रेस क्लब द्वारा डिजिटल माध्यम से आयोजित ‘रेड इंक अवॉर्ड्स’ समारोह में चीफ जस्टिस एनवी रमना ने ख़बरों में वैचारिक पूर्वाग्रह मिलाने की प्रवृत्ति को लेकर कहा कि तथ्यात्मक रिपोर्ट्स में रायशुमारी से बचना चाहिए. पत्रकार, जजों की तरह ही होते हैं. उन्हें अपनी विचारधारा और आस्था से परे बिना किसी से प्रभावित हुए केवल तथ्यों को बताना चाहिए और सच्ची तस्वीर पेश करनी चाहिए.

साल 2021 में दुनियाभर में 45 पत्रकारों की हत्या हुई: रिपोर्ट

इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट के मुताबिक़, इस सूची में लगातार दूसरी बार मेक्सिको पहले नंबर पर है, जहां इस साल सात पत्रकारों की हत्या की गई. इसके बाद भारत और अफ़ग़ानिस्तान हैं, जहां छह-छह पत्रकारों को मारा गया.

भाजपा ने त्रिपुरा हिंसा को कम करके दिखाया, ‘स्वाभाविक’ प्रतिक्रिया कहकर सही ठहराया: रिपोर्ट

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग टीम ने त्रिपुरा पुलिस और प्रशासन पर हिंसा से निपटने में ‘ईमानदारी की कमी’ प्रदर्शित करने का आरोप लगाया है. टीम की रिपोर्ट में कहा गया कि यह दिखाने के लिए बड़ी कॉन्सपिरेसी थ्योरी तैयार की गई कि सांप्रदायिक हिंसा को उजागर करने वाली स्वतंत्र पत्रकारिता एक चुनी गई सरकार को ‘राज्य के दुश्मनों द्वारा कमज़ोर करने’ का एक प्रयास है.

प्रेस क्लब ने संसद में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर लगे प्रतिबधों को हटाने का आग्रह किया

पिछले वर्ष कोविड-19 फैलने के बाद से संसद सत्र के दौरान प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बहुत सीमित संख्या में पत्रकारों, फोटो पत्रकारों, कैमरामैन को संसद परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है. दूसरी ओर कर्नाटक विधानसभा में प्रवेश पर लगे कथित प्रतिबंध के ख़िलाफ़ मीडियाकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया है.

पेगासस जासूसी रिपोर्ट के लिए द वायर को ‘एमएक्सएम इंडिया मीडियापर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ मिला

द वायर ने अपनी कई रिपोर्ट्स में बताया था कि किस तरह इज़राइल स्थित एनएसओ ग्रुप द्वारा निर्मित मिलिट्री ग्रेड स्पायवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर भारत के पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, राजनेताओं और सिविल समाज के सदस्यों को निशाना बनाया गया है.

पेगासस जासूसी: पश्चिम बंगाल की ओर से गठित आयोग की जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली पीठ ने मामले की समानांतर जांच पर नाखुशी व्यक्त की, क्योंकि शीर्ष अदालत द्वारा एक स्वतंत्र जांच पैनल का गठन किया गया है. पेगासस प्रोजेक्ट के तहत यह खुलासा किया था कि इज़रायल की एनएसओ ग्रुप कंपनी के पेगासस स्पायवेयर के ज़रिये नेता, पत्रकार, कार्यकर्ता, सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के फोन कथित तौर पर हैक कर उनकी निगरानी की गई या फिर वे संभावित निशाने पर थे.