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पूरे विश्व में कोविड संक्रमण से हुई पत्रकारों की मौतों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर: रिपोर्ट

जिनेवा के एक मीडिया अधिकार निकाय द प्रेस एंब्लेम कैंपेन की रिपोर्ट बताती है कि 26 अप्रैल तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना संक्रमण से कम से कम 107 पत्रकारों की मौत हुई है और इस तरह से भारत केवल ब्राज़ील (181 मौतें) और पेरू (140 मौतें) से पीछे है. रिपोर्ट के मुताबिक़ बीते दो हफ़्तों में भारत के 45 पत्रकारों की मौत हुई है.

मणिपुर पत्रकार संगठन का राज्य सरकार से आग्रह, म्यांमार से भागकर आए पत्रकारों को सुरक्षा दें

ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन ने मिजिमा न्यूज़ म्यांमार से जुड़े तीन पत्रकारों को नई दिल्ली में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है. म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद तीनों पत्रकारों ने मणिपुर के सीमावर्ती शहर मोरेह में शरण ली है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने किसान आंदोलन के उचित समाधान की उम्मीद जताई

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैचलेट ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को कवर करने वाले पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के प्रयासों की आलोचना की. इस पर भारत ने कहा कि उनमें निष्पक्षता और निष्पक्षता की कमी थी.

मीडिया बोल: टीवी-टीआरपी-ट्विटर विवाद और न्यूज़क्लिक पर सौ घंटे लंबी छापेमारी

वीडियो: बीते दिनों कई संपादकों-पत्रकारों पर आपराधिक मामले ठोंके गए, गिरफ़्तारी बचने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी. इस बीच स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टल न्यूज़क्लिक पर ईडी अभूतपूर्व छापेमारी की ख़बर आई. इसी विषय पर दो वरिष्ठ पत्रकारों डॉ. मुकेश कुमार और टीके राजलक्ष्मी से उर्मिलेश की बातचीत.

बस्तर की एकमात्र आदिवासी महिला पत्रकार को मौत की धमकी पर मीडिया संगठन ने चिंता जताई

छत्तीसगढ़ के बस्तर की एकमात्र आदिवासी महिला पत्रकार पुष्पा रोकड़े को 13 दिसंबर 2020 और 28 जनवरी 2021 को जान से मारने की धमकी मिली है. ये धमकियां कथित तौर पर माओवादी दक्षिण बस्तर पामेड एरिया समिति द्वारा दी गई हैं.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार सरकार के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी करना अब साइबर अपराध

बिहार पुलिस ने राज्य के सचिवों से ऐसे मामले, जहां सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्तियों व संगठनों द्वारा सरकार पर अवांछनीय टिप्पणी की गई हो उनके संज्ञान में लाने की गुज़ारिश की है, ताकि साइबर अपराध की श्रेणी में संबंधित व्यक्ति के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.

मणिपुर: राजद्रोह और यूएपीए के तहत गिरफ़्तार पत्रकार रिहा, पुलिस ने कहा- केस बंद नहीं

पुलिस ने 17 जनवरी को राज्य के दो वरिष्ठ पत्रकारों- फ्रंटियर मणिपुर न्यूज़ पोर्टल के कार्यकारी संपादक पाओजेल चाओबा और प्रधान संपादक धीरेन साडोकपाम को पोर्टल पर छपे एक लेख पर एफआईआर दर्ज करते हुए हिरासत में लिया था. उन पर यूएपीए और राजद्रोह की धाराएं लगाई गई हैं.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar speaks to the media during Lok Samvad programme, in Patna, Monday, Jan. 7, 2019. (PTI Photo) (PTI1_7_2019_000059B)

बिहार: कानून-व्यवस्था के सवाल पर पत्रकारों से बोले नीतीश कुमार- पुलिस को हतोत्साहित न करें

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे जब उनसे बीते दिनों पटना में निजी विमान सेवा इंडिगो के स्टेशन मैनेजर की हत्या और राज्य में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल पूछे गए, जिस पर मुख्यमंत्री ने तल्ख़ होते हुए कहा कि ऐसी बातों से पुलिस हतोत्साहित होगी.

पत्रकारों को निशाना बनाकर हमलों के मामले 2020 में बढ़े: रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स

रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स के रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जान गंवाने वाले पत्रकारों में से 68 प्रतिशत की जान संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों के बाहर गई. साल 2020 में पत्रकारों को निशाना बनाकर उनकी हत्या करने के मामलों में वृद्धि हुई और ये 84 प्रतिशत हो गए हैं.

पत्रकारों का काम सरकारों का प्रवक्ता बनना नहीं, उनसे सवाल पूछना है

पत्रकारिता और देशभक्ति का साथ विवादास्पद है. देशभक्ति अक्सर सरकार के पक्ष का आंख मूंदकर समर्थन करती है और फिर प्रोपगेंडा में बदल जाती है. आज सरकार राष्ट्रवाद के नाम पर अपना प्रोपगेंडा फैलाने की कला में पारंगत हो चुकी है और जिन पत्रकारों पर सच सामने रखने का दारोमदार था, वही इसमें सहभागी हो गए हैं.

गुजरात: पुलिस स्टेशन में स्टिंग ऑपरेशन करने के आरोप में चार पत्रकारों पर केस दर्ज

बीते 26 नवंबर को गुजरात के राजकोट शहर के एक कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से पांच मरीज़ों की मौत हो गई थी. गुजराती के दिव्य भास्कर ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अस्पताल में आग लगने के संबंध में गिरफ़्तार तीन लोगों को वीआईपी सुविधाएं मुहैया कराई गईं.

दिल्ली: मीडिया संगठनों का दावा- पुलिस पूछताछ के लिए बुलाकर पत्रकारों को घंटों इंतज़ार कराती है

प्रेस एसोसिएशन और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन भेजा है. इनका कहना है कि पूछताछ के नाम पर दिल्ली के पुलिस थानों में पुलिस द्वारा घंटों इंतज़ार कराए जाने से उनका कामकाज बुरी तरह से प्रभावित होता है.

हाथरस मामला: एडिटर्स गिल्ड ने मीडिया को रोकने के लिए यूपी सरकार की आलोचना की

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा कि मीडिया को घटनास्थलों का दौरा करने की अनुमति नहीं देना और फोन पर पत्रकारों की बातचीत को टैप करना मीडिया के कामकाज को बाधित करने के साथ उसे कमतर करना भी है.

सुशांत-कंगना का सुर्ख़ियों में बने रहना मीडिया की छद्म जनमत निर्माण की बढ़ती ताक़त की बानगी है

मीडिया के पास कुछ हद तक जनमत निर्माण की ताक़त हमेशा से थी, मगर उसकी एक सीमा थी, उनके द्वारा उठाए मुद्दे में कुछ दम होना ज़रूरी होता था. आज हाल यह है कि मीडिया में भारत-चीन सीमा विवाद से ज़्यादा तवज्जो कंगना रनौत विवाद को दी जा रही है.

मीडिया बोल: डिजिटल इंडिया में डिज़िटल-अवरोध!

वीडियो: पिछले दिनों पर्यावरण के मसलों को उठाने वाली तीन वेबसाइटों के संचालन को किसी तरह की सूचना दिए बिना बंद कर दिया गया. इसी तरह हरियाणा के कई ज़िलों में एपिडेमिक एक्ट का सहारा लेकर कुछ पत्रकारों या सामाजिक संस्थाओं के सोशल मीडिया मंचों पर पाबंदी लगा दी गई है.