ज़मानत शर्तों का उल्लंघन कर यति नरसिंहानंद ने फ़िर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हिंसा का आह्वान किया

दिल्ली के बुराड़ी में रविवार को हुई हिंदू महापंचायत में यति नरसिंहानद ने अपनी ज़मानत शर्तों का उल्लंघन करते हुए मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण दिए हैं. उन पर केस दर्ज किया गया है. कार्यक्रम के आयोजक प्रीत सिंह और पिंकी चौधरी को अगस्त 2021 में जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम में नफ़रती भाषण देने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था. इस कार्यक्रम में भी मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हिंसा का आह्वान करते हुए नारेबाज़ी की गई थी.

दिल्ली: हिंदू महापंचायत के दौरान पत्रकारों पर हमला, मुस्लिम विरोधी भाषण भी दिए गए

राजधानी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में बीते रविवार को ‘हिंदू महापंचायत’ का आयोजन ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ द्वारा किया गया था, जिसका संचालन यति नरसिंहानंद के एक समर्थक प्रीत सिंह करते हैं. आयोजन में नरसिंहानंद भी शामिल हुए थे. कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिमों पर निशाना साधते हुए हिंदुओं से हथियार उठाने आह्वान किया.

यूपी बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक होने की ख़बर लिखने वाले तीन पत्रकार गिरफ़्तार

बीते बुधवार को बलिया ज़िला प्रशासन को इसी दिन होने वाली 12वीं की अंग्रेज़ी विषय की बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक होने की सूचना मिलने के बाद 24 ज़िलों में इम्तिहान रद्द कर दिया गया था. मामले में ज़िला विद्यालय निरीक्षक समेत 22 लोगों को गिरफ़्तारी हुई है. इनमें तीन पत्रकार भी शामिल हैं, जिन्होंने लीक हुए प्रश्न पत्र संबंधी ख़बर लिखी थी.

पत्रकारों की संवैधानिक निकायों से मुस्लिम-विरोधी हिंसा रोकने की अपील, कहा- चुप्पी विकल्प नहीं

देश के 28 वरिष्ठ पत्रकारों और मीडियाकर्मियों ने राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और विभिन्न उच्च न्यायालयों, भारत के निर्वाचन आयोग और अन्य वैधानिक निकायों से देश के धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों पर हो रहे हमलों को रोकने का आह्वान किया है.

पीआईबी दिशानिर्देशों के ख़िलाफ़ पत्रकार, कहा- मान्यता देना सरकार की कृपादृष्टि नहीं

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सौंपे गए एक संयुक्त पत्र में पत्रकार संगठनों ने मंत्री अनुराग ठाकुर से नए मान्यता दिशानिर्देश रद्द करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि नए दिशानिर्देशों पर सभी हितधारकों के साथ चर्चा होने के बाद ही आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं.

पीआईबी के नए मान्यता निर्देशों का इरादा सरकार की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग रोकना: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने पत्र सूचना ब्यूरो की ओर से पत्रकारों की मान्यता के लिए जारी नए दिशानिर्देशों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि ये अस्पष्ट, मनमाने और कठोर निर्देश सरकारी मामलों की आलोचनात्मक और खोजी रिपोर्टिंग को प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं.

पत्रकार निकायों ने मंत्री को पत्र लिखकर पीआईबी मान्यता के नए दिशानिर्देशों पर आपत्ति जताई

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, भारतीय महिला प्रेस कोर समेत कई पत्रकार संगठनों ने सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को पत्र लिखकर कहा है कि उनके मंत्रालय ने भारतीय प्रेस परिषद के मौजूदा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पत्रकारों को मान्यता देने के दिशानिर्देशों में बदलाव के लिए एकतरफा और अनुचित निर्णय लिया है.

पेगासस: कोर्ट ने एल्गार मामले के सात आरोपियों के फोन जांच समिति को सौंपने की अनुमति दी

मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने पेगासस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति को एल्गार परिषद मामले के सात आरोपियों- रोना विल्सन, आनंद तेलतुंबडे, वर्नोन गॉन्जाल्विस, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, हेनी बाबू और शोमा सेन के मोबाइल फोन सौंपने की एनआईए की अर्ज़ी को मंज़ूरी दी है. इन सभी का आरोप है कि पेगासस के ज़रिये उनके फोन में सेंधमारी की गई थी.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय लाया नए नियम, ‘मानहानि’ करने पर पत्रकार खो सकते हैं केंद्रीय मान्यता

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी केंद्रीय मीडिया मान्यता संबंधी कुछ दिशानिर्देश चिंता बढ़ाने वाले हैं. नए नियम कहते हैं कि किसी पत्रकार की मान्यता निलंबित या रद्द करने संबंधी निर्णय सरकार द्वारा नामित अधिकारी के विवेक पर निर्भर होगा.  

पेगासस: सुप्रीम कोर्ट की समिति ने कहा- जांच के लिए केवल दो लोगों ने जमा किए फोन, समयसीमा बढ़ाई गई

इज़रायली स्पायवेयर पेगासस जासूसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तकनीकी समिति ने पिछले महीने लोगों अपील की थी कि जिनके पास यह मानने का पर्याप्त कारण मौजूद है कि उनके मोबाइल फोन स्पायवेयर से प्रभावित हैं, तो अपने फोन जांच के लिए जमा करा दें. हालांकि तय समयसीमा तक पर्याप्त संख्या में फोन नहीं जमा होने पर अदालत ने इसकी समयसीमा बढ़ा दी है.

पेगासस विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारे पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है

पेगासस स्पायवेयर पर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक हालिया रिपोर्ट पर सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जिस कथित मामले का संदर्भ दिया गया है, उसकी जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक समिति द्वारा की जा रही है. बागची ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री की इज़रायल यात्रा के संबंध में कई समझौता-पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है.

जम्मू कश्मीरः पुलवामा मुठभेड़ की ‘ग़लत रिपोर्टिंग’ के लिए स्थानीय पत्रकारों को तलब किया गया

जम्मू कश्मीर पुलिस ने 30 जनवरी को पुलवामा में हुई एक मुठभेड़ को लेकर एक प्रमुख टीवी कमेंटेटर माजिद हैदरी, ऑनलाइन पोर्टल न्यूज़क्लिक के वीडियो पत्रकार कामरान यूसुफ़ और फ्री प्रेस कश्मीर के पत्रकार विकार सैयद को सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था.

2021 में पत्रकारों पर हमलों के मामले में जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शीर्ष पर

राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 में देश भर में कम से कम छह पत्रकारों की हत्या हुई, 108 पर हमला हुआ और 13 मीडिया संस्थानों या अख़बारों को निशाना बनाया गया.

पेगासस जासूसी: हंगरी के पत्रकारों ने सरकार ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया

पेगासस का मामला उजागर होने के लगभग छह महीने बाद हंगरी के खोजी पत्रकार सैबोल्च पैनयी सहित निशाना बनाए गए छह लोग सरकार के ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम उठा रहे हैं. यूरोपीय संघ के किसी देश में सरकार के ख़िलाफ़ पेगासस प्रभावितों द्वारा दायर यह पहला क़ानूनी मामला है.

पेगासस पर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का संज्ञान ले सुप्रीम कोर्ट की समिति: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने शीर्ष अदालत द्वारा पेगासस मामले पर गठित समिति से द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा भारत सरकार द्वारा पेगासस स्पायवेयर खरीदने के दावे पर सरकार से जवाब मांगने का आग्रह किया है. गिल्ड ने यह भी कहा कि समिति की कार्यवाही को बड़े पैमाने पर जनता के लिए खुला रखा जाए, ताकि गवाहों को बुलाए जाने और उनके जवाबों के संबंध में पूरी पारदर्शिता रहे.

1 4 5 6 7 8 15