Lakhimpur Kheri Violence

संसद में आपराधिक प्रक्रिया पहचान विधेयक पेश, विपक्ष ने कहा- यह कठोर और अवैध

आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक 2022 विधेयक के पारित होने के बाद किसी भी अपराधी या आरोपी की पहचान के लिए उसके बायोलॉजिकल सैंपल, उंगलियों के निशान, पैरों के निशान और दूसरे ज़रूरी सैंपल लिए जाने का प्रावधान किया गया है. इन्हें एकत्र करके 75 सालों तक इस डेटा को संभाल कर रखा जा सकेगा.

लखीमपुर हिंसा: आशीष मिश्रा की ज़मानत को चुनौती वाली याचिका पर अदालत ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट हिंसा के कुछ पीड़ितों के रिश्तेदार की याचिका पर सुनवाई कर कर रहा था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि आशीष मिश्रा को ज़मानत दिए जाने के बाद मामले में एक गवाह पर हमला हुआ था. अदालत ने प्रमुख गवाहों में से एक पर हुए हमले पर गौर करते हुए यूपी सरकार से गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है.

चुनावी राज्यों में किसान आंदोलन का फीका असर, पंजाब में खाता नहीं खोल पाया ‘संयुक्त समाज मोर्चा’

तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली की सीमाओं पर एक साल तक चले प्रदर्शनों की सफलता को देखते हुए कुछ किसान संगठन राजनीति में उतरे थे, लेकिन किसान नेता बलबीर सिह राजेवाल की अगुवाई वाला ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ पंजाब में एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर सका. वहीं पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा बाद भी ज़िले की आठों सीटें भाजपा के खाते में गई हैं.

लखीमपुर हिंसा: आशीष मिश्रा की ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई अब 15 मार्च को

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान चार किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. इस बीच बृहस्पतिवार रात मामले के प्रमुख गवाहों में से एक पर हमला भी किया गया.

उत्तर प्रदेश चुनाव: क्या प्रियंका गांधी कांग्रेस को नई पहचान देने में कामयाब हो सकेंगी

2019 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश से सक्रिय राजनीति में क़दम रखा था, तब भले ही वे कोई कमाल नहीं दिखा सकीं, पर उसके बाद से राज्य में उनकी सक्रियता चर्चा में रही. विपक्ष के तौर पर एकमात्र प्रियंका ही थीं जो प्रदेश में हुई लगभग हर अवांछित घटना को लेकर योगी सरकार को घेरती नज़र आईं.

लखीमपुर खीरी हिंसा पर भाजपा विधायक का दावा- ‘वो किसान नहीं ख़ालिस्तानी थे’

वीडियो: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के रुझानों को समझने के लिए द वायर की टीम हाल ही में लखीमपुर खीरी पहुंची. लखीमपुर सदर से भाजपा ने एक बार फिर अपने विधायक योगेश वर्मा को मैदान में उतारा है. विधायक से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

लखीमपुर खीरी हिंसा: आशीष मिश्रा की ज़मानत के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मृत किसानों के परिवार

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान चार किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली ज़मानत के ख़िलाफ़ दायर याचिका में कहा गया है कि इस मामले में स्थापित क़ानूनी मानदंडों के विपरीत अनुचित और मनमाना निर्णय दिया गया, जहां अपराध की जघन्य प्रकृति पर विचार किए बिना ज़मानत दी गई.

लखीमपुर खीरी के किसानों ने कहा, हमें ‘मोदी सरकार’ नहीं, ‘भारत सरकार’ चाहिए

वीडियो: लखीमपुर खीरी हिंसा के संबंध में यहां के कुछ किसान नेताओं का कहना है कि बीते साल अक्टूबर में प्रदर्शन के दौरान किसानों को एसयूवी से कुचले जाने की घटना की तुलना ब्रिटिश शासन के दौरान जलियांवाला बाग हत्याकांड से की जा सकती है. चार किसानों और एक पत्रकार की कुचले जाने से मौत के बाद भड़की हिंसा में तीन अन्य की मौत हो गई थी.

लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के बेटे की ज़मानत के ख़िलाफ़ शीर्ष अदालत में अर्ज़ी दायर

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान चार किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत दी थी. इसे रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका में कहा गया है कि यह निर्णय क़ानून के लिहाज से टिकाऊ नहीं है क्योंकि इस पर ठीक तरह से विचार नहीं किया गया है और प्रत्यक्ष साक्ष्य के समर्थन के बिना ‘हो सकता है’ का सहारा लिया.

लखीमपुर खीरी हिंसा: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा ज़मानत पर रिहा

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान चार किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत दी थी. ज़मानत आदेश में धारा 302 (हत्या) और 120बी (साज़िश रचने) की धाराओं का उल्लेख छूट गया था, जिन्हें कोर्ट द्वारा जोड़ने का आदेश दिए जाने के बाद आशीष को रिहा कर दिया गया.

लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के बेटे ने रिहाई के लिए ज़मानत आदेश में संशोधन के लिए अर्ज़ी दाख़िल की

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान चार किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को बीते 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत दी थी. आशीष द्वारा दाख़िल याचिका में कहा गया है कि अदालत ने उनकी ज़मानत के आदेश में धारा 302 (हत्या) और 120बी (साज़िश रचने) की धाराओं का जिक्र नहीं किया था. इसके बिना उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं है.

लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के बेटे को ज़मानत देने की विपक्ष और किसान संगठनों ने की निंदा

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान चार किसानों की हत्या के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा को ज़मानत मिलने पर कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि राजनीतिक रूप से शक्तिशाली आरोपी के गवाहों को प्रभावित करने की पक्की संभावना पर विचार किए बिना अदालत का ज़मानत देना बेहद निराशाजनक है.

लखीमपुर हिंसा: किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे को ज़मानत

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्रा पिछले साल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में हुई हिंसा के दौरान चार किसानों और एक पत्रकार की एसयूवी से कुचलकर हत्या करने के आरोपी है. इस हिंसा के दौरान कुल आठ लोगों की मौत हुई थी. तीन अन्य मृतकों में भाजपा के दो कार्यकर्ता और केंद्रीय मंत्री की एसयूवी के चालक शामिल हैं.

लखीमपुर खीरी हिंसा: दूसरी चार्जशीट में चार किसानों पर हत्या और दंगे समेत कई आरोप, तीन बरी

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में दर्ज दूसरी एफ़आईआर के तहत गिरफ़्तार किए गए सात किसान आरोपियों में से पुलिस ने चार- विचित्र सिंह, गुरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किए गए हैं. चारों किसानों पर भाजपा के दो स्थानीय नेताओं और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा की गाड़ी के ड्राइवर की पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप है. 

लखीमपुर खीरी हिंसा: केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के एक संबंधी को​ मिली ज़मानत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में बीते तीन अक्टूबर 2021 को हुई हिंसा मामले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के संबंधी वीरेंद्र शुक्ला को ज़मानत चार किसानों और एक पत्रकार की मौत के मामले में मिली है, जिनकी मौत कथित तौर पर गाड़ियों के काफ़िले से कुचल दिए जाने की वजह से हुई थी.