Mulayam Singh Yadav

क्या शिवपाल यादव का इस्तेमाल अखिलेश यादव को कमज़ोर करने के लिए हो रहा है?

वीडियो: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ने आज़म ख़ान से जेल में मुलाकात की और वही बात कही जो योगी आदित्यनाथ ने पहले कही थी कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अपने नेता आज़म ख़ान के लिए कुछ करना चाहिए था. हालांकि इस बार उन्होंने अपने भाई मुलायम सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नेताजी को लोकसभा में आज़म ख़ान की आवाज़ उठानी चाहिए थी.

जेल से बाहर आए सपा नेता आज़म ख़ान के बेटे ने कहा, ज़ालिम सत्ता का होगा अंत

वीडियो: उत्तर प्रदेश में सपा नेता आज़म ख़ान को उनके बेटे अब्दुल्ला ख़ान के साथ पुराने मामलों में जेल भेजा दिया गया था. आज़म अभी जेल में है, जबकि उनके बेटे को ज़मानत मिल गई है. अब्दुल्ला खान ने द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी से बातचीत में बताया कि कैसे उनके पूरे परिवार के ख़िलाफ़ सैकड़ों केस लाद दिए गए और कैसे जेल में उनके पिता की पीड़ा जारी है.

क्या अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने से सपा को वाकई कोई नुकसान हुआ है

अखिलेश यादव की सरकार के दो सालों में ही अपर्णा यादव को लगने लगा था कि सपा में उनका भविष्य बहुत उज्जवल नहीं हो सकता. 2014 में उनके नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करने से शुरू हुआ सिलसिला अब जाकर उनके भाजपा में शामिल होने पर अंजाम पर पहुंचा है.

दिल्ली: शांति भूषण, मुलायम व अमर सिंह की बातचीत संबंधी मामले की दोबारा जांच के निर्देश

मामला 15 अप्रैल 2011 को पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण की शिकायत से संबंधित है, जहां उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और तत्कालीन सपा नेता अमर सिंह के साथ हुई उनकी बातचीत की सीडी में छेड़छाड़ की गई, जिसकी सामग्री अपमानजक है.

अगले विधानसभा चुनाव में यूपी से भाजपा सरकार हटाने के लिए सपा से गठबंधन करेंगे: शिवपाल यादव

2017 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली थी. पिछले हफ़्ते अखिलेश यादव ने भी शिवपाल यादव के दल से गठबंधन के संकेत दिए थे.

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही. 1990-92 में इनकी परस्पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि लोग हिन्दी पत्रकारिता को हिंदू पत्रकारिता कहने लगे.

उत्तर प्रदेश: 40 साल बाद सभी मुख्यमंत्री और मंत्री ख़ुद करेंगे आयकर का भुगतान

मीडिया में ख़बर आने के बाद हुआ बदलाव. अब तक उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन, भत्ते एवं विविध कानून 1981 के अंतर्गत सभी मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के आयकर का भुगतान राज्य सरकार के कोष से किया जाता था.

उत्तर प्रदेश में सरकारी ख़ज़ाने से होता है मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के आयकर का भुगतान

उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन, भत्ते एवं विविध क़ानून 1981 जब बना था तब विश्वनाथ प्रताप सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे. इस क़ानून ने अब तक 19 मुख्यमंत्रियों और लगभग 1000 मंत्रियों को लाभ पहुंचाया है.

Lucknow: BSP supremo Mayawati and Samajwadi Party President Akhilesh Yadav during a joint press conference, in Lucknow, Saturday, Jan. 12, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI1_12_2019_000113B)

क्या बसपा के महागठबंधन से पीछे हटने में भाजपा का हाथ है?

कुछ लोगों का मानना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार को सीबीआई से मिली क्लीनचिट ने मायावती के मन में विद्वेष का बीज डाला.

Lucknow: Samajwadi Party founder Mulayam Singh Yadav addresses party workers at a condolence meeting for Congress veteran ND Tiwari at the party office in Lucknow, Friday, Oct 19, 2018. The party chief Akhilesh Yadav is also seen. (PTI Photo) (PTI10_19_2018_000126B)

आय से अधिक संपत्ति मामलाः सीबीआई ने मुलायम और अखिलेश यादव को दी क्लीनचिट

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

उत्तर प्रदेश: अखिलेश के लिए आसान नहीं रही कन्नौज की राह

कन्नौज की सीट करीब दो दशक से यादव परिवार के पास ही रही है लेकिन इस चुनाव में यहां जो जातीय समीकरण बन रहे हैं वो यादव परिवार द्वारा यहां किए गए विकास कार्यों पर भारी पड़ रहा है.

जब लालू यादव ने सपा-बसपा गठबंधन के ख़िलाफ़ किया था जनता दल के लिए चुनाव प्रचार

चुनावी बातें: सपा-बसपा के पहले गठबंधन के समय उत्तर प्रदेश विधानसभा के मध्यावधि चुनाव में जनता दल ने अपने प्रचार की ज़िम्मेदारी लालू प्रसाद यादव के कंधों पर डाली थी.

बसपा के साथ कम सीटों पर समझौता करना चुनाव से पहले ही सपा की हार जैसा है

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा अपनी स्थापना के बाद से सबसे कम सीटों पर लड़ेगी. एक तरह से वह बिना लड़े करीब 60 प्रतिशत सीटें हार गई है. सपा का बसपा से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाना हैरान करता है.

हमारी पार्टी मज़बूत थी तो बसपा को आधी सीटें क्यों दी गईं: मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन को लेकर अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि आख़िर किस आधार पर आधी सीटें बसपा को दी गईं. सपा के ही लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं.

शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी का रजिस्ट्रेशन कराया, ‘प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया’ नाम मिला

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले परिवार में समाजवादी पार्टी की कमान को लेकर हुए विवाद के बाद से शिवपाल यादव हाशिये पर चल रहे थे. उन्होंने सपा से अलग होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चा नाम का एक संगठन बनाया था.