propaganda

टेक फॉग केवल प्रोपेगैंडा नहीं बल्कि नरसंहार को उकसाने का टूल है

आईटी सेल की रहस्यमयी दुनिया में राष्ट्र निर्माण के नाम पर कितने नौजवानों को अपराधी बनाया जा रहा है, इससे सतर्क होने की ज़रूरत है. टेक फॉग सरकार का टूलकिट- भाजपा का, भाजपा के द्वारा और भाजपा के काम आने वाला. इससे बहुसंख्यक समाज ने ख़ुद को नहीं बचाया तो घर-घर में हत्यारे पैदा हो जाएंगे.

टेक फॉग ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डाल सकता हैः डेरेक ओ ब्रायन

द वायर ने दो वर्षों की पड़ताल के बाद स्रोतों की मदद से एक गोपनीय ऐप टेक फॉग का ख़ुलासा किया, जिसका इस्तेमाल सत्ताधारी दल से संबद्ध लोगों द्वारा कृत्रिम रूप से पार्टी की लोकप्रियता बढ़ाने, इसके आलोचकों को प्रताड़ित करने और प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर जनधारणाओं को एक ओर मोड़ने के लिए किया जाता है.

टेक फॉग: भाजपा का मददगार ऐप, जिसने साइबर फ़ौज को नफ़रत फैलाने व ट्रेंड्स से छेड़छाड़ की ताक़त दी है

एक्सक्लूसिव: द वायर ने उन दावों की पड़ताल की है, जिसमें कहा गया है कि ऑनलाइन कार्यकर्ताओं द्वारा प्रमुख सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को हाईजैक करने और घरेलू उपयोगकर्ताओं के बीच दक्षिणपंथी प्रोपगैंडा को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद परिष्कृत ऐप ‘टेक फॉग’ का इस्तेमाल किया जा रहा है.

मेरे बयान को अपने गंदे एजेंडे को आगे बढ़ाने का माध्यम न बनाएं: नीरज चोपड़ा

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि सात आगस्त को टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में अपनी पहली थ्रो से पहले वह अपना भाला ढूंढ रहे थे, लेकिन उनका भाला पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम के पास था. इस बयान के बाद भारत में कुछ लोगों ने पाकिस्तानी खिलाड़ी नदीम की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह चोपड़ा के भाले से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था.

पत्रकारों का काम सरकारों का प्रवक्ता बनना नहीं, उनसे सवाल पूछना है

पत्रकारिता और देशभक्ति का साथ विवादास्पद है. देशभक्ति अक्सर सरकार के पक्ष का आंख मूंदकर समर्थन करती है और फिर प्रोपगेंडा में बदल जाती है. आज सरकार राष्ट्रवाद के नाम पर अपना प्रोपगेंडा फैलाने की कला में पारंगत हो चुकी है और जिन पत्रकारों पर सच सामने रखने का दारोमदार था, वही इसमें सहभागी हो गए हैं.

पश्चिम बंगाल: चुनाव क़रीब आने के साथ आई प्रोपेगेंडा चैनल और समाचार वेबसाइट की बाढ़

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. एक पड़ताल में साल 2018 से अब तक 30 से अधिक ऐसी वेबसाइट और चैनल्स सामने आए हैं, जो असत्यापित और पक्षपाती सामग्री के साथ फ़ेक न्यूज़ चलाते हैं.

क्या विदेश मंत्रालय ने संघ और भाजपा के प्रचार का ज़िम्मा ले लिया है?

दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी से कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड एक ई-बुक में भाजपा को देश का एकमात्र राजनीतिक विकल्प बताया गया है.