Unlawful Activities (Prevention) Act

दिल्ली पुलिस ने उमर ख़ालिद की अंतरिम ज़मानत याचिका का विरोध किया

दिल्ली दंगों संबंधी मामले में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार उमर ख़ालिद ने अपनी बहन की शादी के मद्देनज़र दो सप्ताह की अंतरिम ज़मानत के लिए दिल्ली की एक अदालत में अर्ज़ी दायर की है. पुलिस ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि उनकी रिहाई से ‘समाज में अशांति’ पैदा हो सकती है.

2005 से यूएपीए के कुल 83 मामलों में से 40 में नब्बे दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल की: दिल्ली पुलिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने अक्टूबर में दिल्ली पुलिस को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज उन मामलों की संख्या बताने को कहा था, जिनमें उसने 90 दिनों की निर्धारित समयसीमा के भीतर आरोपपत्र दाखिल किए थे.

यूएपीए के तहत 9 साल से आरोपी जेल में बंद, कोर्ट का 75 दिन में ज़मानत याचिका निपटाने का आदेश

याचिकाकर्ता मंज़र इमाम को 1 अक्टूबर 2013 को इंडियन मुजाहिदीन से संबंध रखने के आरोप में एनआईए ने गिरफ़्तार कर लिया था, वे तब से जेल में हैं और अब तक उन पर आरोप भी तय नहीं हुए हैं.

अब कोर्ट को संकोच छोड़कर कह देना चाहिए कि उमर का जुर्म सिर्फ़ उनका नाम उमर ख़ालिद होना है

भारत में अदालतों में न्याय अब अपवाद बनता जा रहा है. ख़ासकर जब न्याय मांगने वाले मुसलमान हों या मोदी सरकार के आलोचक या विरोधी हों.

दिल्ली दंगे: गृह मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त बलों की तैनाती में देरी से हिंसा और भड़की- रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के पूर्व जज वाली फैक्ट-फाइंडिंग समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गृह मंत्रालय की लापरवाह प्रतिक्रिया, हिंसा में दिल्ली पुलिस की मिलीभगत, मीडिया की विभाजनकारी रिपोर्टिंग और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ भाजपा का घृणा अभियान दिल्ली दंगों के लिए ज़िम्मेदार थे.

पीएफआई पर पाबंदी न्यायोचित है या नहीं, इस पर निर्णय के लिए केंद्र ने अधिकरण गठित किया

केंद्र सरकार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर यूएपीए के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है. यूएपीए के तहत एक बार किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा 30 दिनों के भीतर यह देखने के लिए एक न्यायाधिकरण गठन किया जाता है कि संगठन को ग़ैर क़ानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार है या नहीं.

एनआईए द्वारा यूएपीए संबंधी 80 फीसदी मामले मोदी सरकार के दौरान दर्ज हुए: रिपोर्ट

पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ का एक अध्ययन बताता है कि वर्ष 2009 से 2022 के बीच एनआईए ने यूएपीए के कुल 357 मामले दर्ज किए. इनमें से 238 मामलों की जांच में पाया गया कि 36 फीसदी में आतंकवाद की कुछ घटनाएं हुई थीं, पर 64 फीसदी मामलों में ऐसी कोई विशेष घटना नहीं हुई जिनमें हथियार शामिल थे.

देशव्यापी छापों के बाद पीएफआई व उससे जुड़े संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया

बीते दिनों देशभर में पीएफआई दफ्तरों पर पड़े छापों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यूएपीए के तहत इस पर प्रतिबंध लगाते हुए दावा किया है कि वे ‘देश में असुरक्षा होने की भावना फैलाकर एक समुदाय में कट्टरता को बढ़ाने के मक़सद’ से गुप्त रूप से काम कर रहे हैं.

जेल में दो साल पूरे होने पर उमर ख़ालिद का ख़त: कभी-कभी निराशा और अकेलापन मुझे घेर लेते हैं

अक्सर सोचता हूं, यह अंधेरी सुरंग कितनी लंबी है? क्या कोई रोशनी दिखाई दे रही है? क्या मैं इसके अंत के नज़दीक हूं या अब तक सिर्फ आधी दूरी ही तय की है? या आज़माइश का दौर अभी बस शुरू ही हुआ है?

उस ताले में रहने का तसव्वुर करें, जिसकी चाबी किसी और के पास हो: उमर ख़ालिद की मां

दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा की साज़िश रचने के आरोप में छात्र नेता उमर ख़ालिद सितंबर 2020 से जेल में हैं. उनके कारावास के दो साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी मां सबीहा ख़ानम ने कहा कि उमर को केवल ज़मानत नहीं मिलनी चाहिए, बल्कि उनके ख़िलाफ़ सारे मामले बंद होने चाहिए.

मारे गए आतंकवादियों के जनाज़े पर नमाज़ पढ़ना राष्ट्रविरोधी नहीं: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट

आरोप था कि नवंबर 2021 में सुरक्षा बलों द्वारा हिजबुल मुज़ाहिदीन के एक आतंकवादी मुदासिर जमाल वागे को मारने के बाद एक शख़्स ने कुलगाम में ग्रामीणों को जनाज़े की नमाज़ के लिए उकसाया था. इसे लेकर 10 लोगों पर केस दर्ज हुआ था और दो पर यूएपीए के तहत आरोप लगाए गए थे.

जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों का हनन बेरोक-टोक जारी है: रिपोर्ट

जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति पर जारी ‘द फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स इन जम्मू एंड कश्मीर’ की रिपोर्ट में अगस्त 2021 से जुलाई 2022 के बीच हुए सूबे के उन घटनाक्रमों  की बात की गई है जो मानवाधिकार उल्लंघनों की वजह बने. साथ ही, मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार के लिए कुछ सिफ़ारिशें भी की गई हैं.

2016 के बाद से दो हज़ार रुपये के नकली नोटों की संख्या में 107 गुना वृद्धि: केंद्र सरकार

लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने बताया है कि वर्ष 2016 में 2,000 रुपये के 2,272 नकली नोट ज़ब्त किए गए थे, जिनकी संख्या 2020 में बढ़कर 2,44,834 हो गई.

जम्मू कश्मीर: अलगाववादी नेता यासीन मलिक जेल में भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती

टेरर फंडिंग मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे प्रतिबंधित जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक ने रुबैया सईद अपहरण से जुड़े मामले में जम्मू की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अनुरोध किया था, पर केंद्र से इस पर कोई जवाब न मिलने पर शुक्रवार से उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी.

यूएपीए मामले में कोर्ट ने एनआईए से कहा, लगता है आपको किसी के अख़बार पढ़ने से भी समस्या है

झारखंड की एक कंपनी के जनरल मैनेजर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने माओवादियों से जुड़ाव रखने के आरोप में यूएपीए के तहत 2018 में गिरफ़्तार किया था. उन्हें हाईकोर्ट से दिसंबर 2021 में ज़मानत मिलने पर एनआईए ने ज़मानती आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे शीर्ष अदालत ने ख़ारिज कर दिया.