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आज़ादी या बंटवारा: ये वो सहर तो नहीं, जिसकी आरज़ू लेकर चले थे…

आज़ादी ने हमें लोकतंत्र दिया, जबकि नस्लीय राष्ट्रवाद का परिणाम बंटवारा था, जिसने अपने पीछे खून से लथपथ सांप्रदायिक हिंसा के निशान छोड़े. बेशक राष्ट्रवाद अच्छा है- लेकिन इसने नस्लीय अल्पसंख्यकों, कमज़ोरों और जिन्हें यह अपने यहां का नहीं मानता है, के लिए ख़तरे खड़े किए हैं.

यूपी: बरेली और वाराणसी में मोहर्रम के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच पथराव

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में मोहर्रम का जुलूस निकालने के दौरान दो समुदायों के लोगों में डीजे बजाने को लेकर विवाद हो गया और दोनों पक्षों ने कथित रूप से एक-दूसरे पर पथराव किए. वहीं, वाराणसी के करधना गांव में ताजिया जुलूस ले जाने के समय दो समुदायों के बीच विवाद हो जाने पर जमकर लाठी-डंडे चलने के साथ ही पथराव हुआ.

भारत ने म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक चार कार्यकर्ताओं को मौत की सज़ा पर गहरी चिंता जताई

बीते 25 जुलाई को म्यांमार के सैन्य शासन ने घोषणा की थी कि उसने आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने में मदद करने के आरोप में चार लोकतंत्र कार्यकर्ताओं को फांसी दे दी गई है. उन पर सेना से लड़ने वाले विद्रोहियों की सहायता करने का आरोप लगाया गया था. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि म्यांमार के लोगों के मित्र के रूप में हम म्यांमार की लोकतंत्र और स्थिरता की वापसी का समर्थन करना जारी रखेंगे.

बीते दो सालों में पुलिस हिरासत में 4,484 मौतें, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक: केंद्र सरकार

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि देश भर में साल 2020 में हिरासत में मौत के 1,940 और साल 2021 में 2,544 मामले दर्ज किए गए. सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2020 में पुलिस एनकाउंटर में मौत के 82 और साल 2021 में 151 मामले दर्ज किए गए.

जीवन के ज़रूरी मुद्दों को लेकर अप्रासंगिक होती बहसें

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: ग़रीबी, बेरोज़गारी, कुपोषण, शिक्षा का लगातार गिरता स्तर, बढ़ती विषमता, रोज़-ब-रोज़ बढ़ाई जा रही हिंसा-घृणा, असह्य हो रही महंगाई आदि मुद्दों पर बहस ‘सबका साथ सबका विकास’ जैसे जुमले का खोखलापन उजागर कर देगी, इसलिए उन्हें बहस से बाहर रखना सत्ता की सुनियोजित रणनीति है.

कर्नाटक: दो समुदायों के बीच झड़प के बाद केरुर शहर में निषेधाज्ञा, 18 लोग हिरासत में

कर्नाटक के बगलकोट ज़िले के केरुर शहर में छेड़खानी को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इस दौरान आगज़नी और तोड़फोड़ शुरू हो गई, जिससे शहर का मुख्य बाजार क्षेत्र बंद करना पड़ा.

2021 में वैश्विक भुखमरी में इज़ाफ़ा, 2.3 अरब लोगों को भोजन जुटाने में मुश्किल हुई: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आंकड़ों से इसे लेकर कोई भी संदेह दूर हो जाना चाहिए कि दुनिया भुखमरी, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण को समाप्त करने के अपने प्रयासों में पीछे जा रही है. सबसे हालिया उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि दुनिया भर में स्वस्थ खुराक का ख़र्च उठाने में असमर्थ लोगों की संख्या 11.2 करोड़ बढ़कर लगभग 3.1 अरब हो गई.

क्या हम असल में हत्या की संस्कृति के विरुद्ध हैं या सिर्फ़ अपने लिए हत्या का अधिकार चाहते हैं

उदयपुर की हत्या की वीभत्सता, नृशंसता को हम इतना भी अजनबी न मानें. यह हमारे समाज का स्वभाव है. पर क्या इस हत्या पर हमारा ध्यान इसलिए टिका हुआ है कि मारा जाने वाला कौन है और उसे मारा किसने है?

साहित्य उम्मीद की विधा है क्योंकि यह यथार्थ, क्रूर वर्तमान का सामना करने का साहस करता है

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: इस समय की प्रचलित टेक्नोलॉजी और प्रविधियां तेज़ी और सफलता से यथार्थ को तरह-तरह से रचती रहती हैं. इस रचे गए यथार्थ का सच्चाई से संबंध अक्सर न सिर्फ़ क्षीण होता है बल्कि ज़्यादातर वे मनगढ़ंत और झूठ को यथार्थ बनाती हैं. हमारे समय में राजनीति, धर्म, मीडिया आदि मिलकर जो मनोवांछित यथार्थ रच रहे हैं उसका सच्चाई से कोई संबंध नहीं होता. इस यथार्थ को प्रतिबिंबित करना झूठ को मानना और फैलाना होगा.

यूपी: 1984 के सिख विरोधी दंगों में संलिप्तता के आरोप में कानपुर में पांच वृद्ध गिरफ़्तार

यूपी सरकार ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दौरान कानपुर में 127 लोगों की मौत की फिर से जांच के लिए मई 2019 में एसआईटी का गठन किया था, जो कुल 11 मामलों की जांच कर रही है. इसे लेकर अब तक 11 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. पुलिस ने बताया कि एसआईटी ने पूर्व में 96 मुख्य संदिग्धों को चिह्नित किया था, उनमें से 22 की मौत हो चुकी है.

झारखंड: ओवैसी के रांची पहुंचने पर पाक समर्थित नारेबाज़ी मामले की जांच का आदेश

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी मंदार विधानसभा सीट पर उपचुनाव प्रचार के लिए झारखंड आए थे. इस दौरान रांची हवाईअड्डे पर पहुंचने पर कथित तौर पर पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह उसकी छवि को ख़राब करने की कोशिश है.

Barpeta: State Disaster Response Force (SDRF) personnel rescue villagers affected by flood at Sarukhetri village in Barpeta, Thursday, July 25, 2019. (PTI Photo) (PTI7_25_2019_000117B) *** Local Caption ***

साल 2021 में जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के चलते भारत में क़रीब 50 लाख लोग विस्थापित: यूएन

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में हिंसा, मानवाधिकार हनन, खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अन्य आपात स्थितियों के कारण दुनियाभर में 10 करोड़ लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए. एजेंसी ने कहा कि बीते दशक में हर वर्ष घर छोड़ने के लिए मजबूर होने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हुई है.

रांची हिंसा: राज्य सरकार ने आरोपियों के पोस्टर जारी करने पर एसएसपी से जवाब तलब किया

रांची में पुलिस ने मंगलवार को 10 जून की हिंसा में वांछित लोगों के पोस्टर जारी किए थे. बाद में तकनीकी त्रुटि का हवाला देते हुए इन्हें सुधार कर दोबारा जारी करने की बात कही गई. सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा इसके विरोध के बीच गृह सचिव ने रांची एसएसपी से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है.  

उत्तर प्रदेश: इलाहाबाद में 10 जून को हुई हिंसा के संबंध में पुलिस ने 59 आरोपियों के पोस्टर जारी किए

उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, सहारनपुर समेत कई शहरों में बीते 10 जून को भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा और पार्टी से निष्कासित नेता नवीन कुमार जिंदल की पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. यूपी पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनों के सिलसिले में अब तक 357 लोग गिरफ़्तार​ किया है और कुल 13 एफ़आईआर दर्ज की है.