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दिल्ली में सीवर की सफाई करने उतरे एक व्यक्ति की मौत, दो गिरफ्तार

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री सत्येंद्र जैन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतक सफाईकर्मी के परिवार को दस लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तर पश्चिमी दिल्ली के शकूरपुर में बीते शनिवार को सीवर की सफाई करने उतरे एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य बेहोश हो गए. पुलिस ने बताया कि सफाई का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा था.

इस बीच एक सरकारी बयान में दावा किया गया कि व्यक्ति एक खुली नाली में गिरा था. दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री सत्येंद्र जैन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर से जांच रिपोर्ट तलब की है और मृतक सफाईकर्मी के परिवार को दस लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है.

पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में एक ठेकेदार और एक निजी सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि मृतक अशोक बुध विहार का रहने वाला था और तीन अन्य व्यक्ति- गोरेलाल (35), रोहित (30) और साईं (50) पूठ कलां के निवासी थे.

पुलिस ने कहा कि मृतक अशोक समेत तीन व्यक्तियों को पीडब्ल्यूडी ठेकेदार द्वारा एक गैस एजेंसी के समीप सीवर की सफाई करने के लिए काम पर रखा गया था. कुछ समय बाद जब वे सीवर से बाहर नहीं आए तब पुलिस को इसकी सूचना दी गई.

सफाईकर्मियों को पुलिस और दमकल विभाग के कर्मियों की सहायता से सीवर से बाहर निकाला गया.

पुलिस ने बताया कि चारों व्यक्तियों को पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस के अनुसार सीवर में से चार व्यक्तियों को निकाला गया जबकि दमकल विभाग का दावा है कि उन्होंने पांच व्यक्तियों को निकाला जिसमें से एक की मौत हो चुकी थी.

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उन्होंने कहा कि सुभाष प्लेस थाने में भारतीय दंड संहिता और अन्य कानून की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. मामले में बरवाला निवासी राजकुमार (27) और पूठ कलां निवासी बबलू (45) को गिरफ्तार किया गया है.

सरकारी बयान में कहा गया कि उप जिलाधिकारी स्तर की जांच के आदेश दिए गए हैं. पीडब्ल्यूडी मंत्री ने अस्पताल जाकर वहां भर्ती सफाईकर्मियों का हालचाल जाना. डॉक्टरों ने बताया कि दो सफाईकर्मियों को जांच के बाद छुट्टी दे दी गयी.

स्थानीय लोगों के अनुसार सफाईकर्मी उस स्थान पर दो दिन से काम कर रहे थे.

मालूम हो कि हाल ही में द वायर ने रिपोर्ट कर बताया था कि साल 1993 से लेकर 2019 तक में देश भर में सीवर सफाई के दौरान जितनी मौतें हुई हैं, उसमें से करीब 50 फीसदी पीड़ित परिवारों को पूरे दस लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है. कई मामलों में मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये से कम की राशि दी जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 के अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि अगर किसी व्यक्ति की सीवर सफाई के दौरान मौत होती है तो पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा देना होगा.

देश के 20 राज्यों ने 1993 से लेकर अब तक के सीवर सफाई के दौरान कुल 814 लोगों की मौत होने की जानकारी दी है और इसमें से सिर्फ 455 मामलों में ही पूरे 10 लाख का मुआवजा दिया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)