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कोरोना वायरस: छत्तीसगढ़ में पहला केस आने के बाद धारा 144 लागू, मॉल, रेस्टोरेंट, क्लब बंद

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने अंतरराज्यीय बस सेवा और यात्री वाहनों के आवागमन पर भी पाबंदी लगा दी है और शहरी इलाकों के छात्रावासों में रहने वालों से ख़ाली करने को कहा है. राज्य में बंद की स्थिति.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण को पहला मामला सामने आने के बाद सरकार ने पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी है. धारा 144 लागू होने के दौरान किसी एक जगह पर चार से अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध होता.

राज्य में 24 वर्षीय एक महिला में कोरोना वायरस के संक्रमण का पता चला है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, धारा 144 लागू करने के बाद सरकार ने सभी मॉल, सुपरमार्केट, रेस्टोरेंट, क्लब को बंद करने का आदेश जारी किया है. रेहड़ी वालों से भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है.

कोरोना वायरस से संक्रमित यह महिला बीते 15 मार्च को लंदन से लौटी थीं और एम्स रायपुर ने उसी दिन उनमें संक्रमण की पुष्टि की. माता-पिता सहित महिला के परिवार के चार सदस्यों को पृथक रखा गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमण का मामला सामने आने के कुछ घंटों बाद पुलिस ने रायपुर के कई इलाकों- समता नगर, गुधियारी और चौबे कॉलोनी को बंद करा दिया. इसी इलाके में संक्रमित महिला रहती हैं.

सरकार ने एक हॉटलाइन की शुरुआत की है ताकि इस इलाके के लोगों दूध, राशन और दवाइयां मांग सकें.

सरकार ने अंतरराज्यीय बस सेवा और यात्री वाहनों के आवागमन पर भी पाबंदी लगा दी है और शहरी इलाकों के छात्रावासों में रहने वालों से खाली करने को कहा है.

इसके पहले सरकार ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय एहतियात के तौर पर 31 मार्च तक बंद कर दिए थे. स्कूल की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक वीडियो के माध्यम से लोगों से अपील की है कि जरूरी हो तब ही घर से बाहर निकलें.

उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस से निपटने के लिए तैयार है, लेकिन हमें सावधान रहना चाहिए और आइसोलेशन में रहना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि राशन और दवा की दुकानें खुली रहेंगी.

मालूम हो कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले 200 के पार चले गए हैं और इससे अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी.

छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान में भी कोरोना वायरस के मद्देनजर धारा 144 लगा दी है. इसके अलावा कम आवश्यक सरकारी, अर्धसरकारी और स्वायत्त संस्थान 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दे दिया गया है.

पंजाब सरकार ने भी शुक्रवार आधी रात से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद करने की घोषणा की है. इसके अलावा एक जगह लोगों के जमा होने की सीमा 50 से घटाकर 20 लोग कर दी गई है.