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कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में फ़र्ज़ी ख़बर को लेकर दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश

एक समाचार चैनल द्वारा महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड और उनकी बेटी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की कथित तौर पर फ़र्ज़ी ख़बर प्रसारित की गई थी. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया है.

अनिल देशमुख. (फोटो साभार: फेसबुक)

अनिल देशमुख. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुंबई: महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि राज्य के मंत्री जितेंद्र आव्हाड की बेटी के स्पेन से लौटने के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित होने की कथित तौर पर झूठी खबर चलाने वाले एक समाचार चैनल के संवाददाता और समाचार प्रस्तोता (एंकर) के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है.

देशमुख ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि इस प्रक्रिया में कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी मरीज के नाम का खुलासा नहीं करने की आचार संहिता का उल्लंघन किया गया.

उन्होंने कहा कि चैनल ने यह जान-बूझकर किया और यह गैर जिम्मेदारी भरा गंभीर मामला है.

देशमुख ने कहा कि ऐसे समय में जब कोरोना वायरस महामारी को लेकर डर का माहौल है तो ‘फर्जी और दहशत फैलाने वाली’ खबरों का प्रसारण करना गलत है.

देशमुख ने बुधवार देर रात को अपने ट्वीट में कहा, ‘इसलिये संवाददाता और एंकर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.’

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 15 अप्रैल को गृह मंत्री अनिल देशमुख ने टाइम्स नाउ के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

डीजीपी को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा है कि जितेंद्र आव्हाड ने उन्हें समाचार चैनल द्वारा चलाई गई फर्जी खबर के संबंध में एक पत्र लिखा है.

पत्र में गृह मंत्री ने कहा है कि कानून के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति का नाम बताने पर रोक है. उस पर से ये एक महिला की बात थी. जिस व्यक्ति पर सवाल उठाया गया उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है.

गृह मंत्री ने डीजीपी को फर्जी खबर प्रसारित करने के लिए समाचार चैनल के पत्रकार और एंकर के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

हालांकि, आव्हाड ने कहा कि देशमुख ने उनसे मामला दर्ज कराने को कहा लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि वह प्रतिशोध से काम नहीं करना चाहते.

आव्हाड ने खबर को लेकर चिंता जताने के लिए देशमुख का शुक्रिया अदा किया.

उन्होंने कहा, ‘बदले की जगह मैंने किसी के खिलाफ मामला नहीं दर्ज कराने का निर्णय लिया. चैनल अपना काम करते हैं. लोगों को निर्णय लेने दें. माफ करें और भूलें.’

हाल ही में आवास मंत्री आव्हाड ने एक पुलिस अधिकारी से बातचीत की थी, जो बाद में संक्रमित पाया गया.

मंत्री ने एहतियात के तौर पर खुद को पृथक कर लिया था. बुधवार को उन्होंने बताया कि उनकी जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई और वह स्वस्थ हैं.

फ्री प्रेस जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिनों जितेंद्र आव्हाड ने फेसबुक पर समाचार चैनल द्वारा उनकी बेटी से संबंधित खबर चलाए जाने पर एक लंबा पोस्ट लिखा था.

महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की कुछ मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद उन्होंने कोरोना वायरस से संबंधित अपनी जांच रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की थी.

वे लिखते हैं, ‘एक व्यक्ति मुझसे मिलने अक्सर आता था, वह व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया. इसके बाद एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर मैंने अपनी जांच करवाई. मैंने अपने साथ काम कर रहे कुछ लोगों की भी जांच कराई.’

इस पोस्ट के आखिरी में उन्होंने लिखा है कि बीते 15 अप्रैल को एक रिपोर्ट में मुझे और मेरी बेटी के कोरोना वायरस से पीड़ित होने की बात कही गई थी.

15 अप्रैल को ही उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, ‘मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं और सड़कों पर काम कर रहा हूं, लेकिन कुछ चैनल मेरा इस्तेमाल टीआरपी के लिए कर रहे हैं. यह दिलचस्प है कि उन्हें लगता है लोग इसे भी देखते हैं.’

इससे पहले मुंबई के बांद्रा में मजदूरों की भीड़ जुटने के संबंध में मराठी समाचार चैनल एबीपी माझा के एक पत्रकार राहुल कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था.

पत्रकार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी एक खबर में कहा था कि सरकार प्रवासी कामगारों के लिये जन साधारण ट्रेन सेवा शुरू करने पर विचार कर रही है. आरोप है कि उनकी इस खबर के बाद बांद्रा में भीड़ जमा हो गई थी.

बहरहाल बृहस्पतिवार को पत्रकार का जमानत मिल गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)