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अभिनेता ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में निधन

साल 2018 में ऋषि कपूर के कैंसर से पीड़ित होने के बारे में पता चला था. इसके बाद वे इलाज के लिए अमेरिका चले गए थे और क़रीब एक साल वहां रहने के बाद पिछले साल सितंबर में मुंबई लौटे थे.

फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर. (फोटो साभार: फेसबुक)

फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के जाने माने कलाकार ऋषि कपूर का गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया. वे 67 वर्ष के थे और पिछले कुछ सालों से कैंसर से पीड़ित थे.

फिल्म ‘डी-डे’ के उनके सह-कलाकार इरफान खान के निधन के एक दिन बाद ही उनके निधन की खबर आई है. ख़ान का भी कल मुम्बई के एक अस्पताल में निधन हो गया था, उन्हें भी एक दुर्लभ किस्म का कैंसर था.

करीब तीन महीने पहले ऋषि की बहन रितू नंदा का भी कैंसर के कारण निधन हो गया था.

ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर ने उनके निधन की सूचना दी.

इससे पहले बुधवार रात को रणधीर कपूर ने बताया था कि वह कैंसर से पीड़ित हैं और उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही है, इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

गुरुवार सुबह अंतिम सांस लेने से पहले वे पिछले एक हफ्ते से मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती थे.

साल 2018 में ऋषि कपूर के कैंसर से पीड़ित होने के बारे में पता चला था. इसके बाद वे इलाज के लिए अमेरिका चले गए थे और पत्नी और अभिनेत्री नीतू के साथ करीब एक साल वहां रहने के बाद वे पिछले साल सितंबर में मुंबई लौटे थे.

ऋषि कपूर के परिवार में उनकी पत्नी नीतू कपूर, बेटे रणबीर कपूर और बेटी रिद्धिमा कपूर हैं.

कपूर परिवार ने एक बयान जारी कर कहा, ‘ल्यूकेमिया (कैंसर का एक प्रकार) के साथ दो साल की लड़ाई के बाद आज सुबह 8:45 बजे हमारे प्रिय ऋषि कपूर का अस्पताल में निधन हो गया. अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने कहा कि अंतिम समय में भी वे उनका मनोरंजन करते रहे. वे प्रसन्नचित रहे और दो महाद्वीपों में दो सालों तक इलाज कराने के दौरान जीने के लिए प्रतिबद्ध दिखे.’

बयान के अनुसार, ‘परिवार, दोस्त, भोजन और फिल्मों की उनकी पसंद बनी रही. इस दौरान उनसे मिलने वाला हर कोई इस बात से हैरान था कि उन्होंने अपनी बीमारी को अपने ऊपर कैसे हावी नहीं होने दिया? वह दुनियाभर से आने वाले अपने प्रशंसकों के प्यार के लिए आभारी थे. उनके जाने के बाद वे (प्रशंसक) सभी इस बात को समझेंगे कि वह (ऋषि) अपने निधन को खुशी के साथ याद किया जाना पसंद करेंगे, न कि आंसूओं के साथ.’

बयान में आगे कहा गया है, ‘इस निजी क्षति के समय (कोरोना वायरस) हमें यह ध्यान रखना है कि पूरी दुनिया अभी खराब समय से गुजर रही है. (लॉकडाउन के कारण) लोगों के आने-जाने और भीड़ जमा होने पर तमाम प्रतिबंध लगे हैं. हमारा उनके सभी प्रशंसकों, परिवार के दोस्तों और शुभचिंतकों से आग्रह है कि कानून लागू है, कृपया उसका पालन करें.’

इससे पहले फरवरी में भी तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पहली बार दिल्ली में एक पारिवारिक समारोह में हिस्सा लेने गए ऋषि को संक्रमण के कारण वहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद मुंबई लौटने के बाद उन्हें बुखार होने के बाद अस्पताल मे भर्ती कराया गया.

बृहस्पतिवार को ही दक्षिणी मुंबई के चंदनवाड़ी शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया.

कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण अभिनेता का पार्थिव शरीर कड़ी सुरक्षा के साथ करीब पौने चार बजे अस्पताल से सीधे शवदाह गृह ले जाया गया.

उनकी बेटी रिद्धिमा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकीं. हालांकि वह दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हो चुकी हैं.

अंतिम संस्कार के समय पत्नी नीतू सिंह, बेटे रणबीर, ऋषि के बड़े भाई रणधीर, करीना कपूर खान, उनके पति सैफ अली खान, अभिनेता अभिषेक बच्चन, रणबीर की प्रेमिका आलिया भट्ट और अनिल अंबानी मौजूद थे.

पांच दशक और क़रीब 150 फिल्में 

हिंदी सिनेमा के पहले परिवार कहे जाने वाले कपूर खानदान की तीसरी पीढ़ी के मशहूर शख्स ऋषि कपूर अभिनेता राज कपूर और कृष्णा कपूर के बेटे थे. उनका जन्म 4 सितंबर 1952 को हुआ था.

पृथ्वीराज कपूर के पोते ऋषि ने बतौर बाल कलाकार सिनेमा में पदार्पण किया और तीन दशक तक रोमांटिक नायक के रूप में दर्शकों के दिलों पर राज करते रहे .

तीन साल की उम्र में ऋषि ने अपने पिता राज कपूर की फिल्म से बतौर बाल कलाकर बड़े पर्दे पर अपनी फिल्मी पारी का आगाज किया था.

अपने पांच दशक के करिअर में करीब 150 फिल्में करने वाले ऋषि ने शुरुआत उस छोटे से बच्चे के रूप में की थी, जो राज कपूर और नरगिस के 1955 में आई फिल्म श्री 420 के मशहूर गीत ‘प्यार हुआ इकरार हुआ’ में बारिश में नजर आता है. इसके बाद उन्होंने राज कपूर के निर्देशन वाली मेरा नाम जोकर (1970) में भी काम किया.

हालांकि एक अभिनेता के रूप में उन्होंने अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत आरके फिल्म्स के बैनर तले बनी 1973 में आई फिल्म बॉबी से की और इसी के साथ वे लोगों के दिलों की धड़कन बन गए. इसके बाद करीब तीन दशक तक उन्होंने कई रोमांटिक फिल्में की.

एक्शन फिल्मों के दौर में फिल्मों में ऋषि ने डिम्पल कपाड़िया (बॉबी और सागर) से लेकर अपने से काफी छोटी दिव्या भारती (दीवाना) और उर्मिला मांतोडकर (श्रीमान आशिक) के साथ भी नायक के तौर रोमांटिक भूमिकाएं निभाई थीं.

इसके अलावा ‘नगीना’ और ‘चांदनी’ (श्रीदेवी), प्रेम रोग (पद्मिनी कोल्हापुरी) और दामिनी (मीनाक्षी शेषाद्री) जैसी नायिका प्रधान फिल्मों में भी वे अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे.

1970 और 1990 के दशक में ऋषि कपूर बेहद लोकप्रिय अभिनेता थे. रोमांस के पोस्टर ब्वॉय रहे ऋषि के स्वेटर तक उस दौर में चर्चा में रहते थे.

इस दौरान उन्होंने राजा (1975), रफू चक्कर (1975), लैला मजनू (1976), कभी कभी (1976), हम किसी से कम नहीं (1977) सरगम (1979), कर्ज (1980), नसीब (1981), ये वादा रहा (1982), दुनिया (1984), नसीब अपना अपना (1986), सिंदूर (1987), शेषनाग (1990), हिना (1991), बंजारन (1991), बोल राधा बोल (1992), ईना मीना डीका (1994), याराना (1995) आदि फिल्में कीं.

कई बड़े सितारों के बीच भी उनका किरदार छोटा नहीं होता था जिसकी बानगी 1977 में आई फिल्म अमर अकबर एंथोनी रही, जिसमें अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की मौजूदगी में अकबर इलाहाबादी भी छाया रहा और फिल्म के तीन सुपरहिट गीत ‘पर्दा है पर्दा’, ‘शिर्डी वाले साईबाबा’ या ‘तैय्यब अली प्यार का दुश्मन’ उन्हें मिले.

करिअर की दूसरी पारी में हम तुम (2004), फना (2006), नमस्ते लंदन (2007), लव आज कल (2009), लक बाय चांस (2009) पटियाला हाउस (2011), अग्निपथ (2012), स्टूडेंट ऑफ द ईयर (2012), डी डे (2013), कपूर एंड संस (2016), 102 नॉट आउट (2018), मुल्क (2018), राजमा चावल (2018) जैसी फिल्मों में उन्होंने कुछ यादगार किरदार निभाए हैं.

इन किरदारों में ‘अग्निपथ’ का खूंखार खलनायक रऊफ लाला, ‘दो दूनी चार’ का परेशान ट्यूटर और ‘102 नॉटआउट’ का पिता से परेशान बेटा बाबूलाल आदि शामिल हैं.

इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ दो दूनी चार (2010) में नजर आए थे. उनकी आखिरी फिल्म इमरान हाशमी के साथ ‘द बॉडी’ रही, जो पिछले साल दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी.

दीपिका पादुकोण के साथ हॉलीवुड फिल्म ‘द इंटर्न’ की रीमेक बननी थी लेकिन वह शुरू ही नहीं हुई थी.

ट्विटर के ‘एंग्री यंग मैन’

कपूर परिवार के बाकी सदस्यों की तरह खाना, परिवार, दोस्त और फिल्में ही उनकी जिंदगी थे. सिनेमा के साथ असल जिंदगी में भी नीतू सिंह और उनकी जोड़ी सुपरहिट रही.

ट्विटर पर ऋषि कपूर का परिचय कुछ यूं था, ‘एक मशहूर पिता का बेटा और मशहूर बेटे का पिता.’ अपने बेबाक विचार रखने से कभी नहीं हिचकिचाने वाले ऋषि ट्विटर पर ‘एंग्री यंग मैन’ नजर आते थे.

कभी ‘बीफ खाने वाले हिंदू’ वाले बयान पर तो कभी लॉकडाउन में ‘शराब की दुकाने खोलने’ के सरकार से अनुरोध को लेकर वह चर्चा में रहे.

उन्होंने आखिरी ट्वीट दो अप्रैल को किया था जिसमें सभी लोगों से हिंसा, पथराव या लिंचिंग से दूर रहने का आग्रह किया था.

उन्होंने लिखा था, ‘डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस हमारी रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. हमें मिलकर कोरोना वायरस को हराना है. जय हिंद.’

बॉलीवुड और राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने शोक जताया

ऋषि कपूर के निधन पर सिनेमा के साथ राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने शोक संवेदना प्रकट की है.

ऋषि कपूर के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता अनुपम खेर ने ट्वीट कर कहा, ‘ऋषि कपूर से ज़्यादा ज़िंदादिल, बेबाक़, ज़ोर ज़ोर से ठहाके लगाने वाला, एक बच्चे जैसी जिज्ञासा रखने वाला मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी नहीं देखा. भगवान ने उनका सांचा बनाकर तोड़ दिया था. दुख इतना गहरा है, आंसू निकल ही नहीं रहे. न्यूयॉर्क में उनके साथ आख़िरी वीडियो. आप हमेशा रहोगे.’

फिल्मकार बोनी कपूर ने कहा, ‘बर्बाद हो गया… हैरान हूं… आप साथ गुजारे गए पलों से धन्य हुए समय को याद कर रहा रहा हूं. इस पल में भी आपके बारे में सिर्फ सोचने भर से ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. पूरे परिवार के प्रति संवेदना.’

अभिनेता रजनीकांत और कमल हासन ने बृहस्पतिवार को हिंदी सिनेमा के अदाकार ऋषि कपूर के निधन पर दुख जताया.

हिंदी फिल्म ‘दोस्ती दुश्मनी’ में कपूर के साथ काम करने वाले रजनीकांत ने उन्हें प्रिय मित्र बताया, जबकि हासन को उनका निधन होने का विश्वास ही नहीं हुआ. हासन ने कपूर के साथ ‘सागर’ फिल्म में काम किया था.

रजनीकांत ने ट्वीट किया, ‘दुखद… आत्मा को शांति मिले… मेरे प्रिय मित्र ऋषि कपूर.’

हासन ने कहा कि कपूर हमेशा मुस्कुराते रहते थे.

उन्होंने कहा, ‘इस पर यकीन नहीं कर सकता. चिंटू जी (कपूर) हमेशा मुस्कुराते रहते थे. हमारे बीच परस्पर प्रेम और सम्मान था. मेरे दोस्त की कमी खलेगी. परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना.’

अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने कहा, ‘यह हिंदी सिनेमा का सबसे खराब दौर है. यह एक युग का खत्म हो जाना है. मंटो में उनके साथ काम करके भाग्यशाली रहा. पूरी जिंदगी उन खूबसूरत पलों को संजोकर रखूंगा. एक सच्चा मनोरंजन करने वाला… ऋषि कपूर.’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा, ‘ऋषि कपूर के असामयिक निधन से गहरा दुःख हुआ है.उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं.’

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘हिंदी सिनेमा के प्रख्यात कलाकार और वरिष्ठ अभिनेता ऋषि कपूर के असामयिक निधन के दुखद समाचार से स्तब्ध हूं. उन्होंने अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा से भारतीय दर्शकों को दशकों तक मंत्रमुग्ध रखा और उन चरित्रों को हमारी स्मृति में अमर कर दिया.’

नायडू ने ट्वीट कर कहा, ‘वे एक करिश्माई अभिनेता थे जिन्हें कई पीढ़ियों का स्नेह प्राप्त था. सच्चे कलाकार अपने कृतित्व के माध्यम से, अपने प्रशसंकों के मन मस्तिष्क में सदैव अमर रहते हैं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘बहुआयामी, प्रिय और जीवंत… ये ऋषि कपूर जी थे. वह प्रतिभा का पावरहाउस थे. मैं हमेशा सोशल मीडिया पर भी हुई अपनी बातचीत को याद करूंगा.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘ऋषि कपूर के इस तरह अचानक चले जाने से दुखी हूं. उन्होंने अपने पूरे करिअर में भारत की कई पीढ़ियों का मनोरंजन किया. बहुत बड़ी क्षति है. उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दें.’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘यह भारतीय सिनेमा के लिए दुखद सप्ताह रहा है. एक और बड़े अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया. वह एक शानदार अभिनेता थे जिनकी हर पीढ़ी के लोगों में लोकप्रियता थी. उनकी कमी बहुत महसूस की जाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के साथ मेरी संवेदना है.’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया, ‘मुंबई के कैंपियन स्कूल में मेरे वरिष्ठ रहे ऋषि कपूर के निधन से दुखी हूं. उनके साथ 1967-68 में मैं इंटर-कलास ड्रामाटिक्स स्पर्धा में शामिल हुआ था.’

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आदिने भी ऋषि कपूर के निधन पर शोक प्रकट किया है.

पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब अख़्तर ने कहा, ‘ये जिंदगी दर्द भी है, ये जिंदगी है दवा भी, दिल तोड़ना ही न जाने, जाने ये दिल जोड़ना भी. ऋषि कपूर के इंतकाल की ख़बर सुनकर दुखी हूं. वह अपने साथ अपने सारे रंग और एक युग लेकर चले गए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)