नॉर्थ ईस्ट

नगालैंड सरकार पर कोविड-19 संबंधी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाला शख़्स गिरफ़्तार

यूट्यूब पर एक चैनल चलाने वाले इस व्यक्ति ने एक वीडियो में नगालैंड की नेफ्यू रियो सरकार की कोविड-19 को संभालने की रणनीति और फंड आवंटन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि केंद्र से अधिक फंड लेने के लिए राज्य सरकार जानबूझकर प्रदेश में कोरोना वायरस फैला रही है.

The Chief Minister of Nagaland, Shri Neiphiu Rio addressing at the inauguration of the World Bamboo Day function, at Kisama Heritage Village, in Kohima, Nagaland on September 18, 2010.

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो. (फोटो: पीटीआई)

सोशल मीडिया पर नगालैंड सरकार के राज्य में कोविड-19 को संभालने पर सवाल उठाने और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले एक व्यक्ति को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, पुलिस ने बताया है कि मंगलवार को नगालैंड और हरियाणा पुलिस के की एक संयुक्त टीम ने कुरुक्षेत्र से पंकज गुप्ता नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उन पर आईपीसी की धारा 153 ए, 505 (1सी), 505 (2) और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पंकज गुप्ता ‘डॉ. पंकज गुप्ता’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिस पर 37 हजार से ज़्यादा फॉलोवर्स हैं. वे अक्सर नगालैंड से जुड़े वीडियो बनाकर पोस्ट किया करते हैं. हालांकि उन्होंने कुछ अन्य विषयों पर भी वीडियो बनाए हैं, जैसे मई 2019 में उन्होंने ‘सैल्यूट टू बीजेपी वर्कर्स इन बंगाल’ नाम का एक वीडियो बनाया था.

30 मई को अपलोड किए गए ‘नगालैंड | गवर्नमेंट | कोविड-19 | स्कैम’ नाम के 40 मिनट के एक वीडियो में उन्होंने नगालैंड की नेफ्यू रियो सरकार की कोविड-19 को संभालने की रणनीति और फंड आवंटन पर सवाल उठाए थे. उनका आरोप था कि केंद्र से अधिक फंड लेने के लिए राज्य सरकार जानबूझकर प्रदेश में कोरोना वायरस फैला रही है.

पुलिस का कहना है कि पंकज कई दिनों से फरार थे. पुलिस ने उनके द्वारा विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए कई वीडियो का संज्ञान लिया गया था, उनके अनुसार पंकज के ये वीडियो ‘भड़काऊ, अपमानजनक, समाज को बांटने वाला और शांति बिगाड़ने वाले हैं, जो आईपीसी की गैर-जमानती और संज्ञेय धाराओं के अंतर्गत आता है.

पुलिस ने यह भी कहा है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी  की कुछ कानूनी हदें होती हैं.

गुरुवार तक नगालैंड में कोरोना संक्रमण के 130 मामले सामने आए हैं. सरकार का कहना है कि इनमें से 108 मरीजों का इलाज चल रहा है और 22 लोग ठीक हो चुके हैं.

राज्य में सर्वाधिक 100 मामले दीमापुर जिले में सामने मिले हैं, इसके बाद कोहिमा में 24 मामले, तुएनसांग में पांच मामले और पेरेन में एक मामला सामने आया है.