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कोरोना वायरस: एक दिन में 482 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या 1.40 लाख के पार

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 36,011 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 9,644,222 हो गई है. विश्व में संक्रमण के 6.59 करोड़ से ज़्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि 15.19 लाख से अधिक लोग दम तोड़ चुके हैं.

A man wearing a protective mask pushes a shopping trolley inside a mall after it reopened following the coronavirus disease (COVID-19) outbreak, in Mumbai, August, 5, 2020. REUTERS/Francis Mascarenhas

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 96.44 लाख हो गए हैं, जिनमें से 91 लाख से अधिक लोगों के स्वस्थ हो जाने के बाद संक्रमणमुक्त होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 94.37 प्रतिशत हो गई है.

देश में इलाज करा रहे लोगों यानी सक्रिय मामलों की संख्या करीब चार लाख रह गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में बीते 24 घंटे के दौरान संक्रमण के 36,011 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 9,644,222 हो गई है. इस दौरान 482 और लोगों की मौत होने के बाद संक्रमण के कारण मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1.40 लाख के पार हो गई है.

देश में संक्रमित होने के बाद ठीक हुए लोगों की संख्या बढ़कर 9,100,792 हो गई है, जिसके बाद लोगों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 94.37 प्रतिशत हो गई है, जबकि कोविड-19 के कारण मरने वालों की दर 1.45 प्रतिशत बनी हुई है.

आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस से संक्रमित 403,248 लोगों का इलाज चल रहा है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 4.18 प्रतिशत है.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, पांच दिसंबर तक 146,986,575 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से शनिवार को 1,101,063 नमूनों की जांच की गई.

भारत में कोविड-19 के कुल मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख के पार, 11 अक्टूबर को 70 लाख के पार, 29 अक्टूबर को 80 लाख के पार हो गए और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे.

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है. वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे.  मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख होने में 12 दिन लगे थे. 60 से 70 लाख होने में इसे 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख होने में 13 दिन लगे.

देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

वायरस के मामले और मौतें

24 घंटे में सामने आए नए मामलों की बात करें तो बीते पांच दिसंबर को 36,652, चार दिसंबर को 36,595, तीन दिसंबर को 35,551, दो दिसंबर को 36,604 और एक दिसंबर को 31,118 नए मामले सामने आए थे.

इसी तरह बीते 24 घंटे के दौरान बीते पांच दिसंबर को 512, चार दिसंबर को 540, तीन दिसंबर को 526, दो दिसंबर को 501 और एक दिसंबर को 482 लोगों की मौत हुई.

नवंबर महीने 24 घंटे के दौरान सात नवंबर को संक्रमण के अधिकतम 50,356 मामले सामने आए थे और पांच नवंबर को संक्रमण से अधिकतम 704 लोगों की मौत हुई थी.

अक्टूबर महीने की बात करें तो एक तारीख को अधिकतम 86,821 और 28 अक्टूबर को न्यूनतम 43,893 मामले 24 घंटे के दौरान सामने आए थे. अक्टूबर में 24 घंटे में मरने वालों की अधिकतम संख्या 1 अक्टूबर को 1,181 थी.

सात सितंबर को 90,802 और 30 सितंबर को 80,472 नए मामले दर्ज किए गए थे. सात से 30 सितंबर के बीच नए मामलों की संख्या घटती बढ़ती रही. इस अवधि में 22 सितंबर को 75,083 (न्यूनतम) और 17 सितंबर को 97,894 (अधिकतम) मामले दर्ज किए गए थे, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा भी है.

छह सितंबर को संक्रमण के नए मामले पहली बार 90 हजार (90,632) के पार हो गए थे. 28 अगस्त को पहली बार 70 हजार (75,760) के पार, सात अगस्त को पहली बार 60 हजार (62,538) के पार, 30 जुलाई को पहली बार 50 हजार के पार हो गए थे.

इसी तरह 20 जुलाई को यह पहली बार 40 हजार के पार, 16 जुलाई को पहली बार 30 हजार के पार, 10 जुलाई को पहली बार 25 हजार (26,506) के पार, तीन जुलाई को पहली बार 20 हजार के पार, 21 जून को पहली बार 15 हजार के पार और 20 जून को संक्रमण के नए मामलों की संख्या पहली बार 14 हजार के पार हुई थी.

सितंबर महीने में एक दिन में मरने वालों की बात करें तो एक सितंबर को इनकी संख्या 819 और 29 सितंबर को न्यूनतम 776 थी. इन दो तारीखों के अलावा पूरे महीने हर दिन मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक रही है. 16 सितंबर को 1290 लोगों की जान गई, जो एक दिन में मरने वालों का सर्वाधिक आंकड़ा है.

10 अगस्त से 31 अगस्त तक बीते 24 घंटे या एक दिन में मरने वालों की संख्या 1007 से अधिकतम 1,092 (19 अगस्त का आंकड़ा) के बीच रही. 24 जुलाई से नौ अगस्त के बीच एक दिन या 24 घंटे में मौत का आंकड़ा 700 से लेकर 933 (आठ अगस्त का आंकड़ा) के बीच रहा है. एक जुलाई से 23 जुलाई के बीच यह आंकड़ा 507 से 1,129 के बीच रहा.

11 जून से 30 जून के बीच मरने वालों की संख्या 300 से 500 के अंदर रही है. 22 जून को एक दिन में मरने वालों की संख्या पहली बार 400 से अधिक रही थी. और 11 जून को पहली बार मरने वालों की संख्या 300 के आंकड़े को पार कर गई थी.

दुनियाभर में मामले 6.59 करोड़ से ज़्यादा, 15.19 लाख से अधिक लोगों की मौत

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 66,540,034 हो गए हैं और अब तक 1,528,868 लोगों की जान जा चुकी है.

दुनियाभर में कोरोना से अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश है. यहां संक्रमण के अब तक 14,581,337 मामले सामने आए हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 281,186 हो चुकी है.

भारत संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित दूसरा देश है. भारत के बाद तीसरे सर्वाधिक प्रभावित देश ब्राजील में संक्रमण के अब तक 6,577,177 मामले मिले हैं और 176,628 लोग दम तोड़ चुके हैं.

ब्राजील के बाद चौथे प्रभावित देश रूस में संक्रमण के 2,410,462 मामले आए हैं, जबकि 42,288 मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है.

रूस के बाद पांचवें सर्वाधिक प्रभावित फ्रांस में संक्रमण के 2,334,626 मामले आए हैं, जबकि 55,073 मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है.

फ्रांस के बाद छठे प्रभावित देश ब्रिटेन में संक्रमण के 1,710,379 मामले हैं और 61,111 लोगों ने जान गंवा दी है. ब्रिटेन के बाद सातवें सर्वाधिक प्रभावित देश इटली में संक्रमण के 1,709,991 मामले सामने आए हैं और 59,514 मौतें हुई हैं.

इटली के बाद आठवें सर्वाधिक प्रभावित देश स्पेन में संक्रमण के 1,684,647 मामले (शनिवार तक) दर्ज हुए हैं, जबकि 46,252 मौतें हुई हैं. स्पेन के बाद नौवें प्रभावित देश अर्जेंटीना में संक्रमण के 1,459,832 मामले सामने आए हैं और 39,632 मौतें हुई हैं.

अर्जेंटीना के बाद 10वें सर्वाधिक प्रभावित देश कोलंबिया में 1,362,249 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 37,633 लोगों की यह महामारी जान ले चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)