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असमः पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में 36 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल

असम पुलिस में उपनिरीक्षकों के 597 पदों की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र 20 सितंबर को लीक हो गया था. इस मामले में भाजपा नेता दीबान डेका सहित 40 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. डेका की गिरफ़्तारी के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था.

(फोटोः पीटीआई)

(फोटो साभारः ट्विटर)

गुवाहाटीः असम पुलिस ने राज्य पुलिस परीक्षा पेपर लीक घोटाले में कथित भूमिका के लिए 36 लोगों के खिलाफ गुवाहाटी में विशेष अदालत के समक्ष शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की.

2,621 पेजों की चार्जशीट में करीमगंज के पूर्व अधीक्षक (एसपी) कुमार संजीत कृष्णा, भाजपा के निष्कासित नेता दीबान डेका और सेवानिवृत्त उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) पीके दत्ता के नाम शामिल हैं.

आपराधिक जांच विभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी के 87 दिनों बाद यह चार्जशीट दाखिल की गई.

उन्होंने कहा कि 1,217 पेजों की केस डायरी भी दायर की है और 183 लोगों के नाम अभियोजन गवाहों के रूप में शामिल किए गए हैं.

कुमार ने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों के बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए हैं.

राज्य पुलिस ने 6.27 करोड़ रुपये की नकदी, 32 मोबाइल फोन, 11 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर, पांच लैपटॉप और दोपहिया सहित दस वाहन जब्त किए हैं.

कुमार ने कहा कि करीमगंज के पूर्व एसपी कुमार संजीत कृष्णा, सेवानिवृत्त पीके दत्ता और निष्कासित भाजपा नेता दीबान डेका सहित कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

असम पुलिस भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक भाजपा नेता दीबान डेका को राज्य के बारपेटा जिले में पुलिस ने आत्मसमर्पण के बाद अक्टूबर माह में हिरासत में लिया था. बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

असम पुलिस भर्ती बोर्ड (एसएलपीआरबी) के तत्कालीन अध्यक्ष प्रदीप कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया.

बता दें कि असम पुलिस में उपनिरीक्षकों के 597 पदों की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र 20 सितंबर को लीक हो गया था और परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट के अंदर ही इसे रद्द कर दिया गया था. राज्य भर में 154 केंद्रों पर करीब 66 हजार उम्मीदवार परीक्षा में बैठे थे.

पेपर लीक होने के बाद इसकी ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए असम राज्य स्तर पुलिस भर्ती बोर्ड (एसएलपीआरबी) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने 27 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था.

उसके बाद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने डीजीपी भास्कर ज्योति महंत को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया और 20 नवंबर से पहले तक लिखित परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्देश दिया था.

कुमार के इस्तीफे के बाद सरकार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को एसएलपीआरबी का चेयरमैन बना दिया था और 22 नवंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी और नतीजे 12 दिसंबर को घोषित किए गए थे.

बता दें कि अब तक कुल मिलाकर 3,162 उम्मीदवारों ने अगले दौर की परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया है.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)