कोविड-19

कोविड-19ः कुंभ से लौटने वालों पर सख़्त हुईं कई राज्य सरकारें, अनिवार्य क्वारंटीन के निर्देश

दिल्ली, ओडिशा और मध्य प्रदेश सरकारों ने हरिद्वार में चल रहे कुंभ से लौट रहे लोगों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट, क्वारंटीन और ज़िला प्रशासन को सूचित करने जैसे विभिन्न निर्देश दिए हैं. कुंभ में कोविड के बढ़ते जोखिम के बीच उत्तराखंड सरकार ने इसे सीमित करने की संभावना से इनकार किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्लीः दिल्ली, ओडिशा और मध्य प्रदेश सरकारों ने कुंभ मेले से लौट रहे भक्तों को अनिवार्य रूप से खुद को क्वारंटीन करने को कहा है.

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने एक आदेश में कहा है कि हरिद्वार के कुंभ मेले से लौटने वाले दिल्ली के निवासियों को वहां से लौटने पर 14 दिन तक घर पर अनिवार्य रूप से आइसोलेशन में रहने होगा.

इसके साथ ही उन्हें स्वयं से संबंधित जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर भी डालनी होगी.

बता दें कि अनिवार्य रूप से आइसोलेशन में रहने वाला आदेश शनिवार को जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि चार अप्रैल के बाद से कुंभ मेले में गए लोग या वे लोग जो 30 अप्रैल तक चलने वाले मेले में जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पहचान पत्र, कुंभ मेले में जाने की तारीख और दिल्ली वापसी की तारीख दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर डालनी होगी.

डीडीएमए की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव विजय देव की ओर से जारी आदेश में कहा गया, दिल्ली के वे सभी निवासी जो हरिद्वार के कुंभ 2021 में जा चुके हैं या जाने का विचार कर रहे हैं उन्हें दिल्ली लौटने पर घर पर 14 दिन तक अनिवार्य आइसोलेशन में रहना होगा.

आदेश में कहा गया कि कुंभ से लौटने वाला व्यक्ति यदि दिल्ली सरकार के पोर्टल पर अपनी जानकारी नहीं देगा तो संबंधित जिला मजिस्ट्रेट उस व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई कर उसे संस्थागत आइसोलेशन केंद्र में भेज देंगे.

डीडीएमए के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून तथा अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि कुंभ मेले में 10 से 14 अप्रैल के बीच कुल 1,701 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित पाए गए हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कुंभ से लौटने वाले भक्तों के लिए ओडिशा में 14 दिन के क्वारंटीन के अलावा आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना भी जरूरी है.

ओडिशा विशेष राहत आयुक्त के कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया, इस तरह के लोगों का निजी तौर पर पता लगाया जाएगा और उनकी स्वास्थ्य स्थितियों की निगरानी की जाएगी.

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार ने निर्देश दिया है कि जब कुंभ मेले से लौटे तो इसकी जानकारी जिला कलेक्टर को दें.

इसके साथ ही गुजरात सरकार ने भी भक्तों से अपने-अपने घर लौटने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट करने के निर्देश दिए हैं. रिपोर्ट में संक्रमित पाए जाने पर उन्हें आइसोलेट किया जाएगा.

बता दें कि कुंभ मेले के दौरान कोरोना के बढ़ते जोखिम के बावजूद उत्तराखंड सरकार ने इस आयोजन को सीमित करने की संभावना से इनकार कर दिया था. यह 30 अप्रैल तक जारी रह सकता है.

हरिद्वार के विभिन्न अखाड़ों के कई साधु संत भी कोविड-19 की चपेट में आ चुके हैं जिनमें अखाडा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाडे के महंत नरेंद्र गिरि भी शामिल हैं. इतना ही नहीं मध्य प्रदेश से आए निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव की कोविड-19 के कारण 13 अप्रैल को मृत्यु हो चुकी है.

कुंभ में फैल रहे कोरोना के मद्देनजर निरंजनी अखाड़े ने 17 अप्रैल से खुद को कुंभ से दूर कर लिया है. हालांकि बीते शुक्रवार को निरंजनी अखाड़े द्वारा हरिद्वार महाकुंभ के 17 अप्रैल से समापन की घोषणा किए जाने के बाद अन्य अखाड़े विरोध में उतर आए थे और इस मसले पर माफी मांगने को कहा था.

इस बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत समाज से उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कुंभ को ‘प्रतीकात्मक’ रखने की अपील की, ताकि इस महामारी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी जा सके.

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि उन्होंने जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से इस सिलसिले में फोन पर बात की और साथ ही संतों का कुशल-क्षेम भी पूछा.

उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए. इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी.’

बता दें कि कोरोना के बीच अब तक दो शाही स्नान के दौरान 48.51 लाख लोग हिस्सा ले चुके हैं. हरिद्वार महाकुंभ मेला स्वास्थ्य कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पांच अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक कुंभ मेला क्षेत्र में 68 साधु संतों की जांच रिपोर्ट में उनके महामारी से पीड़ित होने की पुष्टि हो चुकी है.

कुंभ मेले में 10 से 14 अप्रैल के बीच कुल 1,701 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित पाए गए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)