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छत्तीसगढ़: विहिप व बजरंग दल ने कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी का शो को रद्द करने की मांग की

विश्व हिंदू परिषद के नेता ने रायपुर प्रशासन को धमकी देते हुए कहा कि यदि कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी के शो की अनुमति दी जाती है तो फिर वे अपने तरीके से कार्यक्रम को रोकेंगे. यह शो 14 नवंबर को होना है.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में दक्षिणपंथी हिंदू समूहों ने रायपुर के स्थानीय प्रशासन को कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के शो की अनुमति दिए जाने पर विरोध प्रदर्शन करने की धमकी दी है.

यह शो 14 नवंबर के लिए निर्धारित है और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) समेत अन्य समूहों ने इसे रद्द नहीं करने पर इसे रोकने की धमकी दी है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने बीते सोमवार (8 नवंबर) को स्थानीय पुलिस से मुलाकात की और शो को रद्द करने की मांग की.

विहिप नेता संतोष चौधरी ने कहा, ‘फारूकी ने अतीत में हमारे देवताओं का मजाक उड़ाया था और ऐसे हिंदू विरोधी लोगों को राजधानी में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. और अगर प्रशासन अनुमति देता है, तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा क्योंकि हम अपने तरीके से कार्यक्रम को रोकेंगे.’

रायपुर में कार्यक्रम के आयोजक ने कहा कि उन्हें अभी अनुमति का इंतजार है.

रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, ‘हमें शो के लिए अनुमति देने की मांग करते हुए एक आवेदन मिला है, जो अभी प्रक्रिया में है. आयोजकों ने शो के लिए सुरक्षा की भी मांग की है, जो एक होटल में होने वाला है. आवेदन पुलिस की मंजूरी के लिए भेजा गया है.’

पिछले महीने भी फारूकी के दो शो रद्द किए गए थे क्योंकि हिंदुत्ववादी समूह बजरंग दल के सदस्यों ने गुजरात से मुंबई आकर आयोजन स्थल के मालिकों को धमकी दी थी.

दक्षिणपंथी समूहों ने इस साल की शुरुआत से फारूकी को निशाने पर लिया है.

बता दें कि मध्य प्रदेश में इंदौर से भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत के बाद इसी साल एक जनवरी को इंदौर पुलिस ने फारूकी और पांच अन्य- नलिन यादव, एडविन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव को गिरफ्तार किया था.

एकलव्य सिंह गौड़ ने मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनके कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं.

मुनव्वर को धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए उनकी कथित टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस ने बाद में स्वीकार किया कि फारूकी इस तरह का कोई बयान नहीं दिया था.

एक महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद मुनव्वर फारूकी को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी थी.

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फारूकी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि यह हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह सौहार्द, सद्भाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दें. न्यायालय ने यह भी कहा था कि ‘ऐसे लोगों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए.’