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कर्नाटकः धारवाड़ में मेडिकल कॉलेज के 178 और बंगलुरु के बोर्डिंग स्कूल में 33 छात्र कोविड पॉजिटिव

कर्नाटक के धारवाड़ में एसडीएम चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे कम से कम 178 छात्रों के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद दो छात्रावासों को सील कर दिया गया है. वहीं, बंगलुरु के एक अंतर्राष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल के 33 छात्र और एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

धारवाड़: कर्नाटक के धारवाड़ स्थित एक मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले छात्रों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 178 हो गई है.

धारवाड़ स्थित एसडीएम चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे कम से कम 178 छात्रों के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद दो छात्रावासों को सील कर दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यशवंत ए. मदिनकर ने बताया, बीते बुधवार से 939 नमूनों के परिणाम प्राप्त हुए हैं. परिसर से कुल मिलाकर लगभग 3,000 नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे. हमने परिसर के भीतर अस्पताल में भर्ती मरीजों की रैंडम टेस्टिंग का भी सुझाव दिया है.

डॉ. मदिनकर ने यह भी कहा कि कुछ नमूने जीनोमिक सिक्वेंसिंग के लिए भी भेजे जाएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोविड-19 के किस प्रकार से संक्रमण हुआ है.

इस बीच उपायुक्त नीतेश पाटिल ने कहा कि सभी मामले ब्रेकथ्रू इंफेक्शन के थे, जिसका अर्थ है कि कोरोना पॉजिटव पाए गए लोगों को टीके की दोनों खुराक मिली चुकी थी. उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले थे, जबकि कुछ में हल्के लक्षण थे.

उन्होंने बीते बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘जो लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं, उन्हें दो हफ्ते के लिए क्वारंटीन किया जाएगा. अधिकांश की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है. उन्होंने संस्थान में लागू किए गए एहतियाती उपायों के बारे में जानकारी मांगी है.’

पाटिल ने अधिकारियों के साथ परिसर का दौरा करने के बाद पत्रकारों से को बताया कि दो छात्रावासों को सील कर दिया गया है और वहां आवश्यक भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं.

उन्होंने बताया कि संक्रमित पाए गए अधिकांश विद्यार्थी प्रथम वर्ष के छात्र हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, एक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संक्रमित सभी लोग 17 नवंबर को कॉलेज परिसर में स्थित डी. वीरेंद्र हेगड़े कलाक्षेत्र में छात्रों के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

इस बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने कॉलेज के अधिकारियों को सभी 3,000 कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण करने का निर्देश दिया है. परिसर में स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम भी तैनात की गई है.

वहीं, उपायुक्त ने जिले में लोगों को किसी भी तरह के सामाजिक समारोहों से बचने की सलाह देते हुए संयम और सावधानी बरतने की सलाह दी.

उन्होंने कहा, ‘महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और हमें कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन करने में विफल नहीं होना चाहिए.’

धारवाड़ में पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के शून्य पॉजिटिव मामले दर्ज किए जा रहे थे. हालांकि, गुरुवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, यह राज्य भर में दर्ज किए गए कुल नए मामलों का लगभग 14 प्रतिशत था.

कर्नाटक में बीते गुरुवार को संक्रमण के कुल 306 संक्रमण सामने आए हैं और दो लोगों की मौतों की सूचना है. राज्य की कोविड-19 पॉजिटिव दर 0.36 प्रतिशत है, जबकि इससे मृत्यु दर 0.65 प्रतिशत है.

बंगलुरु के बोर्डिंग स्कूल में 33 छात्र, एक कर्मचारी संक्रमित

इस बीच कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु के एक अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल के 33 छात्र और एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. स्कूल के सभी 297 छात्रों और 200 स्टाफ सदस्यों का कोरोना टेस्ट करवाया गया था, जिसमें से 18 वर्ष से कम आयु के 33 छात्रों और एक कर्मचारी संक्रमित पाए गए.

बंगलुरु शहरी उपायुक्त जे. मंजूनाथ ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘सभी छात्र द इंटरनेशनल स्कूल बंगलुरु से हैं. संक्रमित पाए गए स्टाफ सदस्य ने टीके की दोनों खुराक ले ली है. हमने 497 लोगों का टेस्ट किया है, जिसमें 297 छात्र और 200 स्टाफ सदस्य शामिल हैं. अन्य की टेस्ट रिपोर्ट आज (शुक्रवार) आएगी. हमने स्कूल में मेडिकल टीम तैनात कर दी है. वरिष्ठ चिकित्सक हर दो घंटे में परिसर का दौरा कर रहे हैं. चिंता की कोई बात नहीं है.’

उपायुक्त ने बताया कि संक्रमित पाए गए दो छात्रों को उनके माता-पिता एम्बुलेंस में नागपुर और हैदराबाद ले गए.  संबंधित राज्यों को सूचित कर दिया गया है.

बंगलुरु शहरी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनिवास गुलूर ने कहा कि किसी को भी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘पूरे स्कूल परिसर को सील कर दिया गया है और सभी 32 संक्रमित छात्रों को स्कूल मेडिकल सेंटर और छात्रावास में कोविड के दिशानिर्देशों के अनुसार क्वारंटीन कर दिया गया है. किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है. सभी छात्र नाबालिग हैं और बोर्डिंग स्कूल के परिसर के सभी कर्मचारियों को टीके की दोनों खुराक लगाई जा चुकी है.’

मंजूनाथ ने कहा कि सभी प्राथमिक संपर्कों का परीक्षण करने के लिए कदम उठाए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘मामले का संदेह तब हुआ जब नागपुर के दो बच्चों ने बुखार की शिकायत की. उनका परीक्षण किया गया और वे पॉजीटिव पाए गए. इसके बाद सभी छात्रों और कर्मचारियों का परीक्षण किया गया.’

अब तक कुल 497 लोगों की जांच की जा चुकी है. संक्रमित छात्रों में से एक सातवीं क्लास, 12 नौवीं क्लास, 8 दसवीं क्लास, तीन 11वीं और नौ 12वीं क्लास से हैं.

द न्यूज़ मिनट के मुताबिक, इस बीच, कोविड-19 प्रकोप के मद्देनजर स्कूल को फिर से ऑनलाइन कक्षाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.

स्कूल अधिकारियों ने कहा कि कुछ बच्चों को उनके घर वापस भेज दिया गया है. बोर्डिंग स्कूल में अंतरराष्ट्रीय छात्र भी हैं और वे भी जल्द ही अपने-अपने देशों के लिए उड़ान भरेंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)