कोविड-19

कोविड-19: ओमीक्रॉन के महाराष्ट्र में सर्वाधिक मामले आए, देश में कुल मामले 653 हुई

भारत में पिछले 24 घंटे में 6,358 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,47,99,691 हो गई है. इस दौरान इस दौरान 293 और मरीज़ों की मौत होने से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 4,80,290 हो गया है. विश्व में संक्रमण के 28.14 करोड़ से अधिक मामले सामने आए हैं और इस महामारी के कारण 54.06 लाख से ज़्यादा लोग दम तोड़ चुके हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: भारत के 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन के 653 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 186 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या विदेश चले गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को अद्यतन आंकड़ों में यह जानकारी दी गई.

ओमीक्रॉन के महाराष्ट्र में सर्वाधिक 167 मामले पाए गए हैं. इसके बाद दिल्ली में 165, केरल में 57, तेलंगाना में 55, गुजरात में 49 और राजस्थान में 46 मामले सामने आए हैं.

मंत्रालय के सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में 6,358 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,47,99,691 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों यानी सक्रिय मामलों की संख्या गिरकर 75,456 रह गई है. बीते एक दिन में 293 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 4,80,290 हो गई है.

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बीच पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 28,14,09,956 हो गए हैं और अब तक 54,06,957 लोगों की जान जा चुकी है.

भारत में पिछले 61 दिन से कोरोना वायरस संक्रमण के दैनिक मामले लगातार 15,000 से कम रह रहे हैं.

मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 75,456 रह गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है. यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है.

पिछले 24 घंटों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 385 मामलों की कमी आई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से मरीजों के स्वस्थ होने की दर 98.40 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है.

संक्रमण की दैनिक दर 0.61 प्रतिशत है. यह पिछले 85 दिनों से दो प्रतिशत से कम रही है. साप्ताहिक संक्रमण दर 0.64 प्रतिशत दर्ज की गई और यह पिछले 44 दिनों से एक प्रतिशत से कम बनी हुई है.

इस बीमारी के बाद स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,42,43,945 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है. देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 142.47 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं.

इस महामारी से जिन 293 मरीजों ने पिछले 24 घंटे में जान गंवाई है, उनमें से 236 लोगों की मौत केरल में और 21 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई है.

केरल में सामने आए मौत के 236 मामलों में से 23 मामले पिछले कुछ दिनों में सामने आए. वहीं, मौत के 213 मामलों को केंद्र के नए दिशानिर्देशों के आधार पर कोविड-19 से मौत के मामलों में जोड़ा गया है.

आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कोविड-19 से 4,80,290 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से महाराष्ट्र में 1,41,454, केरल में 46,822, कर्नाटक में 38,316, तमिलनाडु में 36,744, दिल्ली में 25,106, उत्तर प्रदेश में 22,915 और पश्चिम बंगाल में 19,726 लोगों की मौत हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (7 अगस्त 2020 को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त 2020) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (5 सितंबर 2020) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है.

वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर 2020) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर 2020 को) होने में 12 दिन लगे थे. इसे 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर 2020) होने में 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को 2020) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर 2020 को) होने में 13 दिन लगे. 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर 2020 को) होने में 29 दिन लगे थे.

इसके 107 दिन बाद यानी पांच अप्रैल को मामले सवा करोड़ से अधिक हो गए, लेकिन संक्रमण के मामले डेढ़ करोड़ से अधिक होने में महज 15 दिन (19 अप्रैल को) का वक्त लगा और फिर सिर्फ 15 दिनों बाद चार मई को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए आंकड़ा 1.5 करोड़ से दो करोड़ के पार चला गया. चार मई के बाद करीब 50 दिनों में 23 जून को संक्रमण के मामले तीन करोड़ से पार चले गए थे.

मई रहा अब तक का सबसे घातक महीना

भारत में अकेले मई में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस के 92,87,158 से अधिक मामले सामने आए थे, जो एक महीने में दर्ज किए गए संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं.

इसके अलावा इसी महीने इस बीमारी के चलते 1,20,833 लोगों की जान भी गई थी. इस तरह यह महीना इस महामारी के दौरान सबसे खराब और घातक महीना रहा था.

सात मई को 24 घंटे में अब तक कोविड-19 के सर्वाधिक 4,14,188 मामले सामने आए थे और 19 मई को सबसे अधिक 4,529 मरीजों ने अपनी जान गंवाई थी.

रोजाना नए मामले 17 मई से 24 मई तक तीन लाख से नीचे रहे और फिर 25 मई से 31 मई तक दो लाख से नीचे रहे थे. देश में 10 मई को सर्वाधिक 3,745,237 मरीज उपचाररत थे.

वायरस के मामले और मौतें

दिसंबर महीने में एक दिन या 24 घंटे के दौरान सामने आए संक्रमण के मामलों की बात करें तो बीते 27 दिसंबर को 6,531, 26 दिसंबर को 6,987, 25 दिसंबर को 7,189,  24 दिसंबर को 6,650, 23 दिसंबर को 7,495, 22 दिसंबर को 6,317, 21 दिसंबर को 5,326, 20 दिसंबर को 6,563, 19 दिसंबर को 7,081, 18 दिसंबर को 7,145, 17 दिसंबर को 7,447, 16 दिसंबर को 7,974, 15 दिसंबर को 6,984, 14 दिसंबर को 5,784, 13 दिसंबर को 7,350, 12 दिसंबर को 7,774, 11 दिसंबर को 7,992, 10 दिसंबर को 8,503, नौ दिसंबर को 9,419, आठ दिसंबर को 8,439, सात दिसंबर को 6,822, छह दिसंबर को 8,306, पांच दिसंबर को 8,895, चार दिसंबर को 8,603, तीन दिसंबर को 9,216, दो दिसंबर को 9,765 और एक दिसंबर को 8,954 नए मामले आए थे.

इसी तरह पिछले 24 घंटे में जान गंवाने वाले लोगों की बात करें तो बीते 27 दिसंबर को 315, 26 दिसंबर को 162, 25 दिसंबर को 387, 24 दिसंबर को 374, 23 दिसंबर को 434, 22 दिसंबर को 318, 21 दिसंबर को 453, 20 दिसंबर को 132, 19 दिसंबर को 264, 18 दिसंबर को 289, 17 दिसंबर को 391, 16 दिसंबर को 343, 15 दिसंबर को 247, 14 दिसंबर को 252, 13 दिसंबर को 202, 12 दिसंबर को 306, 11 दिसंबर को 393, 10 दिसंबर को 624, नौ दिसंबर को 159, आठ दिसंबर को 195, सात दिसंबर को 220, छह दिसंबर को 211, पांच दिसंबर को 2,796 (बिहार और केरल में आंकड़ों के पुनर्मिलान के साथ), चार दिसंबर को 415, तीन दिसंबर को 391, दो दिसंबर को 477 और एक दिसंबर को 267 लोगों की मौत हुई थी.

नवंबर महीने में बीते एक दिन या 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 13,091 मामले 11 नवंबर को और केरल में आंकड़ों के पुन:मिलान के बाद सर्वाधिक 621 लोगों की मौत 28 नवंबर को हुई थी.

अक्टूबर महीने में बीते एक दिन या 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 26,727 नए मामले एक अक्टूबर को और केरल में आंकड़ों के पुन:मिलान के बाद सर्वाधिक 805 लोगों की मौत 29 अक्टूबर को हुई थी.

सितंबर महीने में बीते एक दिन या 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 47,092 मामले दो सितंबर को सामने आए, जबकि दो सितंबर को ही सर्वाधिक 509 लोगों की जान गई थी.

अगस्त महीने में बीते 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 46,759 मामले 28 अगस्त को दर्ज किए गए और इस अवधि में सर्वाधिक 648 लोगों की मौत 25 अगस्त को दर्ज की गई थी.

जुलाई महीने में बीते 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 48,786 मामले एक जुलाई को सामने आए और एक दिन में मौत के सर्वाधिक 3,998 मामले (महाराष्ट्र द्वारा आंकड़ों में संशोधन किए जाने के बाद) 21 जुलाई को दर्ज किए गए थे.

जून महीने में बीते 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक मामले तीन जून को 1,34,154 आए थे और इस अवधि में मौत के सर्वाधिक 6,148 मामले (बिहार द्वारा आंकड़ों में संशोधन किए जाने के बाद) 10 जून को सामने आए थे.

अप्रैल महीने में बीते 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 3,86,452 नए मामले 30 तरीख को दर्ज किए गए थे, जबकि सबसे अधिक 3,645 लोगों की मौत 29 तारीख को हुई थी.

मार्च में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 68,020 मामले 29 मार्च को सामने आए थे और महामारी से जान गंवाने वाले लोगों की सर्वाधिक संख्या 31 मार्च को दर्ज की गई. इस दिन 354 लोगों की मौत हुई थी, जो साल 2021 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) का सर्वाधिक आंकड़ा है.

फरवरी माह में 24 घंटे में संक्रमण के सर्वाधिक 16,738 मामले 25 फरवरी को सामने आए थे और इस महीने सर्वाधिक 138 लोगों की मौतें भी इसी तारीख में दर्ज है.

जनवरी में 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 20,346 मामले बीते सात जनवरी को दर्ज किए गए थे. वहीं इस अवधि में सबसे अधिक 264 लोगों की मौत छह जनवरी को हुई थी.

पिछले साल छह सितंबर को संक्रमण के नए मामले पहली बार 90 हजार (90,632) के पार हो गए थे. 28 अगस्त को पहली बार 70 हजार (75,760) के पार, सात अगस्त को पहली बार 60 हजार (62,538) के पार, 30 जुलाई को पहली बार 50 हजार के पार हो गए थे.

इसी तरह पिछले साल 20 जुलाई को यह पहली बार 40 हजार के पार, 16 जुलाई को पहली बार 30 हजार के पार, 10 जुलाई को पहली बार 25 हजार (26,506) के पार, तीन जुलाई को पहली बार 20 हजार के पार, 21 जून को पहली बार 15 हजार के पार और 20 जून को संक्रमण के नए मामलों की संख्या पहली बार 14 हजार के पार हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)